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बिहार दरोगा पेपर लीक मामले में आया नया मोड़, कोर्ट ने दिए आयोग को कई अहम आदेश

बिहार दरोगा पेपर लीक मामले में अब नया मोड़ आ गया है| इसी साल 11 मार्च को दो पाली में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था. लेकिन पहले पाली के आधे घंटे पहले हीं पेपर लीक होने का मामला सामने आया था । पेपर लीक होने के बाद छात्रों ने इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी. लेकिन पटना स्थित आयोग कार्यालय ने छात्रों के द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद 12 दिनों के बाद ही रिज़ल्ट घोषित कर दिया गया था ।

उस समय यह मामला राजनीतिज्ञों के लिए गर्म मुद्दा बन गया था जिसे विपक्षियों ने सरकार के खिलाफ खूब भुनाया था । जब यह मामला तूल पकड़ा तो नीतीश सरकार ने जांच के आदेश दिए. फिर भी आयोग नें सरकार से ऊपर उठ कर रिज़ल्ट घोषित कर दिया ।

जिसके बाद छात्रों ने पाटलिपुत्र कोचिंग के संचालक डॉ एम रहमान की सहायता से मामले को कोर्ट तक पहुंचा दिया. लीक से संबंधित सारे सबूत कोर्ट को दिए जिसके बाद मामला कोर्ट में चलता रहा. तभी आयोग ने 12 जुलाई को मेंस की परीक्षा भी आयोजित कर ली और अगले हीं महीने अगस्त के पहले वीक में 10 हजार छात्रों का रिज़ल्ट जारी कर दिया गया. सितंबर में शारीरिक परीक्षा भी आयोजित कर लिया गया ।

अब तक के बिहार में हुए सभी परीक्षाओं में से बिहार दारोगा परीक्षा का आयोजन काफी तेजी से किया गया था. अब इसे धांधलीबाजों के साथ आयोग की मिली भगत कहें या फिर सरकार की चालाकी । लेकिन आयोग चाहें कितनी भी चालाकियां कर ले जीत छात्रों की हुई है । परीक्षा आयोजन के 6 महीने बाद कोर्ट का फैसला छात्रों के हक़ में आया है । अब मौका और हालात दोनों बदल चुका हैं. धांधलीबाजों की छुट्टी हो चुकी है और छात्रों की जीत हुई है ।

इन पांच मापदंडो पर कोर्ट ने छात्रों के हक में फैसला दिया है:-

कोर्ट ने आयोग को आदेश दिया है कि 'आंसर की' को आयोग अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर पीटी परीक्षा के अभ्यर्थियों की आपत्ति आमंत्रित कराए. आपत्ति आने के बाद आयोग एक्सपर्ट कमिटी का गठन करे. उसके बाद कमेटी इसका निराकरण करेगी. और फिर वो इसकी मेधा सूची तैयार करें .आरक्षण को ध्यान में रखते हुए रिजल्ट जारी करें .हर आरक्षित वर्ग को ध्यान में रखते हुए अंक निर्धारित कर कट ऑफ जारी करें. महिला अभियार्थियो को

सुप्रीमकोर्ट के फैसले के अनुसार तय मापदंड के अाधार पर उन्हें हर हाल में आरक्षण का लाभ देना होगा .
उसके बाद भी अगर कोई छात्र 'आंसर की' के कार्बन कॉपी की मांग करे तो आयोग कोई आनाकानी न करे. उसकी कार्बन कॉपी उस छात्र को सौंपा जाए.

इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिक शिव जी पांडेय ने दशहरा के पहले सुनवाई पूरा कर फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया था ।The nation first इस खबर को आपतक शुरूआत से हीं पहुँचाते हुए छात्रों की हक़ की लड़ाई लड़ता रहा है । इस जीत पर the nation first की ओर से सभी दरोगा अभ्यर्थियों को बहुत बहुत बधाई ।

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