JPSC ने सरकार के दिशा-निर्देशों के बगैर पीटी परीक्षा में खत्म किया आरक्षण
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झारखंड लोक सेवा आयोग ने सरकार के दिशा निर्देशों के बगैर पीटी परीक्षा में खत्म किया आरक्षण

पिछले साल झारखंड सरकार ने स्थानिय और नियोजन नीति को लेकर उमर बावरी कमिटी का गठन किया था और इसका इंचार्ज मंत्री उमर बावरी को बनाया गया था । अब उमर बावरी ने अपना रिपोर्ट सरकार को सौंप दिया है लेकिन इस रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है लिहाजा विपक्ष इस रिपोर्ट को बजट सत्र में सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है ।

क्या है रिपोर्ट ?

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले jpsc पीटी परीक्षा से लेकर चौथे पीटी परीक्षा तक छात्रों को आरक्षण का लाभ मिल रहा था लेकिन उसके बाद यानी पांचवे jpsc पीटी परीक्षा में छात्रों को इसका लाभ नहीं मिला । आश्चर्य की बात ये है कि झारखंड सरकार की ओर से अब तक आयोग को इस तरह की कोई भी दिशा निर्देश नहीं दी गयी है ।

ऐसे में सवाल उठता है कि बगैर किसी दिशा निर्देश के jpsc ने पीटी परीक्षा में आरक्षण खत्म कैसे कर दिया ? कमेटी ने इस प्रावधान को खत्म करने के लिए jpsc पदाधिकारीयों को दोषी ठहराया है और उन पर करवाई करने की मांग की है ।

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कमिटी का कहना है कि jpsc जो भी परीक्षा आयोजित करती है उस परीक्षा में आरक्षण के प्रावधान को किस परीक्षा में लागू किया जाएगा इसका उल्लेख स्पष्ट रूप से jpsc के प्लान ऑफ एग्जामिनेशन रूल ऑफ प्रोसिज्योर में नहीं किया गया है । jpsc के अलावे अन्य राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे लगभग सभी राज्यों में इस नियम का प्रावधान है और उसे लागू भी किया जाता है ।

इस रिपोर्ट के आने के बाद अब पक्ष-विपक्ष के नेता इस बजट सत्र में सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं विधायकों का कहना है कि छठी jpsc परीक्षा में अनियमितता बरती जा रही है कई प्रावधान ऐसे हैं जिनका फायदा छात्रों को नहीं मिल पा रहा है ।

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Rahul Tiwari
राहुल तिवारी 2 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वो इंडिया न्यूज़ में भी काम कर चुके हैं.
http://www.thenationfirst.com

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