दुनिया देश

रो रहा है अमृतसर, रावण बनकर आए ट्रेन नें सैकड़ों को रौंदा

पंजाब के अमृतसर में रावण देखनें जुटे लोगों को क्या पता था कि ये उनके जीवन की आखिरी शाम होनेवाली थी । अमृतसर मुख्य रेलवे स्टेशन से कुछ सौ मीटर दूर ट्रैक किनारे रावण दहन चल रहा था| तभी तेज रफ्तार ट्रेन वहां से ट्रेन गुजरती है जिसके चपेट में सैकड़ों लोग आ जाते हैं. ऐसे मौके पर अधिकतर बच्चें और महिलाएँ देखनें आती है जिससे बच्चों के मरनें की संभावना ज्यादा है. इसे लोगों का दुर्भाग्य कहा जाए या फिर रेलवे की लापरवाही या फिर आयोजकों की चूक ।

रावण बनकर आयी ट्रेन और सैकड़ों जानें लेती गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लोग रेलवे ट्रैक के नजदीक जमा हो कर विजय दशमी का जश्न मना रहे थे तभी पठानकोट से अमृतसर जा रही पैसेंजर ट्रेन और दूसरी ट्रैक से अमृतसर हावड़ा वहां से गुजरती है और 50 से अधिक लोगों को मौत के आगोश में ढकेल के निकल जाती है । पुलिस के मुताबिक इस हादसे में 50 लोगो की मौत हुई है वहीं मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक इस हादसे में 200 से भी अधिक लोगों की मौत हुई है ।

ट्रेन के भीड़ पर चढ़नें का एक विडियो है जो इतना दिल को झकझोर रहा है. 5 सेकंड में कैसे ट्रेन नें सैकड़ों को रौंद दिया. बस दिख रही थी तो किसी का हाथ किसी का पैर अलग किसी का सर अलग. भारत के रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा विशेष विमान से अमृतसर जा रहे हैं. रेल मंत्री पियूष गोयल अपना अमेरिका दौरा रद्द कर वापस लौट रहे हैं. केन्द्र सरकार पूरी तरह से ऑपरेशन मूड में हैं लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इतनें नजदीक होनें के बावजूद कल घटनास्थल पर जानें की बात कर रहे हैं.

सीएम के पास घटनास्थल जानें को आज टाइम हीं नहीं है. पूरा अमृतसर रो रहा है. पूरा भारत यह खबर सुनकर स्तब्ध है. इतिहास का सबसे भयानक ट्रेन हादसा इससे अलग नहीं हो सकता. कल पंजाब में राजकीय छुट्टी घोषित कर दी गई है. खबर तो यह भी है कि रावण वध देखने के लिए कांग्रेस मंत्री नवजोत कौर सिद्धू समेत कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां वहां मौके पर मौजूद थी लेकिन इस भीषण हादसे में लोगों के मदद करने के बजाए वहां से नवजोत कौर सिद्धू तुरंत फरार हो गई जो जनता की सेवा को अपना परम धर्म समझते हैं ।

यह हादसा दिल्ली अमृतसर के बीच जौड़ा फाटक के पास हुआ जहां हजारो लोग रावण दहन देखने के लिए इक्कट्ठा हुए थे. इस हादसे के बाद एक के बाद एक ट्वीट आने शुरू हो जाते हैं और पहला ट्वीट पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा आता है । वो लिखते हैं "अमृतसर में हुए रेल हादसे को जानने के बाद मैं अस्तब्ध हूँ । दुख के इस विकट घड़ी में सभी सरकारी अस्पतालों को खोले रखने के लिए कहा है" साथ हीं उन्होंने लिखा मृत लोगों को 5 लाख रूपये मुआवजे के तौर पर सरकार देगी ।लेकिन सवाल ये है कि क्या सरकार ऐसी स्थिति आने का इंतजार ही क्यों करती है ।

ठीक इसके बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्वीट करते हैं, उन्होंने लिखा "अमृतसर में हुए रेल हादसे से मैं बहुत दुखी हूं यह घटना दिल दहला देने वाली है जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया उनके लिए मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं और मैं कामना करता हूँ कि जो लोग घायल हुए हैं वो जल्द हीं ठीक हो जाएं". आज अमृतसर के लिए रात बेहद काली है जिसमें चीखें गूँज रही है.

परिजन अपनों को खोनें के बाद विलाप कर रहे हैं. गुरूनानक अस्पताल और सिविल अस्पताल में घा़लों को भर्ती कराया गया है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे अस्पताल पहुँचकर रक्तदान करें. आज की विजयादशमी एक ऐसा जख्म देकर जा रही है जो लोग कभी नहीं भूल पायेंगे. रात भयानक लग रही है, आखिर अमृतसर नें सैकड़ों लोगों को खोया है.

Facebook Comments
Rahul Tiwari
युवा पत्रकार
http://www.thenationfirst.com

Leave a Reply