कहानी

नकाबपोश

बाहर बारिश बहुत तेज हो रही थी सभी अपने अपने घरों में दुबके हुए थे ऐसा लग ही नहीं रहा था की इस बारिश  से कोई खुश हो शाम के वही 5-6 बजे होंगे पुरी सड़कें सन्नाटों से घिरा हुआ जैसे लग रहा था ये बारिश सुकून की नहीं बल्कि भय की बरसात हो तभी […]

कहानी

पुत्र रत्न

एक बार ऋषि मेरे घर पधारे ऋषि तो ऋषि होतें है सो उन्होंने बोल दिया तेरे घर बेटा होवेगा लेकिन व संस्कारी + कुसंस्कारी दोनों गुण उन में मौजूद होवेगा बस इतना बोल के वह चुप हो गया ! वह सिर्फ कपड़ो से ऋषि लगता था देखने से तो वह बिलकुल पागल प्रतीत होता था […]

Amrish Puri and Steven Spielberg
इतिहास के पन्नों से मनोरंजन

जब अमरीश पुरी ने कहा- अगर स्टीवन स्पीलबर्ग अपने फ़िल्म में मुझे लेना चाहते हैं तो उन्हें खुद इंडिया आना पड़ेगा

अगर बात फ़िल्मों की खलनायक की हो और अमरीश पुरी का नाम ना आए ऐसा हो ही नहीं सकता. अमरीश पुरी मतलब वो नाम जिसने बच्चे-बच्चों  के दिमाग पर अपनी दमदार आवाज़ और अभिनय की वजह से भय छोड़  गया. आज फ़िल्म प्रेमियों के लिए खौफजादा अमरीश पुरी का जन्मदिन है इसीलिए उनके बारे में […]

विचार

कभी शिक्षा से गौरव कमाने वाला यह राज्य आज अपनी थू थू करवा रहा है

सत्ता के झरोखे से दुनिया को आईना दिखाने वाला बिहार को गर्त में ले जाने वाले इन दल-बदलू नेताओं की तस्वीर को आईना के सामने नर्तन करवा के क्या फायदा ? कहा जाता है की किसी भी चीज को विकसित करने के लिए शिक्षा का होना बहुत ही आवश्यक है लेकिन ये क्या 21वी सदी […]

व्यंग

भई ई जनम में हमसे ना हो पाई

अमा कहने को तो कुछ भी बोल दो मुँह आगे में है और तो और इतना जबरदस्त की दूसरों के मुँह से भी बुलवा लो. सुबह सुबह जब हम अपने घर से रोज की भाती लल्लन की चाय के दुकान के लिए रवाना हो रहे थे की हमारी धर्मपत्नी बोलती है आज तो तुम्हरा खाना […]

विचार

एक कड़वा सत्य देश के नाम

हमारा देश भारत तो 15 अगस्त 1947 को ही फिरंगियों से आज़ाद हो गया था लेकिन हम मासूम जनता को क्या पता था की “घर का भेदी लंका ढहाऐ ” वाली कहावत हम लोगो पर भी दोहराई जा सकती है | एक ओर जहाँ हम 15 अगस्त यानी भारत की आज़ादी की खुशियाँ मनाते है […]