सवाल: मंदिर और मूर्तियों पर हजारों करोड़ खर्च करने वाली सरकार आपदा के समय चंदा क्यों मांगती है ?

कोरोना पुरे देश में फ़ैल गया. ये सरकार की गलती थी. अगर सरकार 18 जनवरी से 25 मार्च के बीच विदेश से आये 15 लाख लोगों को उसी समय एयरपोर्ट पर रोकती तो आज पुरे देश को लॉक डाउन नहीं करना पड़ता. आज उन 15 लाख लोगों की वजह से 138 करोड़ लोगो को लॉक डाउन झेलना नहीं पड़ता. पुलिस की लाठी नहीं खानी पड़ती. भूखे प्यासे पैदल घर के लिए आना नहीं पड़ता.

लॉक डाउन की वजह से लोगों को अपनी जान नहीं गवानी पड़ती, अगर उन 15 लाख लोगों को उसी समय पकड़ लेते. खैर इतिहास गवाह है ये सरकार तब कदम उठाती है जब सब कुछ बर्बाद हो जाता है.

और सबसे बड़ी बात तो ये है की जब भी कोई आपदा आती है ये सरकार लोगों से चंदा मांगने लगती है. समझ नहीं आता क्या सरकार के पास पैसे की कमी हो गयी? मंदिर-मस्जिद और मूर्ति बनाने के लिए करोड़ो रूपए देने वाली सरकार को पता नहीं लोग चंदा क्यों देने लगते है!चंदा देने वाले लोगों को सरकार से पूछना चाहिए की मंदिर बनाने के लिए करोड़ो रूपए देते हो उस समय ये ध्यान नहीं रहता.

जब सरदार पटेल की मूर्ति तीन हजार करोड़ की लागत से बना रहे थे उस समय पैसे सरकार के पास कहा से आ जाती है? महारष्ट्र में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति के लिए हजारो करोड़ रूपए देते हो उस समय पैसे कहाँ से आते है? जब डोनाल्ड ट्रम्प आया तो हजारो करोड़ रूपए फूंक दिए उस समय पैसे कहाँ से आ गए?

RBI के पास ऐसी ही आपात आपदा स्थिति से लड़ने के लिए लाभांश और सरप्लस पूंजी जमा रहती है जब जरूरत होती है तब निकला जाता है आपने उस पैसे को भी RBI से 1.76 लाख करोड़ निकाल लिया वह पैसा कहा गया, जो आज चंदा जमा करने की नौबत आ गयी?

इतने टैक्स इतनी कमाई सब कहा गयी जो आज सरकार लोगों के सामने हाथ पसार रही है? जब आपने नोटबंदी किया तो आपके अंधभक्त गावं-गावं जाकर कह रहे थे की कालाधन आ गया. आप खुद कह रहे थे इससे बहुत कालाधन आएगा. आपके मंत्री जी कह रहे ते बहुत कालाधन आया है. वो कालाधन वाला पैसा कहाँ गया?

जब आपने GST लाया तब भी कहा था की इससे टैक्स को चोरी बंद होगी. टैक्स का पैसा सरकार तक आराम से आएगा अब वह सब पैसा कहाँ गया? जब आप दूसरे देश को अरबो अरबों रूपए दान करते हो उस समय ये बात ध्यान नहीं देते की खुद की धोती फटी पड़ी है और हम दुसरो को जींस टीशर्ट दान कर रहे है?

या ये समझा जाए की सरकार इसको भी चुनाव से जोड़कर देख रही है की कितने लोग आज भी पीएम मोदी के बातों को फॉलो करते है? कितने लोग पीएम मोदी के अपील पर चंदा देते है?

बाकी जनता को जाग जाना चाहिए और पूछना चाहिए मंदिर मस्जिद मूर्ति के लिए पैसे होते है फिर आज चंदा क्यों? आज मांगने की नौबत क्यों? उन लोगों से मांगिये ना जी उधोगपतियों का आपने कर्ज माफ़ किया. हर बार गरीब लोग ही कुर्बानी क्यों देते रहे.

-दीपक कुमार

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