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गाज़ियाबाद पुलिस का ‘रोमांस स्कैम’ सोशल मीडिया के आशिकों की आएगी शामत

सोशल मीडिया एक ऐसा नाम जो युवा पीढ़ी में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, आधुनिकता के इस दौर में करीब 70 करोड़ लोगों के पास फोन है और हर कोई सोशल मीडिया पर घंटों समय बिता रहा है, 2018 के अंत में सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड चला है, जिसकी गिरफ्त में युवा पीढ़ी बहुत आसानी से आ रही है, सोशल मीडिया पर एज़हार और आशिकी का ये वो ज़माना है जब मोहब्बत में दूरी और प्रेमियों का मिलन मायने नहीं रखता, पसंद भी सोशल मीडिया पर, इज़हार भी सोशल मीडिया, और इश्क भी सोशल मीडिया पर.

यहां तक की कहानी हर इंसान जानता है, यहां से शुरू हुई प्रेम कहानी में ना आशिक को आगे का कुछ दिखता है, ना माशूका को कुछ नज़र आता है, सोशल मीडिया पर शुरू हुई प्रेम कहानी यहां तक आपने बहुत सुनी होंगी, मिलन देखा होगा, बिछड़ना देखा होगा, एक दूसरे के लिए तड़पना देखा होगा, इसके आगे की कहानी बहुत कम सुनी होगी, क्योंकि इसके आगे ठगी के शिकार मिलते हैं, और टूटे हुए दिल के साथ इश्क के बीमार मिलते हैं. हम इस प्रेमजाल का पूरी हकीकत आपको बताएंगे.

सोशल मीडिया पर खेला जाने वाला ये एक ऐसा गेम है जिसका आगाज़ तो इज़हार-ए-इश्क से होता है लेकिन कहानी का अंजाम बहुत बेदर्द होता है. इसे प्रेमजाल से बचाने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने रोमांस स्कैम जमीन पर उतारा है. सोशल मीडिया पर इन दिनों प्यार मुहब्बत के झूठे झांसों में फंसने फंसाने का एक खेल खेला जाता है, और इस खेल में बड़े बड़े सूरमा भी फंस जाते हैं. सभी फंसते हैं, सोशल मीडिया से शुरू हुआ प्यार पहले पैसे तक पहुंचता है और फिर से सैक्स और शोषण के रास्ते गायब हो जाता है.

इस प्रेमजाल में बहुत बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं. सोशल मीडिया से लोगों को फंसाने के लिए फेंका गया जाल हिंदुस्तान ही नहीं विदेशों से भी मॉनीटर किया जाता है. सोशल साइट्स पर फंसने वाली पीढ़ी की खबरें इतनी बढ़ गई हैं, कि अकेले गाजियाबाद में एक महीने में ऐसी 2 खबरें सामने आती हैं. फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए सीधे लड़के और लड़कियों को टारगेट किया जाता है, और फिर उनके सामने विश्वास का जाल फैला दिया जाता है.

और यहां से शुरू होता है लूटमार की सिलसिला, लेकिन इस सिलसिले का तोड़ गाजियाबाद पुलिस ने निकाल लिया है. गाजियाबाद पुलिस ने रोमांस स्कैम नाम से सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ा है. सोशल मीडिया पर प्यार के नाम पर ठगी के बढ़ते मामले को देखते हुए पुलिस ने ‘रोमांस स्कैम’ की शुरूआत कर दी है. साइबर सेल के आंकड़े बताते हैं कि

क्या है रोमांस स्कैम ?

गाजियाबाद में हर महीने सोशल मीडिया पर ठगी के दो केस सामने आ रहे हैं, छह महीने में गाजियाबाद पुलिस ने 9 विदेशी समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है. पुलिस ने जागरूक करने के लिए ट्विटर और फेसबुक पर कई पोस्टर जारी किए हैं जिसमें वह लोगों को बता रही है कि कैसे इस रोमांस स्कैम से बचा जाए. पुलिस के मुताबिक अनजान शख्स अचानक फीलिंग्स जाहिर करे तो सावधान रहें,
रोमांस स्कैम के आरोपी से मिलने वाले मेसेज अस्पष्ट होते हैं, अकसर आरोपी की प्रोफाइल उनकी बातों से मेल नहीं खाती है, सोशल मीडिया पर मुसीबत में कहकर रुपये मांगते हैं. सावधान रहने की जरूरर हो ऐसे लोगों को पैसा, कार्ड या बैंक डीटेल बिल्कुल ना दें. इसके साथ रोमांस स्कैम ये भी बताएगा की सामने वाले शख्स की प्रोफाइल सही या फेक है

फेक अकाउंट को ऐसे पहचानें ?

अगर आप फेसबुक पर बात कर रहे हैं, तो उस व्यक्ति के प्रोफाइल को दूसरी सोशल साइट्स पर भी सर्च कर लें, जिससे आपको पता चल जाए, कि आपको फंसाने के लिए ही ये आईडी क्रिएट नहीं की गई, साथ ही आपको फ्रेंडलिस्ट में से भी उस व्यक्ति की जानकारी दूसरों से पूछनी चाहिए, सबसे ज्यादा मामले फेसबुक से ही सामने आते हैं, तो फेसबुक इस्तेमाल करते समय बेहद सावधान रहें


‘ठग्स ऑफ LOVE’ से बचाएगी पुलिस

गाजियाबाद पुलिस की कोशिश हवा में प्यार करने की प्रथा को सुरक्षा देने की है ताकी आंख मूंदकर किसी पर भी कोई विश्वास ना करे. गाजियाबाद और दिल्ली एनसीआर में ये ठगी का मकड़जाल फैला है, लोगों को फंसाने के लिए गैंग काम करते हैं. सपनों की दुनिया दिखाई जाती है, झूठ की शान बनाई जाती है, और मिशन को अंजाम दिया जाता है, आसानी से लोगों को लूट लिया जाता है, और भोले भाले लोग आसानी से ठगे जाते हैं. गाजियाबाद पुलिस ने इसी भ्रमजाल को तोड़ने की शुरुआत की है.

सोशल मीडिया का दौर है. और हर इंसान रफ्तार पर सवार है. युवा बिना देखे बिना सुने सोशल मीडिया पर इश्क करते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं. गाजियाबाद पुलिस रोमांस स्कैम को रोकने के लिए निकल चुकी है, सोशल साइट्स पर लोगों को जागरुक किया जा रहा है ताकि ठगी के जाल में फंसते युवाओं को बचाया जा सके.गाजियाबाद पुलिस की सोशल मीडिया पर नजर है. एसएसपी वैभव कृष्ण की निगरानी में मुहिम हुई है.

इस मुहिम के तहत सोशल मीडिया सेल के लोग बच्चों को सोशल मीडिया पर आगाह कर रहे हैं. पुलिस वाले दोस्त बनकर सोशल मीडिया पर बच्ची और युवतियों से बात करके इस बात की जागरूकता फैला रहे हैं, कि वह किसी के झांसे में ना आएं. गाजियाबाद पुलिस का मानना है सोशल मीडिया पर बच्चों और युवतियों को फंसा कर उनके साथ अपराध बढ़ रहा है और लड़कों को ठगा जा रहा है, हर रूप में ये खेल खेला जा रहा है.

खासकर शादी का झांसा देने या फिर दोस्ती करके रेप करने जैसी वारदातों में इजाफा हुआ है. गाजियाबाद एसएसपी का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चियों और युवतियों के साथ अपराध बढ़ने की खबरें लगातार आ रही थी जिसके चलते यह मुहिम शुरू की गई है और उम्मीद करते हैं हम अपनी मुहिम में कामयाब होंगे. पुलिस के ये मुहिम कामयाब होती है, तो सोशल मीडिया से होने वाला अपराध भी कम हो जाएगा, और फैलते हुए मकड़जाल को रोका जाएगा.

आंकडे बताते हैं कि हवा में चल रहे इस प्यार के वायरस से अधिकांश मासूम लड़कियां फंसती हैं. जो इस प्यार के चक्कर में शादी करने के सपने देखते हुए साथ जीने मरने की कसमें खाती हैं. लेकिन हवा में किए हुए प्यार के साइड इफेक्ट से वो इतना ग्रसित हो जाती हैं, कि अपने आप पर हो रहे शारीरिक और मानसिक अत्याचार को चुप-चाप सहन करने पर मजबूर हो जाती हैं.कभी ठगी होती है कभी अत्यचार होता है, और ज्यादातर मामले सामने नहीं आते, लेकिन जितने सामने आ रहे हैं, वो भी एक रिकॉर्ड है.और उन्होंने भी पुलिस के होश उड़ा दिए हैं.

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