कभी आतंकी हुआ करता था ये सेना का जवान, अब भारत सरकार देने जा रही है अशोक चक्र

भारत 70वें गणतंत्र दिवस की तैयारी में है. 26 जनवरी 2019 को देश अपना 70वां गणतंत्र दिवस मनायेगा. इस मौके पर सेना के जवानों को उनके शौर्य और पराक्रम के लिए राष्ट्रपति के हाथों समान्नित भी किया जायेगा. लांस नायक नजीर वानी को मरणोपरांत सेना के सबसे बड़े सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया जायेगा. नजीर वानी पहले ऐसे कश्मीरी होंगे जिन्हें देश के सबसे बड़े वीरता पुरस्कार से नवाजा जायेगा. इसके साथ ही यह एक ऐसा पहला मौका भी होगा जब आतंकवाद के रास्ते को छोड़कर सेना में आये किसी जवान को इतने बड़े सम्मान से नवाजा जायेगा.

शहीद लांस नायक नजीर वानी ने पिछले साल नवंबर में शोपियां में अदम्य साहस दिखाते हुए गोली लगने के वाबजूद 6 आतंकियों को मार गिराया था. हालाकि इसी आतंकी एनकाउंटर में वो शहीद हो गये. नजीर वानी सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे. आतंकियों के खिलाफ उनकी बहादुरी को देखते हुए उन्हें दो बार सेना मेडल भी मिल चुका है. कहा जाता है कि नज़ीर वानी के साहस और वीरता के कारण ही सेना के कई आतंकी ऑपरेशन सफल हुए हैं .

कहा जाता है नजीर वानी भी पहले आतंकी ही थे. लेकिन दो साल तक आतंक की राह पर चलने के बाद उन्हें यह एहसास हुआ कि बन्दूक के रास्ते किसी मंज़िल तक नहीं पहुंचा जा सकता. फिर नजीर वानी ने 2004 में आत्मसमर्पण किया. इसके कुछ वक्त बाद ही नजीर ने भारतीय सेना ज्वॉइन कर ली थी. जिसके बाद उन्होंने सेना के मिलकर कई आतंकी मंसूबो पर पानी फेरा और भारतीय सेना के आतंकी ऑपरेशन को सफल बनाया.

38 वर्षीय वानी कुलगाम के अश्मुजी के रहने वाले थे. उनके परिवार में उनकी पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं. वह 25 नवंबर को भीषण मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे.

क्या है अशोक चक्र पदक

अशोक चक्र भारत का शांति के समय का सबसे ऊँचा वीरता का पदक है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरान्त भी दिया जा सकता है। अशोक चक्र राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

  • पुरस्कार का वर्ग:वीरता
  • स्थापना वर्ष:1952
  • पुरस्कार राशि:1400 रुपए का मासिक भत्‍ता
  • प्रथम विजेता:सुहास बिस्वास, बचित्तर सिंह, नरबहादुर थापा (1952)
  • वर्ष 2017 के विजेता:ज्योति प्रकाश निराला
  • विवरण:अशोक चक्र भारत का शांति के समय का सबसे ऊँचा वीरता का पदक है.
Facebook Comments

Praful Shandilya

praful shandilya is a journalist, columnist and founder of "The Nation First"

Leave a Reply