जुर्म

दिन-ब-दिन उलझती जा रही है दरभंगा की बैडमिंटन प्लेयर सिम्मी सलोनी के मौत की गुत्थी

22 जुलाई को हुई दरभंगा की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सिम्मी सलोनी की हत्या पुलिस के लिए दिन ब दिन एक उलझन पैदा करती जा रही है । जैसे जैसे पुलिस इस केस में आगे बढ़ रही है ये केस एक नया मोड़ लेता जा रहा है।

सिम्मी के बदन पर दर्जनों जख्म में से आधे से ज्यादा पुराने जख्म है साथ ही पोस्टमार्टम हाउस से सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी से यह पता चला है कि सिम्मी की मौत उसके शव मिलने से करीब 12-13 घंटे पहले ही हो चुकी थी।


साथ ही आप को यह भी बता दें कि सिम्मी के शरीर पर जो दर्जनों जख्म है वो कई तरह के हैं, कुछ जख्म भाड़ी भरकम चीजों से पहुंचाई हुई लगती है जैसे कि रॉड अथवा भाड़ी पाइप वायग्रा से तो कुछ हल्के चोट है जो चांटे और हाथों क मालूम पड़ते है और अगर हम शरीर के निचले हिस्से की बात करे तो यह जख्म नई और भयावह लगती है । और यही चीज पुलिस की उलझन और परेशानी का शबब बन चुका है कि मौत पोस्टमार्टम से 12 घंटे पहले होती है तो ये जख्म नए कैसे ?

इससे साफ है कि कातिल द्वारा सिम्मी को मारने के बाद उसे नए जख्म देकर उसके घर के सामने फेका गया।

परिवार वालों पर है शक की सुई

शव को जिस तरह से घर के सामने फेका गया है उससे यह प्रतीत होता है कि कातिल हत्या करने के बाद इस मर्डर को एक मिस्ट्री बनाने की भरपूर कोशिश की है लेकिन ये बात समझ से परे है कि परिवार वाले मीडिया और पुलिस को क्यों साफ साफ और सच्च-सच्च बताने से बच रही है

परिवार वालों का कहना है कि पानी टंकी परिसर का गेट हमेशा बंद रहता था लेकिन घटना की सुबह यह खुला हुआ था यह देख के उन्हें कुछ सक हुआ फिर अंदर जा के देखा तो वहाँ सिम्मी का शव मिला तो वहीं गेट के ठीक सामने केंद्रीय जल आयोग में तैनात कर्मियों का कहना है कि गेट बंद था ।

अब किसपे विश्वास किया जाए ये निर्णय ले पाना मुश्किल है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घर के आसपास के लोगों का कहना है कि घटना की रात सिम्मी घर मे काफी देर तक शोर-शराबा हुआ था पर शोर शराबे के पीछे क्या कारण था ये कोई नही बताना चाह रहा है।

इसके साथ एक-दो बातें और हैं जो शक की सुई परिवार के तरफ करती है पहला ये कि शुरू में जब सिम्मी के पिता से इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे सीधे एक्सीडेंट करार दे दिया लेकिन अगर आप मृतिका के शरीर को देखें और ये कहाँ पाई गई थी इस पर गौर करें तो ये एक्सीडेंट कतई नहीं लगता और दूसरी बात ये कि परिवार वालों का कहना है कि सिम्मी अपने पास मोबाइल फोन नही रखती थी

अब इस बात को पचाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है क्योंकि सिम्मी एक स्टेट लेवल की बैडमिंटन प्लेयर थी जो अनेक प्रकार के टूर्नामेंट में भाग लिया करती थी । उसे अलग अलग जगहों पर खेलने जाना होता था और इस प्रकार की इंडिपेंडेंट लड़की अपने पास मोबाइल न रखे ये बात गले नहीं उतरती।

और अब नंबर 3 पर आते हैं परिवार का कहना था कि सिम्मी सुबह 4 बजे जॉगिंग के लिए गयी थी , लेकिन यहाँ गौर करने वाली बात है कि शव जब मिला तो वह सिंपल ड्रेस के साथ चप्पल में थी। आसपास के लोगों का कहना है कि वह जॉगिंग के लिए अक्सर ट्रैकसूट और शूज में जाया करती थी तो अब सवाल यही उठता है कि उस दिन सिंपल ड्रेस चप्पल में कैसे निकल गई।

कुछ दिन पहले हुआ था एक लड़के से विवाद

मौत से कुछ दिन पहले सिम्मी का लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम पोलो मैदान के पास एक लड़के के विवाद हो गया था । कहा जाता है की उस लड़के ने सिम्मी के साथ बदसलूकी की थी जिसके बाद सिम्मी ने उसे पब्लिक के सामने एक-दो चांटे लगा दिए थे । बाद में लोगों ने उस लड़के से माफी मंगवाकर मामले को शांत किया । अब शक की सुई उस लड़के पर भी जा रही है कि बदले की भावना और बेज्जती को भुनाने के लिए कहीं उसने इस घटना को अंजाम दिया हो।

टंकी ऑपरेटर पर भी है शक

जिस पानी टंकी परिसर में सिम्मी का शव मिला उस टंकी ऑपरेटर पर भी शक का बादल मंडरा रहा है आपको बता दें कि ऑपरेटर के रूम का ताला शव के पास टूटा हुआ पाया गया था जिस के बाद उस पर शक गहरा गया । हालांकि अभी तक वह पुलिस के गिरफ्त में नहीं आया है। जिस तरह से पुलिस अभी तक इस केस में लंगड़े की चाल चल रही है उससे कानून व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हो रहें हैं।

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Praful Shandilya
praful shandilya is a journalist, columnist and founder of "The Nation First"
http://www.thenationfirst.com

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