ऐसे ही मनोरंजन

आज की युवा पीढ़ी के दिल को झकझोर कर रख देगी ये नॉवेल ‘Love Turns Back?’

प्रेम एक ऐसी साकारात्मक अनुभूती है जो हर व्यक्ति को किसी न किसी रुप में एक दूसरे से जोड़ती है  चाहे वो माता-पिता का प्रेम हो, भाई-बहन का प्रेम हो, पति -पत्नी का प्रेम हो या फिर एक लड़का और लड़की का और जब प्रेम साकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है तो ऐसे प्रेम का अंत कभी  भी नहीं हो सकता ! लेकिन ये भी सच है कि प्रेम सिर्फ दिल से या फिर सिर्फ मांसिक रुप ही नहीं किया जा सकता उसमे दो प्रेमियों का शरीर भी एक होना चाहिए और ये सिर्फ मेरा मानना ही नहीं है बल्कि यह कथन रसखान का है जो एक दोहा के माध्यम से अपने विचारों को रखते हैं रसखान कहते हैं-

"दो मन होत एक सुनयो तै वो प्रेम नाहीं, जबै दो तन एक हो हीं सोहीं प्रेम कहाहीं"

और ऐसी हीं साकारात्मक प्रेम का उदाहरण पेस कर रहे हैं आज  के युवा लेखक तरुण पोद्दार जिन्होंने न केवल एक प्रेम से परिपूर्ण एक नोबेल कि रचना की है बल्कि इस उर्जा को खुद मे हर वक्त जीवीत रखते है और अपने प्रेम को शब्दों मे पिरोकर एक नोबेल कि रचना कि है जिसका नाम है 'Love Turns Back?' जिसका अर्थ है क्या खोया हुआ प्यार दोबारा वापस आ सकती है क्योंकि अकसर देखा जाता है कि कई बार प्रेम तो होता है लेकिन उसे कोई मुकाम हासिल नही हो पाता है या फिर किसी कारण से अधुरा ही रह जता है तो क्या उसे दोबारा वापस पाया जा सकता है क्या इसी सवाल को तलासने कि कोशिश लव टर्न्स बैक में कि गई है ।

दरसल इस नोबेल की रचना तरुण पोद्दार के जीवन की वास्तविक घटना पर किया गया  है । इस कहानी की शुरुआत दो राज्यों दिल्ली और गाजीयावाद के एक परिपक्व परीवार से शुरु होती है जिसमें कई उतार चढाव, नोंक - झोंक के बीच एक समय ऐसा आता है जब लगने लगता है की.........................??????  मुझे पता है आप इससे आगे की कहानी जानने केलिए उतावला हो रहे होंगे लेकिन इंतजार कीजिये क्योंकि इस नोवेल का विमोचन तरुण पोद्दार के जन्मदिन यानी 16 मार्च को किया जाएगा जिसे एक नामचिन प्रकाशक लिड स्टार्ट पबलिसिंग के द्वारा किया जाना तय हुआ है

495 total views, 1 views today

Facebook Comments

Leave a Reply