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महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म करने का दिया आश्वासन

महाराष्ट्र के नासिक से पैदल लॉन्ग मार्च के जरिये मुंबई पहुचकर अपनी मांगो को लेकर आजाद मैदान में आन्दोलन कर रहे किसानो पर ताजा अपडेट ये है कि किसानों ने अब सरकार को आन्दोलन ख़त्म करने को लेकर आश्वस्त किया है . आपको बता दे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रियों ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से आज दोपहर 3 बजे बैठक की.

और उसके बाद किसानो ने ये फैसला लिया . बैठक के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म करने का आश्वासन दिया तो सरकार ने किसानों को लिखित में आश्वासन देने का वादा किया है. बैठक के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने कहा की बैठक में किसानो के हर एक मांगो पर चर्चा हुई . किसानो की 12-13 मांगे थी . जिसमे सरकार ने कुछ मांगो को मान लिया है और उन्हें पूरा करने का लिखित आश्वासन देगी. गिरीश ने कहा की मुझे लगता है की सरकार के इस फैसले से किसान संतुष्ट है

किसानों का 6 मार्च को नासिक से निकला लगभग 180 km का पैदल लॉन्ग मार्च आज सुबह 12 मार्च को मुंबई के आजाद मैदन पहुचा . मार्च में लगभग 35000 किसान शामिल थे . इसमे कई महिला किसान भी शामिल थी और वो अपनी1 10-12 मागो को लेकर महराष्ट्र और केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार पर्दशन कर रहे थे . किसानो की मांग थी कि

  • उनका कर्ज माफ़ी हो बैंकों से लिया कर्ज किसानों के लिए बोझ बन चुका है. मौसम के बदलने से हर साल फसलें तबाह हो रही है. ऐसे में किसान चाहते हैं कि उन्हें कर्ज से मुक्ति मिले.

  • स्वामीनाथन आयोग की सिफारशो को माना जाये . स्वामीनाथन आयोग की मांग है की किसानो को उनके लागत मूल्य से डेढ़ गुना कीमत मिले बाज़ार में

  • कम से कम 40 रूपये प्रति लीटर दूध का दाम मिले

  • जिस फारेस्ट डिपार्टमेंट जमीं पर अभी वो खेती कर रहे है वो उनके नाम हो मतलब उनके मालिक वो खुद हो

  • बूढ़े किसानो को कम से कम 2000 की वृधा पेंशन मिले

  • सभी किसानो को राशन कार्ड मुहौया करवाया जाये

  • बिजली बिल माफ़ हो . किसान संगठनों का कहना है कि महाराष्ट्र के ज्यादातर किसान फसल बर्बाद होने के चलते बिजली बिल नहीं चुका पाते हैं. इसलिए उन्हें बिजली बिल में छुट दिया जाये . और किसानों की ऐसी ही 10-12 मांगे है.

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