इतिहास के पन्नों से राजनीति

नहीं रहे दिल्ली में बीजेपी की जड़ें जमानें वाले मदनलाल खुराना!

भारतीय जनता पार्टी और संघ परिवार का एक जाना पहचाना चेहरा आज सदा के लिए संसार को अलविदा कह गया. हम बात कर रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे मदनलाल खुराना की. 82 वर्षीय खुराना,  27 अक्टूबर की रात 11:00 बजे सदा के लिए इस दुनिया से रूखसत हो गये. इस बात की जानकारी उनके […]

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जयंती विशेष: पंडित नेहरू को भी संसद में खरी खोटी सुनानें वाले राष्ट्रकवि दिनकर जैसा कोई नहीं!
इतिहास के पन्नों से

पंडित नेहरू को भी संसद में खरी खोटी सुनानें वाले राष्ट्रकवि दिनकर जैसा कोई नहीं!

हिंदी भाषा के कवियों की गिनती कम नहीं रही है लेकिन ऐसे भी कवि नहीं हुए जो राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की बराबरी कर लें. आजकल के कवि जब एक पक्षीय होकर लेखन कार्य करते हैं, उन्हें इस बात की चिंता सताते रहती है कि हमें अमुक को खुश करना है तो उसको ध्यान में […]

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वो 5 महिलाएं जिनके बेहद करीब थे महात्मा गांधी, एक को बताते थे अपनी आध्यत्मिक पत्नी
इतिहास के पन्नों से

वो 5 महिलाएं जिनके बेहद करीब थे महात्मा गांधी, एक को बताते थे अपनी आध्यत्मिक पत्नी

महात्मा गांधी एक ऐसे व्यक्ति थे जो शायद ही कभी अकेले रहे हों । अगर उनकी जीवन काल के उपर लिखी गई पुस्तकों को खंगाला जाये तो ये पता चलता है कि महात्मा गांधी के आसपास हमेशा कुछ लोग ज़रूर रहते थे चाहें वो आम आदमी हो या फिर राजनीति के मोहरे । कहा जाता […]

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'कोहिनूर' को पाने के लिए रंजीत सिंह ने इस शासक को उसी के किले में कर लिया था कैद
इतिहास के पन्नों से

'कोहिनूर' को पाने के लिए रंजीत सिंह ने इस शासक को उसी के किले में कर लिया था कैद

इतिहास के पन्नो में अपना खास स्थान रखने वाला इस कोहिनूर हीरे को हर कोई अपने मुकुट या फिर अपने दरबार में रख कर उसकी खूबसूरती को बढ़ाना चाहता था और ऐसा मौका रंजीत सिंह के पास चल कर खुद आया था । अब तक तो उन्होंने केवल इस हीरे का नाम सुना था लेकिन […]

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अगर प्लासी का युद्ध सिराजुद्दौला जीत गया होता तो भारत का इतिहास कुछ और होता
इतिहास के पन्नों से

अगर प्लासी का युद्ध सिराजुद्दौला जीत गया होता तो भारत का इतिहास कुछ और होता

कहा जाता है कि अगर प्लासी का युद्ध सिराजुद्दौला जीत गया होता तो यहीं से अंग्रेज वापस चले गये होते इसके साथ ही भारत में उनके विस्तार के रास्ते भी बंद हो जाते और हिन्दुस्तान का इतिहास बदल गया होता लेकिन सिराजूद्दौला का युद्ध जीतना मुश्किल था क्योंकि नवाब (सिराजुद्दौला) उस समय अपने ही घर […]

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इतिहास के पन्नों से

मेजर सोमनाथ शर्मा ! शौर्य और पराक्रम का एक अनोखा संगम

आज कश्मीर का जो हिस्सा भारत के पास है, उसका श्रेय जिन वीरों को जाता है, उनमें से मेजर सोमनाथ शर्मा का नाम अग्रणी है । 31 जनवरी, 1923 को ग्राम डाढ (जिला धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश) में मेजर जनरल अमरनाथ शर्मा के घर में सोमनाथ का जन्म हुआ। सैनिक परिवार में जन्म लेने के कारण […]

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इतिहास के पन्नों से

प्राणसुख यादव: एक महान योद्धा जिसे हम भुल गए

यादव कूल ने हमेशा से भारत की भूमि की रक्षा की है । इनके शौर्य,अनुशासन,और कर्तव्य निर्वहन की अद्वितीय क्षमता ने हमारे समाज को हमेशा ही जगाए रखा है । इसी कूल में जन्म हुआ एक ऐसे विलक्षण प्रतिभा का जिनमें साहस और अपनी मिट्टी से प्यार कुट कुटकर भरा हुआ था। 6 फुट के […]

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इतिहास के पन्नों से राजनीति

जब जनसंघ ने कांग्रेस से हिंदूवादी पार्टी होने का तमगा छीन लिया था

कांग्रेस के इतिहास को अगर खंगाला जाए तो पता चलता है की कोंग्रेस अपने जन्म  से हिन्दू समर्थक होने का तमगा  ले कर  घूमती  रही थी  क्योंकि हिन्दू समर्थक होने के कारण ही इस पार्टी ने बहुत कुछ खो दिया, मोहम्मद अली जिन्ना जैसा नेता इस पार्टी का धुरविरोधी बन गया जो कभी कदम से […]

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इतिहास के पन्नों से जरा हटके राजनीति

क्या है आरक्षण का इतिहास, देश में पहली बार कब लागु हुआ था आरक्षण

भारत  एक ऐसा देश है जहां की राजनीति जातीवाद और आरक्षण से शुरू होती है और उसी के गलीयारे मे  दम भी तोड़  देती है । पार्टी कोई भी हो उसका चुनावी मुद्दा मात्र जातीवाद और आरक्षण से ही शुरू होती है और तमाम चुनावी वादे भी कहीं न कहीं इसी के परिधी मे घुमती […]

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इतिहास के पन्नों से जरा हटके राजनीति

कौन है प्रवीण तोगड़िया और क्यों बना वाजपेयी और मोदी का धुरविरोधी

प्रवीण तोगड़िया का जन्म 1956 में गुजरात के अमरेली में एक किसान परिवार हुआ था और इनकी शिक्षा अहमदाबाद में पूरी हुई । कहा जाता है कि जब ये छोटे थे तब इन्हें सोमनाथ मंदिर जाने का अवसर प्राप्त हुआ लेकिन जब इन्होंने उस मंदिर के टूटे हुए अवशेषों को देखने के बाद उन्हें हिन्दुत्व […]

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