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इन 'बिहारी' कलाकारों ने ना केवल बॉलीवुड में इंट्री ली बल्कि लोगों के दिलों पर राज भी किया

बिहार ने तो यूं बड़े-बड़े हस्तियों को जन्म दिया है चाहे वो राजनीति का क्षेत्र हो या शिक्षा का क्षेत्र, मीडिया जगत हो या फिर बॉलीवुड हर जगह बिहारियों का जलवा कायम है भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश का संविधान बनाने तक मे बिहारियों का अहम योगदान रहा है आज हम आपको ऐसे ही 8 बिहारी कलाकारों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने बिहार का नाम विश्व पटल पर अंकित किया है और ये बिहारी कलाकारों न केवल बॉलीवुड में इंट्री ली बल्कि बॉलीवुड के दिल पर राज करते हैं ।

शत्रुघ्न सिन्हा

बिहारी बाबू के नाम से पॉपुलैरिटी हासिल करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा का जन्म 9 दिसंबर 1945 को बिहार के पटना जिला में हुआ था और इनकी प्रारंभिक शिक्षा भी पटना से ही हुई । शत्रुघ्न सिन्हा के तीन भाई थे जो कि डॉक्टर साइंटिस्ट और इंजीनियर थे लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा इन सबसे हट के कुछ करना चाहते थे तो इन्होंने बॉलीवुड में अपना कदम रखने की ठानी लेकिन ये उनके पिता के मर्जी के खिलाफ था और बगैर उनकी जानकारी के पुणे फ़िल्म इंस्टीट्यूट का फॉर्म मंगवाया लेकिन सवाल था कि पिता के खिलाफ जा कर गार्जियन के रूप में इस पर हस्ताक्षर कौन करेगा क्योंकि उनके पिता तो हस्ताक्षर करने से रहे क्योंकि वो चाहते थे कि वो भी अपने भाई के तरह ही कुछ बने ।

ऐसे में उनके बड़े भाई लक्षमण उनका सहारा बने और शत्रुघ्न सिन्हा के ज़िंदगी का रुख बदल गया और पुणे फ़िल्म इंस्टीट्यूट मे दाखिला लिया कोर्स कंप्लीट करने के बाद उन्हें उनके कटे होंठ के कारण मौका काफी देर से मिली । सिन्हा साहब की पहली फिल्म 1969 में साजन आई और उसके बाद दीवाना हूँ पागल नही,क्रांति,रन भूमि, और रक्त चरित्र जैसे सैकड़ों फिल्मे उन्होंने किया जो ज़बरदस्त हिट रही थी और इन्ही हिट फिल्मों के कारण बॉलीवुड ने इन्हें शार्ट गन और बिहारी बाबू जैसे नाम दिया और इनकी सबसे फेमस डॉयलोग 'खामोश' थी जो आज तक बॉलीवुड के कानों में गूंजती है लेकिन अब सिन्हा साहब बॉलीवुड से दूर राजनीति में सक्रिय हैं ।

सोनाक्षी सिन्हा

सोनाक्षी सिन्हा का जन्म 2 जून 1987 को मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ और उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुम्बई के आर्य विद्या मंदिर से शुरु हुई और श्रीमती नाथीबाई दामोदर थ्रैक्रेस महिला विश्वविद्यालय से फैशन डिजाइनिंग की कोर्स कर अपनी पढ़ाई पूरी की। सोनाक्षी सिन्हा के लिए बॉलीवुड में कदम रखना काफी आसान था क्योंकि उनके पिता उस समय के सुपरस्टार थे जो बिहारी बाबू के नाम से जाने जाते हैं । सोनाक्षी सिन्हा ने अपने कैरियर की शुरुआत 2005 में 'मेरा दिल लेके देखो' में बतौर कॉस्ट्यूम डिजाइनर से की उसके बाद लैक्मे फैशन वीक में रैम्प पर चली और बतौर अदाकार सलमान खान की फ़िल्म 'दबंग' से की जो 2010 में आई थी उसके बाद सोनाक्षी सिन्हा ने कई फिल्में की रॉउडी राठौर, अकीरा,फ़ोर्स 2 और इत्तेफाक जैसी हिट फिल्मों में वो काम कर चुकी हैं।

प्रकाश झा

प्रकाश झा का जन्म बिहार के चंपारण जिला में 27 फरवरी 1952 में हुआ था और इनकी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत तिलैया के सैनिक स्कूल से से हुई उसके बाद उन्होंने बीएससी ऑनरस से स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से किया । प्रकाश झा अपनी कैरियर की सुरुआत एक पेंटर के रूप में करना चाहते थे लेकिन जब वो दिल्ली आए तो 'धर्म' फ़िल्म की शूटिंग देखने के बाद बॉलीवुड में काम करने की ठानी और 1973 में उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया ।

झा ने अपने कैरियर की शुरुआत एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म 'द ब्लू' से किया जिसके बाद उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री फिल्मे बनाई। प्रकाश झा को पहला नेशनल फ़िल्म अवार्ड उनकी शार्ट मूवी के लिए मिला था जिसे उन्होंने बिहार के दंगे पर फिल्माया था लेकिन इस शार्ट मूवी को बैन कर दिया गया । उसके बाद 29 अगस्त 2003 में आई फ़िल्म 'गंगाजल' जो सुपर डुपर हिट रही थी उसके बाद उन्होंने 2005 में अपहरण, 2010 में राजनीति, 2011 में आरक्षण, 2013 में शत्याग्रह और 2016 में जय गंगाजल जैसी हिट फिल्में बनाई।

मनोज वाजपेयी

मनोज वाजपेयी का जन्म भी बिहार के चंपारण जिले के एक छोटे से गांव बेलवा में हुआ था और इनकी प्रारंभिक शिक्षा बेतिया के के. आर. हाई स्कूल से हुई उसके बाद उन्होंने दिल्ली के रामजस कॉलेज से आगे की पढ़ाई पूरी की. मनोज वाजपेयी ने कई बार राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय मे अपना दाखिला करवाना चाहा लेकिन वो असफल रहे तो उन्होंने बैरी जॉन के साथ रंगमंच किया ।

मनोज वाजपेयी ने अपने कैरियर के शुरुआत 1994 में शेखर कपूर की फ़िल्म 'बैंडित क्विन' से की और 1998 में रामगोपाल वर्मा की फ़िल्म 'सत्या' ने उन्हें बुलंदियों पर पहुँचा दिया उसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्म स्पेशल 26, शूट आउट एट वडाला, सत्याग्रह, ट्रैफिक और अलीगढ़ जैसी फिल्में की जो बडे पर्दे पर हिट रही थी । मनोज वाजपेयी हर रोल मे फिट बैठते हैं चाहे उन्हों पोजेटिव रोल मिला हो या निगेटिव हर रंग मे उन्होने बॉलीवुड के दिलों पर राज किया ।

नेहा शर्मा

नेहा शर्मा का जन्म बिहार के भागलपुर जिले में 21 नवंबर 1987 को हुआ था और इनकी प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर के माउंट कार्मेल स्कूल से पूरी हुई उसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी से फैशन डिजाइनर की पढ़ाई पूरी की करने बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया मे अपना कदम रखा और अपने कैरियर की शुरुआत तेलुगु फ़िल्म 'चिरत' से की जिसमे उन्हे लिड एक्ट्रस का रोल मिला था और उसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा. उनकी बॉलीवुड की पहली फ़िल्म क्रुक थी उसके बाद तेरी मेरी कहानी, क्या सुपर कुल हैं हम ,जयंता भाई की लव स्टोरी और यंगिस्तान जैसी फिल्मों में उन्होंने ने काम किया और आने वाली हेरा फेरी 3 में भी नज़र आएंगी ।

संजय मिश्रा

संजय मिश्रा का जन्म पटना में 1963 में हुआ था इनके पिता शम्भू नाथ मिश्रा एक मशहूर पत्रकार थे । संजय मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा बनारस के केंद्रीय विद्यालय बीएचयू कैम्पस से शुरु हुई और उसके बाद उन्होंने नेशनल स्कूल अँफ ड्रामा से बैचलर की डिग्री प्राप्त की । संजय मिश्रा ने फिल्मों में एक कॉमिडीयन के रूप में अपनी खास पहचान बनाई है । संजय मिश्रा की पहली फ़िल्म 'ओह डार्लिंग ये है इंडिया' थी जिसमे उन्होंने हारमोनियम बजाने वाले कि एक छोटी से भूमिका अदा कर दर्शकों का दिल जीत लिया था । संजय मिश्रा को एक टीवी सीरियल ऑफिस ऑफिस में शुक्ल जी के किरदार ने भी काफी लोकप्रियता दिलाई उसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों सत्या , दिल से , फिर भी दिल है हिंदुस्तानी , गोलमाल रिटर्न्स, गोलमाल 3, फस गए रे ओबामा और किक जैसे हिट फिल्मों में काम किया ।

सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत का जन्म बिहार के पटना जिले में 21 जनवरी 1986 को हुआ था और इन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली के प्रोधोगिकी विश्वविद्यालय से पूरी कि । सुशांत सिंह राजपूत ने अपने कैरियर की शुरुआत एक टीवी सीरियल 'किस देश मे है मेरा दिल' से किया था लेकिन उन्हें लोकप्रियता एकता कपूर की सीरियल 'पवित्र रिश्ता' से मिली जिसके बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिलने शुरू हुए और कैरियर की पहली फिल्म 'काय पो चे' बनी . जिसमे इनके अभिनय की काफी तारीफ की गई उसके बाद इन्होंने कई फिल्में शुद्ध देशी रोमांस, डिटेक्टिव वयोमकेश बक्शी, एम एस धोनी, राब्ता जैसी फिल्में दी ।

नीतू चंद्रा

20 जून 1984 को बिहार के पटना जिला में जन्मी नीतू चंद्रा बॉलीवुड की अभिनेत्री के साथ साथ फिल्म निर्माता भी हैं । नीतू चंद्रा की प्रारंभिक शिक्षा पटना के नोट्रे डैम अकादमी से शुरु हुई और उसके बाद उन्होंने अपने की स्नातक पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पूरा किया । 1997 में नीतू चंद्रा वर्ल्ड ताईकांडो की विजेता रही थीं और होंगकांग में भारत का नाम रौशन किया साथ ही इन्हें इस खेल में ब्लैक बेल्ट से सम्मानित किया गया था । नीतू चंद्रा कॉलेज टाइम से ही मॉडलिंग भी किया करती थीं और कई कंपनियों के लिए इन्होंने ऐड किया । नीतू चंद्रा ने बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरुआत अक्षय कुमार के साथ फ़िल्म गरम मसाला से की उसके बाद उन्होंने कई तमिल फिल्मों में भी काम किया ।

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