राफेल डील पर सरकार के समर्थन में उतरे वायु सेना प्रमुख मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ
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राफेल डील पर सरकार के समर्थन में उतरे वायु सेना प्रमुख मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ

जब से बीजेपी सरकार ने फ्रांस के साथ 36 राफेल खरीदने को लेकर हस्ताक्षर किये है तब से विपक्ष उसपर तरह-तरह के आरोप लगाता रहा हैं. उनके द्वारा लगातार कहा जा रहा है कि राफेल डील बीजेपी के लिए सबसे बड़े घोटाले का डील है जिसे सरकार किसी भी कीमत पर खरीदना चाहती है इस मुद्दे पर बीजेपी लगातार सफाई दे रही है लेकिन विपक्ष इसे 2019 चुनाव में अपने फायदे के लिए भुनाने में लगी हुई है।

ऐसे में वायु सेना प्रमुख मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ ने सरकार के फैसले को सही बताते हुए कहा कि यह कदम एयर फोर्स के घटते बेड़े को बढ़ाने के लिए उठाया गया है । धनोआ ने आईएएफ फ़ोर्स स्ट्रक्चर 2035 सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि राफेल डील और एस400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सरकार उपलब्ध कराकर वायु सेना को और भी मजबूती प्रदान की है ।

साथ ही धनोआ ने यह भी कहा कि हमारे पड़ोसी देश लगातार अपनी ताकत को मज़बूत करने में जुटी हुई है और जिस तरह का खतरा भारत के सामने है वैसे में यह डील भारत के लिए वरदान साबित होगा । हमारे पड़ोसी देश हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे हैं चीन लगातार अपनी वायु सेना की ताकत को बढ़ाने में जुटी हुई है ऐसे में हमारे विरोधियों का मंसूबा कभी भी बदल सकता है इसलिए हमें भी अपनी ताकत को और बढ़ाने की ज़रूरत है ।

धनोआ के बातों को समर्थन करते हुए वायु सेना उपप्रमुख ऐयर मार्शल एसबी देव ने कहा कि यह डील भारत के लिए काफी फायदे का डील है यह एक बेहतरीन एयरक्राफ्ट है जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें इसको खरीदने के नियम को पहले जानना चाहिए ।

विपक्ष क्यों उठा रहा सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अप्रैल 2015 को राफेल डील फ्रांस यात्रा के दौरान 58 हजार करोड़ में 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया था । जिसके बाद विपक्षी ने आरोप लगाया कि NDA वाली सरकार राफेल को ज़्यादा कीमत दे कर खरीदना चाहती है जबकि UPA की सरकार ने इसके कीमत में काफी तोलमोल की और बहुत ही कम कीमत रखवाई थी । साथ ही विपक्ष का यह भी आरोप है कि सरकार भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटिड को किनारा कर अनिल अम्बानी की रिलायंस डिफेन्स को वित्तीय लाभ दे रही है ।

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