इतिहास के पन्नों से जरा हटके

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन की ये दुर्लभ कहानियां किसी का दिल जीतने के लिए काफी नही बहुत काफी है

डॉ  एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11 वें राष्ट्रपति. विनम्रता और उदारता के धनी. जमीन से जूड़े व्यक्ति, विद्यार्थियों से खास लगाव,और पढ़ाना खास हॉबी। इतना विनम्र और उदारवादी राष्ट्रपति मैंने आज तक नही देखा और ना ही सुना । और इसीलिए कलाम साहब को मैं युगपुरुष कहता हूँ जो हर एक युग मे केवल एक ही बार पैदा होता हो. भारत के लिए कलाम साहब के योगदानों की अगर बात की जाए स्पेस और डिफेंस प्रोग्रामस में उनके योगदानों को भला कौन भूला सकता है, भारत के इस मिसाइल मैन की जितनी भी तारीफ की जाए कम है इन्होंने भारत के सभी वर्गों के लोगों का दिल जीता है . शायद इसीलिए उन्हें पीपलस प्रेसीडेंट के नाम से संबोधित किया जाता है।

आज हम आपको भारत के इस मिसाइल मैन की ऐसी दुर्लभ कहानियां बताएंगे कि आपको इनके व्यक्तित्व पर प्यार और आदर जबदस्त उमड़ेगी.

बच्चों के साथ फोटो खिंचवाने के खातिर इवेंट में लेट जाना मंजूर था डॉ कलाम को

डॉ कलाम वक़्त के इतने पाबंद थे कि उन्हें अपने दिए वक़्त से 1 मिनट भी लेट मंजूर नहीं था लेकिन एक बार जब IIM अहमदाबाद में उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया जहां उन्हें 60-70 बच्चों को एक स्पीच देनी थी . स्पीच खत्म होने के बाद  बच्चे एक एक कर कलाम साहब के साथ फोटो खिचवाना चाहते थे। कलाम को उस इवेंट के बाद कहीं दूसरे इवेंट में भी जाना था . वो लेट हो रहे थे इसीलिए इवेंट आर्गेनाइजर ने बच्चों को चुप करवाने की कोशिश करने लगे। लेकिन सबको आश्चर्य और हैरानी तब हुई जब कलाम साहब ने लेट होने के वाबजूद आर्गेनाइजर से कहा कि वो वहाँ से तब तक नहीं जाएंगे जब तक हर एक आदमी जो उनके साथ फोटो  खिचवाना चाहता हो वो फोटो खिंचवा न ले.

जब टीनएजर्स बच्चों ने डॉ कलाम से मिलने का समय मांगा

भारत के राष्ट्रपति होने के नाते डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के पास बहुत सारे रेकेस्ट्स आते रहते थे उनसे मिलने हेतु उसी क्रम में  एक बार कुछ टीनएजर्स बच्चों ने कलाम साहब से मिलने का समय मांगा तो डॉ कलाम ने उन बच्चों को फौरन राष्ट्रपति भवन के पर्सनल चैम्बर में बुलवाकर उन्हें ना सिर्फ अपना कीमती समय दिया और उनसे मिले बल्कि उन बच्चों की आइडियाज फीडबैक को भी एकाग्रता से लंबे समय तक सुनते रहे।

जब डॉ कलाम ने दीवार पर टूटी कांच लगवाने से यह कहकर मना कर दिया कि इससे पक्षियों को नुकसान होगा

ये बात तब की है जब डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO) की टीम के साथ बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर बात कर रहे थे। तब डॉ कलाम ने कहा कि अगर हम सुरक्षा के मद्देनजर दीवार पर टुटा हुआ कांच लगायेंगे तो इस पर बैठने वाले पक्षियों को नुकसान पहुँचेगा

जब चीफ गेस्ट के तौर पर कलाम साहब ने एक मोची को बुलाया

ये बात उन दिनों की है जब डॉ कलाम राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार एक इवेंट में शरीक होने त्रिवेंद्रम के केरला राजभवन गए थे। जहां उनके पास अपनी तरफ से किन्ही दो लोगो को बुलाने का अधिकार था तो वहाँ उन्होंने किसी हाई-फाई आदमी को बुलाने की वजाय एक मोची और दूसरा एक छोटे से होटल मालिक को बुलाना उचित समझा। बतौर वैज्ञानिक डॉ कलाम त्रिवेंद्रम में काफी समय रहे थे और उसी समय से उन दोनों को जानते थे।

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