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सेना की खुली चेतावनी, कहा- कितने 'गाजी' आये और चले गये कश्मीर में अब जो भी बन्दूक उठाएगा मारा जायेगा

पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना ने सोमवार को आतंकियों के खिलाफ एक ऑपरेशन चलाया जिसमे पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल राशीद "गाजी" समेत 3 आतंकियों को मार गिराया. इसी को लेकर आज मंगलवार को राज्य पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने साझा प्रेस कांफ्रेंस की.

इस प्रेस कांफ्रेंस में सेना ने कहा कि इसमे कोई शक नही की इस हमले में पाकिस्तानी सेना भी शामिल है. जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तानी सेना का छोटा बच्चा है. सेना ने आतंकियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कश्मीर में कितने 'गाजी' आये और चले गये.

भारतीय सुरक्षाबलों ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में घाटी से आतंकियों के सफाये का ऑपरेशन जारी रहेगा और उन्हें चुन-चुनकर मारा जाएगा.

"कितने गाजी आए और कितने चले गए.

हम उन्हें ऐसे ही ढेर करते रहेंगे.

हमारा नजरिया साफ है.

जो भी घाटी में घुसपैठ करेगा, वह जिंदा नहीं लौटेगा."

-ले. जनरल के जे एस ढिल्लन, GOC चिनार कॉर्प्स

इसके साथ ही भारतीय सेना ने कश्मीर के माताओं से भी अपील की और कहा कि वो अपने बेटों को सरेंडर करने के लिए कहें, अगर उन्होंने बंदूक नहीं छोड़ी तो भारतीय सुरक्षाबल उन्हें मारने पर मजबूर हो जाएगी. सेना ने कहा कश्मीर में अब जो भी बंदूक उठाएगा वो मारा जायेगा. जो आतंकी कश्मीर में आएगा जिंदा नहीं बचेगा और उनके मददगारों को भी अब नही बक्शा जायेगा.

कश्मीर में अब जो भी बन्दूक उठाएगा मारा जायेगा

लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्लन ने कहा, 'मैं जम्मू-कश्मीर के अभिवावकों खासकर माताओं से अपील करता हूं कि अपने बच्चों को समझाएं और गलत रास्ते पर चले गए लड़कों को सरेंडर करने के लिए बोलें. उन्हें समझाएं और मुख्यधारा में वापस आने के लिए कहें.' उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो बंदूक उठाएगा वह मारा जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम सरेंडर करनेवालों के लिए कई तरह के अच्छे कार्यक्रम चला रहे हैं, लेकिन आतंकी वारदातों में शामिल रहनेवालों के लिए कोई रहमदिली नहीं दिखाई जाएगी.'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ढिल्लन ने कहा 'एनकाउंटर में 2 पाकिस्तानियों के साथ 1 स्थानीय आतंकी की भी मौत हुई है. के जे एस ढिल्लन ने कहा कि 'कल के ऑपरेशन में फ्रंट पर लीड करनेवाले हमारे ब्रिगेडियर हरदीप छुट्टी पर थे, लेकिन जब उन्हें पुलवामा मुठभेड़ के बारे में पता चला कि वह छुट्टी छोड़कर आधी रात को देशसेवा के लिए ड्यूटी पर तैनात हुए. मैं स्थानीय नागरिकों से अपील करता हूं कि वह ऑपरेशन के दौरान हमारा सहयोग करें.

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