जुर्म

आजीवन कारावास... यही है 'बलात्कारी' आसाराम के कुकर्म की सजा

तारीख 25 अप्रैल दिन बुधवार... आसाराम को जोधपुर के SC- ST कोर्ट ने अगस्त 2013 में किये 16 साल की एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया । दोषी करार दिए जाने के बाद इस मामले में आसाराम के खिलाफ सजा पर बहस हुई जिसके बाद जज मधुसुदन शर्मा ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के अनुसार आसाराम को मरते दम तक जेल में ही रहना होगा साथ ही उन्हें 1 लाख रुपए का जुर्माना भी भरना होगा ।

खबरों की माने तो आसाराम पर धारा 376 (4) के तहत 1 लाख का जुर्माना, आईपीसी की धारा 73 डी के तहत उम्रकैद, आईपीसी की धारा 376 (2)एफ के तहत आजीवन कारावास, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 6 महीने, और धारा 506 के तहत एक साल की सजा सुनाई है। अदालत ने पॉक्सो और एससी-एसटी ऐक्ट समेत 14 धाराओं में आसाराम को दोषी करार दिया।

वहीं इस मामले में दो अन्य दोषियों शरत और शिल्पी को 20-20 साल की सजा सुनाई गयी है। आपको बता दें कि शिल्पी आशाराम के गुरुकुल के छात्रावास की वार्डन थी जो इलाज के बहाने छात्रा को प्रेरित कर आसाराम के पास भेजती थी। वहीं शरत आसाराम के गुरुकुल का संचालक था जिसने छात्रा के माता-पिता को भ्रमित किया कि छात्रा का इलाज सिर्फ आसाराम ही कर सकते हैं।
इन सभी के सजा सुनाये जाने के बाद इस केस से जुड़े सभी गवाहों सहित जज मधुसूदन शर्मा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है वहीं इस केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को विशेष सुरक्षा मुहैया कराई गयी है . महेंद्र चावला ने अपने जान पर खतरे की आशंका जाहिर की थी जिसके बाद उन्हें विशेष सुरक्षा मुहैया कराई गयी .

साल 2013 का है मामला

साल 2013 में यूपी के शाहजहांपुर की रहने वाली 16 साल की एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में रेप का आरोप लगाया था. लड़की के परिजनों ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में आशाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया. बाद में इस मामले को जोधपुर ट्रांसफर कर दिया गया था. आरंभिक जांच के बाद जोधपुर पुलिस ने आसाराम को गिरफ्तार किया था. बाद में कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था.

गवाहों की एक के बाद एक हत्या

आसाराम पर गिरफ्तारी उसके बाद उन पर लगे तमाम आरोपों की सुनवाई के दौरान कई गवाहों की सिलसिलेवार तरीके से हत्या हुई, अपहरण हुए और उन्हें धमकाया गया. रेप मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह को शाहजहांपुर के पुवायन इलाके में गोली मार दी गई थी. वही आसाराम के कभी बेहद करीबी डॉक्टर और बाद में सरकारी गवाह बन गए अमृत प्रजापति की गुजरात में उनके हॉस्पिटल के बाहर ही उन्हें गोली मार दी गयी . इसी तरह दिनेश गुप्ता और सूरत की दो बहनों से रेप के गवाह अखिल गुप्ता की भी गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी. साथ ही केस की सुनवाई के दौरान कई और गवाहों पर हमले हुए. उन्हें धमकाया गया औऱ बयान बदलने का दबाव डाला गया.

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