इतिहास के पन्नों से जरा हट के

1857 की वो क्रांतिकारी जो दिन में अंग्रेजो से लड़ती और रात में उन्हीं के छावनियों में नाचती थी

1857 की क्रांति तो आप सबों ने पढ़ा ही होगा इस क्रांति को किसी ने धार्मिक क्रांति ,किसी ने सामाजिक क्रांति तो किसी ने इसे सिपाही विद्रोह कह कर संबोधित किया था साथ ही विद्वानों का ये भी मानना था कि अगर यह विद्रोह टुकड़ों में ना होकर एक साथ लड़ा जाता तो शायद देश उसी दिन आजाद हो जाता क्योंकि टुकड़ों में ही सही इस क्रांति की आग में पूरा देश जल रहा था और उसी आग में जलने वाली एक महिला क्रांतिकारी थी जिसका नाम शायद कम लोग ही जानते हैं उस महिला क्रांतिकारी का नाम था अजीजन बाई जो पेशे से एक नर्तकी थी।

अजीजन बाई का जन्म लखनऊ में हुआ था और इनके पिता उस समय के विख्यात गायक थे लेकिन पिता और माता की मृत्यु के बाद अजीजन लखनऊ से कानपुर आ गई और गायकी छोर सुत काटने का काम शुरु किया और वही रह कर 1857 की क्रांति में अपना सहयोग देना शुरु किया इसके लिए उन्होंने महिलाओं की एक टीम बनाई जिससे क्रांतिकारीयों की सहायता की जा सके । वो अपने टीम को प्रशिक्षण सूबेदार टिका सिंह के घर पर दिया करती थी क्योंकि टिका सिंह का घर काफी सुरक्षित था ।

कहा जाता है कि अजीजन बाई दिन में पुरुष वेष में अंग्रेजों से लड़ती थी और रात में नर्तकी बन अंग्रेजों के छावनियों में नाचने गाने का काम किया करती थी और उसी दौरान अंग्रेजों के खिलाफ जासूसी  कर क्रांतिकारीयों की मदद करती थी और साथ ही ये भी कहा जाता है कि जब तात्यां टोपे ने क्रांतिकारीयों के खाने की जिम्मेदारी अजीजन बाई को सौंपा तो वो इस काम के साथ साथ उनके लिए विस्फोटक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भी पहुचाया करती थी । अजीजन बाई घोड़े पर सवार हो कर युद्ध के साथ साथ घायल सिपाहियों की मदद भी करती थी  ।

लेकिन इसी बीच बिठुर में हुए युद्ध में जब नाना साहेब और तात्यां टोपे को पराजय हाथ लगी तो उनके पास भागने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नही था और उन्होंने ऐसा ही किया लेकिन अजीजन अंग्रेजों के हाथ लग गई और उन्हें जेनरल हैवलॉक के सामने पेश किया गया तो हैवलॉक उनकी खूबसूरती पर मुग्ध हो कर और अजीजन बाई से बोला कि वो हम से माफी मांग ले तो उसे माफ कर दिया जाएगा और वो फिर में नाच गाना कर हमारा दिल बहला सकती है अन्यथा कड़ी से कड़ी सजा दिया जाएगा और अजीजन बाई ने माफी मांगने से साफ मना कर दिया और कहा कि माफी तो तुम्हे मांगना चाहिए जिसने भारतीयों पर इतने जुल्म किया है ।

एक नर्तकी का जवाब सुन कर अंग्रेजों के होश उड़ गए और अजीजन बाई को मौत के घाट उतारने का आदेश दिया और फिर उनके बदन को गोलियों से छल्ली कर दिया गया और इस तरह अजीजन अपने देश के लिए शहीद हो गई ।

हिंदुस्तान का वो नेता जो चाहता था भारत हमेशा अंग्रेजी हुकूमत का गुलाम रहे

 

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