जुर्म

बिहार में सुशासन की फिर खुली पोल, मुजफ्फरपुर में पूर्व मेयर समीर कुमार की हत्या

रविवार की शाम को बिहार का मुजफ्फरपुर शहर गोलियों की आवाज से दहल उठा. टाउन के बनारस बैंक चौक पर अपराधियों नें शहर के पूर्व मेयर समीर कुमार समेत दो को एके 47 से भून डाला. शाम तकरीबन 6.30 में दबंग भूमिहार नेता समीर कुमार ड्राइवर के साथ पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड कार से अपनें अखाड़ाघाट स्थित होटल से घर लौट रहे थे. बाँध रोड से निकल कर जब उनकी कार बनारस बैंक चौक पर पहुँची, अपराधियों नें उनकी गाड़ी को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. उसके बाद जो कुछ हुआ उसकी कल्पना हीं मुश्किल है .

जब तक समीर कुछ समझ पाते, अपराधियों नें लगभग 4 दर्जन गोलियाँ समीर कुमार और उनके ड्राइवर के शरीर में उताड़ दी. सूचना के अनुसार एके47 की दो मैगजीन खाली कर दी. समीर कुमार और उनके ड्राइवर नें मौके पर हीं दम तोड़ दिया. घटनास्थल से मिल रही तस्वीरों से इस हत्या के विभत्सता का अंदाजा लगाया जा सकता है. घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार अपराधियों की संख्या 15 से 20 के बीच थी. समीर कुमार के शरीर के ऊपर से पेट तक का हिस्सा पूरी तरह क्षत विक्षत हो गया. उनका चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा है. पूरे शहर में पुलिस की दबिश बढ़ा दी गई है.

सारे आला अधिकारी, एसएसपी हरप्रीत कौर घटनास्थल पर मौजूद है. पुलिस जाँच में जुट गई है. यह पता लगानें की कोशिश की जा रही है कि यह किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम है या राजनीतिक रंजिश का. समीर कुमार की छवि दबंग भूमिहार नेता की थी. सूत्रों के अनुसार, समीर कांग्रेस के टिकट पर मुजफ्फरपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़नें वाले थे और बात भी लगभग फाइनल हो गई थी. बिहार विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अनशन को भी उन्होनें सपोर्ट किया था.

समीर कुमार की हत्या नें 1994 के उस घटना की याद ताजा कर दी जब ठीक इसी तरह शहर में हीं कद्दावर भूमिहार नेता छोटन शुक्ला को गाड़ी में हीं गोलियों से छलनी कर दिया था. 'सुशासन' का दावा करनें वाली सरकार में इस तरह की घटना नें एक तरफ जहाँ पुलिसिया व्यवस्था की कलई खोल दी है, दूसरी तरफ लोगों में आक्रोश के साथ भय की माहौल भी बना हुआ है.

1,030 total views, 5 views today

Facebook Comments

Leave a Reply