जुर्म

सीतापुर का भ्रष्टाचार देखकर माथा पीट लेंगे आप, पैसों के लिए कैसे 22 पत्नियों ने पति को मार डाला

ठग्स ऑफ हिंदुस्तान फिल्म तो दुनिया ने देख लिया, फिल्म फ्लॉप भी घोषित कर दी गई. लेकिन आज हम आपको ठग्स ऑफ यूपी की ऐसी कहानी सुनाएंगे जो हमेशा से सुपरहिट थी और आज भी सुपर हिट है. मुफ्त में कागजी हेर फेर करकर योगी सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वाले उत्तर प्रदेश के ठग्स की ऐसी हकीकत हम आपके सामने रखेंगे जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे, सीतापुर में आज से नहीं कई महीनों ने सुहागिनों के खातों में विधवा पेंशन का पैसा आ रहा है.

सोचिए जो असल में बेसहारा और विधवा महिलाएं हैं, वो पेंशन के लिए परेशान हैं, लेकिन सरकारी तंत्र उन्हें तो पेंशन नहीं दे पाया इसकी जगह सुहागिनों को पेंशन मिल रही है, सीतापुर ने सरकारी पैसे के बंदर बाट की वो कहानी देश के सामने रखी जिसपर सिर्फ अफसोस होता है, अफसोस इसलिए क्योंकि इस देश में आज़ादी के बाद से अब तक जितनी भी सरकारें आईं सभी ने सैंकड़ों योजनाओं को जमीन पर उतारा, देशहित और जनता के कल्याण के लिए चली योजनाएं कहां सिमटकर रह जाती है, ये सीतापुर बताता है.

भ्रष्टाचार के खुलासे का श्रेय इस शख्स को जाता है

भ्रष्टाचार ने देश को कैसे जकड़ा है ये सीतापुर बताता है, किसी का हक कैसे मारा जाता है, ये सीतापुर बताता है, पैसे के लिए कैसे किसी का इमान बेईमान हो जाता है ये सीतापुर बताता है, सीतापुर में सुहागिन महिलाओं को विधवा पेंशन मिलने की ये एक खबर नहीं है. ये तो एक कहानी है, जिसका हर एक शब्द जिसकी हर एक लाइन विकसित होते भ्रष्टाचार को बयान करती है. सीतापुर में हुए इस फर्जीवाड़े पर पूरे प्रदेश हैरान है, इस कहानी की शुरुआत इस शख्स से होती है, यही पूरी कहानी का केंद्र है, भ्रष्टाचार के खुलासे का श्रेय इसी को जाता है.

इस शख्स का नाम संदीप कुमार है, संदीप कुमार की शादी 8 महीने पहले जिले के परसेंडी ब्लॉक सरांवा में रोहन लाल की पुत्री प्रियंका से हुई थी. आठ महीने से क्या हो रहा था, संदीप को नहीं पता लेकिन आज से करीब 10 दिन पहले उसने अपनी पत्नी के मोबाइल पर एक मैसेज देखा था. बैंक का मैसेज था, और पत्नी के खाते में पैसे आए थे अब संदीप के सामने सवाल था ये पैसा आया कहां तो संदीप ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी.

पड़ताल में जो सच्चाई संदीप के सामने निकलकर आई, उसने संदीप के होश उड़ा दिए. संदीप को पता चला ये पैसे विधवा पेंशन का आया था, संदीप की पत्नी की बहन को भी विधवा पेंशन मिल रही थी, इसके साथ ही पत्नी के गांव की 22 महिलाओं के खाते में विधवा पेंशन का पैसा आ रहा था, संदीप ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की, इसके बाद जांच की गई तो पता चला ये पैसे प्रोबेशन कार्यालय से सभी के खातों में भेजा गया था.

जिन 22 महिलाओं के खाते में विधवा पेंशन का पैसा आ रहा है उन सभी महिलाओं के पति जिंदा हैं, इसके बाद से सरकारी महकमें में हड़कंप मचा है किसी को समझ नहीं आ रहा है कि ये कैसे हो रहा था, मतलब एक तो सिस्टम ने इस इंसान को जीते जी मार दिया और अगर जब इसने जवाब मांगा तो इसे भगा दिया गया. अनसुना कर दिया गया, इसके बाद जवाब देने की बारी महिलाओं की थी.

वो महिलाएं जिनके खाते में पैसे आ रहे थे, और वो चुपचाप उसपर ऐश कर रही थीं, महिलाओं का सीधा आरोप है, उन्हे झूठ बोलकर पेंशन दी गई, और पेंशन दिलाने के नाम पर उसने शुरू की पेंशन के पैसे भी छीन लिए गए, सर लोग के पास मीडिया पहुंची तो उन्हें पता चला की सीतापुर में ही ये सब हो रहा है, वर्ना महीनों से होते इस फर्जीवाड़े की उन्हें अभी तक कोई खबर ही नहीं थी.

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