Mulayam singh yadav and kuldeep nayyar
इतिहास के पन्नों से राजनीति

जब मुलायम सिंह के प्रधानमंत्री बनने के सपने पर पत्रकार कुलदीप नैयर ने पानी फेर दिया था

उत्तर प्रदेश में जब बात राजनीति की हो रही हो और वहां एक मामूली किसान से मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय करने वाले नेता मुलायम सिंह यादव का नाम न आए तो पूरा राजनीति का स्वाद फीका लगने लगता है । मुलायम सिंह अपने रोबीले अंदाज और बाहुबल की ताकत के बदौलत राजनीतिक अखाड़े के पहलवान माने जाते हैं । एक ऐसा राजनीति का पहलवान जो मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय करने में तमाम कारनामों को अंजाम देता हुआ लगातार आगे बढ़ता चला गया ।

लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होने के बाद प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देखने लगे और शायद बन भी जाते अगर लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, चंद्रबाबू नायडू और वीपी सिंह उनके रास्ते में रोड़ा न बनते । एक भाषण के दौरान मुलायम सिंह यादव ने खुद कहा था कि मैं प्रधानमंत्री बन गया होता अगर इन लोगों ने अरंगा नहीं लगाया होता ।

मुलायम सिंह के प्रधानमंत्री बनने में लालू प्रसाद यादव और वीपी सिंह के अलावा सबसे बड़ा रोड़ा बने उस समय के प्रख्यात पत्रकार कुलदीप नैयर । उस समय मुलायम सिंह के पास 17 सांसद थे और मुलायम सिंह खुद देवगौड़ा सरकार में रक्षा मंत्री थे लेकिन डेढ़ साल के अंदर ही देवगौड़ा की सरकार गिरने के बाद मुलायम सिंह यादव को ये लगने लगा कि ये प्रधानमंत्री बनने का सबसे सुनहरा मौका है तो वो भागे-भागे लेफ्ट के नेता कॉमरेड हरकिशन सिंह सुरजीत के पास पहुंचे ।

कुलदीप नैयर के कारण टूट गया मुलायम का सपना

तब हरकिशन सिंह को भी ये लगने लगा कि मुलायम सिंह एक सच्चा समाजवादी है, एक सचा समाज सेवक है लोगों के दुख दर्द को समझता है और यही अल्पसंख्यकों का सच्चा नेता है । उस समय हरकिशन सिंह लगभग मन बना चुके थे कि संयुक्त पार्टी का अगला नेता मुलायम सिंह को ही होना चाहिए तभी कुलदीप नैयर की दखलंदाजी होती है और मुलायम सिंह का प्रधानमंत्री बनने का सपना एक बार फिर टूट जाता है ।

कुलदीप नैयर हरकिशन सिंह के पास पहुँचते हैं, और हरकिशन सिंह से कहते हैं आप किसे राजनीति का पितामह बनाने की कोशिश कर रहें हैं ? उसे जो अब तक का सफर कट्टों, लूट, अपहरण बलात्कार और अपने विरोधियों को ठिकाने लगाने जैसे कारनामों को अंजाम देने के बाद यहां तक का रास्ता तय किया है ।

कुलदीप नैयर के मुख से मुलायम सिंह के लिए ऐसी बातें सुन कर हरकिशन सिंह हक्का-बक्का रह गए और हो भी क्यों न हरकिशन सिंह मुलायम सिंह को अल्पसंख्यकों का मसीहा जो मानते थे । ये सुनने के बाद कॉमरेड हरकिशन सिंह पीछे हट गए और मुलायम सिंह का सपना एक बार फिर टूट कर बिखर गया और वो ऐसा बिखरा की फिर भविष्य में कभी जुड़ नहीं पाया ।

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