मेरे पास माँ है | Mother's Day 12 मई
जरा हटके

मेरे पास माँ है!

'मेरे पास माँ है' ये डायलॉग तो सुना ही होगा आपने. फ़िल्म दीवार की ये बहुत फेमस डायलॉग है जो शशि कपूर द्वारा बोला गया है. जब अमिताभ बच्चन पैसे के नशे में चूर शशि कपूर से पूछते हैं मेरे पास बंगला है, गाड़ी है, बैंक बैलेन्स है... तेरे पास क्या है ? तभी शशि कपूर बड़े ही शालीनता से कहतें हैं मेरे पास माँ है और फिर उसके बाद बच्चन साहब के पास बोलने को कुछ शब्द नही बचता.

जी हाँ दोस्तों... माँ कुछ ऐसी ही चीज है, जिसके पास होती है उसके पास दुनिया की सारी संपत्ति होती है और जिसके पास नही होती उसके पास दुनिया की कीमती से कीमती सामान होने के बावजूद कुछ नही होता शायद इसीलिए उर्दू के लोकप्रिय शायर मुनव्वर राणा ने भी कहा है किसी के हिस्से में जमीं आई, किसी के हिस्से में मकां आई मैं घर मे सबसे छोटा था मेरे हिस्से माँ आई.

और बड़ा किस्मत वाला होता है वो जिसके हिस्से में माँ आती है. कहते हैं माँ की ममता का कोई मोल नहीं होता , माँ की ममता अतुल्य होती है जिसमें अपने लिए कोई मोह और लालच न हो... कोई उससे सुख प्राप्त करने की आशा न हो .वो तो बस इतना चाहती है कि उसकी संताने हमेशा सुखी रहे, हँसता-मुस्कुराता रहे।

माँ एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही हमारे मन मे ममता की प्रतिमा बनती है या यूं कहें माँ ममता के मंदिर की वो प्यारी मूरत है जिसके पास करुणा और दया का अथाह सागर है जो अपने बच्चों के हर गलती को माफ़ कर उसे सीने से लगा लेती है. दुनिया मे एकलौती वो माँ ही होगी जो साल के 365 दिन बिना कोई वेतन या छुट्टी लिए अपने परिवार के लिए कार्य करती है फिर भी उसे किसी से कोई शिकवा या शिकायत नही होता।

कल्पना कीजिये अगर एक दिन के लिए भी माँ ये ना करे तो हमारे घर का क्या हाल होगा ? सोंच लिया ! पूरे घर का रूटीन डिस्टर्ब हो जाएगा न... अब जरा ये भी कल्पना कीजिये कि माँ के एक दिन का सारा काम आपको मिल जाये करने के लिए .. मात्र एक दिन तो आप अपने आप को किस हालत में पाते हैं , आपका तो पता नही लेकिन मुझे तो कल्पना मात्र से ही डर लगता है ।

सोचिये जिसकी कल्पना मात्र से हमे डर लगने लगता है वो काम रोज करती हैं । माँ एक शक्ति है, माँ दृढ़ संकल्प का दूसरा नाम है, माँ बलिदान की एक मिसाल है । दुनिया के सभी माँओ को मेरा शत् शत् नमन।

मदर्स डे स्पेशल

जब रो पड़ी थीं मां

 मां जैसी दुनिया में कोई भी नहीं

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Praful Shandilya
praful shandilya is a journalist, columnist and founder of "The Nation First"
http://www.thenationfirst.com

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