जरा हटके

एक ऐसी आईएएस महिला अफसर जो नृत्य से लोगों को मदहोश कर देती हैं

आज हम आपको एक ऐसी लेडी की कहानी बताने जा रहे हैं जो देश के सबसे बड़े प्रशासनिक सेवा में कार्यरत है यानी कि आईएएस के पोस्ट पर तैनात है लेकिन जब ये लेडी आईएएस मंच पर थिरकती हैं तो लोग मंत्रमुग्ध हो कर देखते हैं । जब लेडी आईएएस अपने नृत्य का प्रदर्शन करती हैं तो हॉल खचा-खच भर जाता है ।

जब वो भरतनाट्यम के कॉस्ट्यूम में थिरकती हैं तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज उठता है । हाल, भाव, ताल और राग के साथ साथ नृत्य भंगिमाओं से ऐसी समा बंधती है की लोग मदहोश हो जाते हैं और जब तक उनका कार्यक्रम चलता है तब तक लोग कुर्सी से ऐसे चिपके रहते हैं मानो कुर्सी पर फेवीक्विक लगा हो ।

हम बात कर रहे हैं कविता रामू की जो तमिलनाडु काडर की 2002 बैच की आईएएस हैं । लेकिन आज रामू केवल एक आईएएस अफसर नहीं हैं बल्कि वो भरतनाट्यम में अपनी एक खास पहचान बना चुकी हैं । कविता रामू अब तक 600 से अधिक परफॉर्मेंस कर चुकी हैं और ये केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पॉपुलैरिटी हासिल कर चुकी हैं । इसके लिए उन्हें कई अवार्ड से भी नवाजा जा चूका है ।

कविता की माँ का नाम मनिमेगलि है जो शादी से पहले अर्थशास्त्र की प्रोफेसर थीं लेकिन बाद में उन्हें डांस का पैशन चढ़ा और प्रख्यात डांसर नीला कृष्णमूर्ति को अपना गुरु बना कर उन से डांस सीखने लगीं । उस समय कविता 4 साल की थीं जब उन्हें डांस सीखाना शुरु किया गया था और जब वो 8 साल की हुईं तो उस समय तमिलनाडु के चिदंबरम शहर में विश्व तमिल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था।

नर्तकी से आईएएस बनने तक का सफर

उस समय महज 8 साल की उम्र की बच्ची ने स्टेज पर ऐसा परफॉर्मेंस किया कि सब देखते ही रह गए और फिर यहीं से  कविता ने स्टेज पर अपनी कला का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया । इसके बाद कविता ने प्रसिद्ध डांसर केजे सरसा को अपना गुरु बना उनसे डांस की बारीकियां सीखने लगीं । वक़्त बीतता गया और कविता डांस के क्षेत्र में मशहूर होती चली गईं । आज उनका परफॉर्मेंस विदेशों में भी प्रचलित हो चुका है ।

कविता रामु के पिता एम रामू एक आईएएस अधिकारी थे । तो कहीं न कहीं उनमे एक डांसर के साथ साथ उनके पिता का गुण भी मौजूद था और उनके पिता भी अपनी बेटी को आईएएस बना देखना चाहते थे लेकिन डांस कविता का पैशन बन चुका था । कविता डांस को छोड़ना भी नहीं चाहतीं थीं और अपने पिता का सपना भी पूरा करना चाहतीं थीं । एक वक्त ऐसा आया कि कविता दो के बीच सामंजस्य स्थापित करने में सफल रहीं और अर्थशास्त्र से अपना ग्रेजुएशन कम्पलीट किया ।

उसके बाद 1999 में उन्होंने तमिलनाडु स्टेट सिविल सर्विसेज को पास किया । फिर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया । 2002 वो साल था जब उन्होंने संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा को पास किया और अपने पिता के सपने को साकार करने में सफल रहीं । इसके बाद उन्होंने कई पदों पर काम किया । लेकिन अपने डांस के प्रति दीवानगी को कभी कम नहीं होने दिया ।

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