जेनेवा समझौता के कारण पाकिस्तान नही कर सकता बदसुलूकी
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जानिए, चाह कर भी पाकिस्तान क्यों नहीं कर सकता हमारे पकड़े गए सैनिक से बदसलूकी


बुधवार को पाकिस्तान ने हमारे एक पायलट अभिनंदन वर्धमान को अरेस्ट कर लिया है जिसकी अधिकारिक पुष्टि अब भारत द्वारा भी की गई है । इसके कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान द्वारा अरेस्ट किये पायलेट का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पायलट अभिनन्दन चाय पीते नज़र आये और उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की,कि पकिस्तान उनके साथ कोई बदसलूकी नहीं कर रहा उनका ख्याल अच्छे से रख रहा है ।

क्यों नहीं कर सकता पाकिस्तान दुर्व्यवहार ?

दरअसल पाकिस्तान का हाथ जेनेवा समझौता के तहत बंधा हुआ है जिस कारण वो चाह कर भी हमारे पायलट के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं कर सकता । इस संधि के दायरे में पाकिस्तान,भारत समेत 194 अन्य देश आते हैं । इस संधि के तहत अरेस्ट किये गए दूसरे मुल्क के सैनिक के साथ वो अमानवीय व्यवहार नहीं कर सकता । उसे समय पर खाना खिलाना, अगर वो सैनिक घायल है तो उसे सही उपचार दिलाना और उसकी गोपनीयता का भी खास ख्याल रखना उस देश की जिम्मेदारी होती है अगर वो इस नियम का उलंघन करता है तो उस पर सामुहिक करवाई की जा सकती है ।

क्या है जेनेवा समझौता ?

पहली बार जेनेवा समझौता की शुरुआत 1864 में हुई थी जिसकी दूसरी संधि 1906, तीसरी संधि 1929 और चौथी संधि 1949 में हुई । 1949 में हुई संधि में 194 देशों ने इस संधिपत्र पर अपना हस्ताक्षर किया है । इंटरनेशनल कमिटी ऑफ रेड क्रास के मुताबिक जेनेवा समझौते में युद्ध के दौरान पकड़े गए सैनिकों के साथ कैसे बर्ताव करना है इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं । इस संधि के तहत पकड़े गए युद्धबंदियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है, युद्ध समाप्त होते ही उसे सम्मान पूर्वक लौटना होगा, पकड़े गए युद्धबंदियों को लेकर जनता में उत्साह नहीं भर सकते अर्थात उन्हें सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं ।

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