JPSC: परीक्षा रद्द करने पर अड़े छात्र, मुख्यमंत्री बोले- छात्रों के हित में लेंगे फैसला
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JPSC प्रकरण: परीक्षा रद्द करने पर अड़े छात्र, मुख्यमंत्री बोले- छात्रों के हित में लेंगे फैसला

छठी झारखंड लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा होने में महज अब चार दिन बचें हैं यानि की आयोग इसकी तिथि 28 जनवरी को तय कर चूकी है लेकिन छात्र इस परीक्षा को रद्द करके दूसरी तिथि तय करने की मांग कर रहे हैं । आखिर छात्र इस परीक्षा को रद्द करने की मांग क्यों कर रहे हैं जब कि परीक्षा की तिथि इतनी नजदीक है, आइए जानते हैं...

छात्रों का कहना है कि मेंस परीक्षा की कटऑफ में धांधली होने को लेकर मामला जब कोर्ट में चल रहा है ऐसे में आयोग एडमिट कार्ड कैसे जारी कर सकता है । इसके बावजूद की इसमें कटऑफ धांधली के अलावे कई और भी कमियां हैं । आपको बता दें कि आयोग ने 28 जनवरी से 1 फरवरी तक परीक्षा की तिथि निर्धारित की है । इस परीक्षा में कुल 34 हजार 6 सौ 34 छात्र शामिल होंगे ।

एडमिट कार्ड जारी होने के बाद छात्रों का कहना है कि आयोग ने बगैर किसी नोटिस के परीक्षा की तिथि घोषित कर दिए जबकि नियम के अनुसार परीक्षा की तिथि परीक्षा की संभावित तिथि से 21 दिन पहले घोषित होनी चाहिए लेकिन आयोग ने इस नियम का उलंघन करके 17 जनवरी को महज 11 दिन पहले ऐडमिट कार्ड अपने ऑफिसियल वेबसाइट पर अपलोड कर दिया ।

परीक्षा रद्द करने की मांग

इस बात को लेकर छात्र आक्रोशित हैं और उन्होंने jpsc कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर इसे रद्द करने की मांग की । छात्रों का कहना है कि इस में वैसे छात्रों का भी एडमिट कार्ड जारी किया गया है जो इस परीक्षा में शामिल नहीं हैं साथ हीं jpsc के कई सहायकों के भी प्रारंभिक परीक्षा उतीर्ण होने तथा उनके मुख्य परीक्षा में भी शामिल होने पर सवाल उठाया है ।

इसके बाद उन्होंने कहा की परीक्षा में आरक्षण के नियम को भी ताक पर रखा गया है इस लिए 28 जनवरी को होने वाली परीक्षा को रद्द कर तमाम समस्याओं का समाधान कर और कोर्ट का फैसला आने के बाद आयोग परीक्षा की तिथि घोषित करे . इतने सारे बखेड़ा होने के बाद jpsc प्रमुख जगजीत सिंह को उनके पद से हटा कर उनकी जगह रामदयाल मुंडा को jpsc का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है ।

आपको बता दें कि यह मामला jpsc के पीटी परीक्षा की रिजल्ट आने के बाद से ही कोर्ट में है । पीटी का रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने कटऑफ को लेकर धांधली का आरोप लगाया था और मामले को कोर्ट में दायर किया था इसके बाद कोर्ट ने 21 जनवरी की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित किया लेकिन मामला 21,22 और 23 जनवरी को भी नहीं सुलझ पाया और अब इसकी सुनवाई कोर्ट 25 जनवरी यानी कल करेगी ।

मुख्यमंत्री ने दिलाया भरोषा

अब यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी दस्तक दे चुकी है जिसके बाद राज्य के कई मंत्री इस मुद्दे पर विधानसभा का माहौल गरमाने की कोशिश कर रहे हैं तो कई मंत्री छात्रों से बातचीत भी कर रहे हैं इन्हीं मंत्रियों में से एक मंत्री वीपी सिंह छात्रों से बातचीत करने पहुंचे और छात्रों को आश्वाशन दिया की फैसला उनके हक़ में ही आएगा ।

इसके बाद जब विधानसभा के स्पीकर दिनेश उरांव ने हस्तक्षेप किया तब मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 25 जनवरी को कोर्ट का फैसला आने वाला है इसके बाद हम इस मुद्दे पर मुख्यसचिव और कार्मिक सचिव के साथ बैठक कर छात्रों के हित में फैसला लेंगे ।

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