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सीबीआई के अंदर कलह, एक्शन मोड में मोदी सरकार

हर छोटी बड़ी घटना पर हम जिस सीबीआई जाँच की माँग करते हैं, वही सीबीआई आजकल अपनी अंदरूनी कलह से जूझ रही है. सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारी निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना नें एक दूसरे पर करोड़ों के रिश्वत लेनें का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है. इसी क्रम में 22 अक्टूबर की शाम सीबीआई नें अपनें हीं हेडक्वार्टर के एंटी करप्शन विंग पर छापा मारा और उसके डीएसपी देवेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया.

इसबीच लगातार हो रही किरकिरी के बीच केन्द्र सरकार नें इस केन्द्रीय एजेंसी में भारी फेरबदल किए हैं. झगड़े के जड़ आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है. इसे सरकार का कड़ा फैसला माना जा रहा है. सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया है. उन्होनें पद संभालते हीं कड़े एक्शन लेना शुरू कर दिया है.

इसके तहत सीबीआई मुख्यालय में 10वें और 11वें फ्लोर को सील कर दिया गया है. 11वे फ्लोर पर वर्मा और अस्थाना का दफ्तर है. अरूण शर्मा को जेडी पॉलिसी, जेडी हेडक्वार्टर पद से हटा दिया गया है. वहीं AC III के डीआईजी मनीष सिन्हा को भी पद से हटा दिया गया है. अस्थाना मामले को फास्टट्रैक इन्वेस्टिगेशन में डाल दिया गया है. सीबीआई अपनें अधिकारी राकेश अस्थाना से पूछताछ की तैयारी कर रही है.

कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता लेकिन पूछताछ हो सकती है. हम आपको बता दें कि सीबीआई नें अपनें विशेष निदेशक राकेश अस्थाना सहित कईयों पर माँस कारोबारी मोईन कुरैशी से 2017-18 में पाँच बार रिश्वत लेनें का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया था. इसके बाद अस्थाना नें निदेशक आलोक वर्मा पर मोईन को बचानें के लिए 2 करोड़ रूपए रिश्वत लेनें का आरोप लगाते हुए केस फाइल कराया था.

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जिसके बाद सीबीआई के अंदरूनी कलह की परतें खुलती चली गई. इसके बाद डीएसपी करप्शन विंग देवेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. इसबीच सीबीआई नें 2016 में हुई अस्थाना के बेटी के शादी की भी जाँच शुरू कर दी है. अस्थाना भाजपा के बेहद करीबी मानें जाते हैं. कहा जाता है कि गुजरात के सीएम रहते नरेन्द्र मोदी को गुजरात दंगे में क्लीन चिट अस्थाना के नेतृत्व वाली टीम नें हीं दिया था.

लालू यादव को चारा घोटाले में गिरफ्तार करना, आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं को मानव तस्करी में अरेस्ट करना अस्थाना के चर्चित कार्य रहे हैं. इसके अलावा अगस्ता वेस्टलैंड, आईएनएक्स मीडिया जैसे संवेदनशील मामलों के जाँच की जिम्मेदारी उन्हे हीं सौंपी गई थी .

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