jinnah potrait in AMU
देश

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर लगाने को लेकर बीजेपी सांसद ने वीसी से मांगा जवाब

अक्सर हम सरकारी या फिर गैर सरकारी संस्थानों में महात्मा गांधी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और भीमराव अम्बेडकर आदि नेताओं की तस्वीर लगी हुई देखते हैं लेकिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में इन नेताओं के साथ मोहम्मद अली जिन्ना की भी तस्वीर लगी हुई है । भारत का शायद ही कोई सरकारी या गैर सरकारी संस्थान होगा जहां जिन्ना जैसे नेता की तस्वीर लगी होगी. जिन्ना के इतिहास को लगभग हम सभी जानते हैं की वो कैसे भारत को तोड़ कर एक अलग मुस्लिम कन्ट्री पाकिस्तान का गठन किया था ।

लेकिन अब इस मामले में बीजेपी सांसद ने यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर से लिखित रूप में जवाब मांगा है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई की जिन्ना जैसे कि तस्वीर यूनिवर्सिटी में लगानी पड़ी ।

सांसद गौतम कुमार का कहना है कि आजाद भारत मे पाकिस्तान के संस्थापक की तस्वीर लगाने का कोई औचित्य नहीं है । उनका कहना है कि अगर आप वाकई में किसी की तस्वीर लगाना चाहते हैं तो उस नेक इंसान महेंद्र प्रताप सिंह की लगाइये जिन्होंने यूनिवर्सिटी के लिए जमीन दान की थी ।

सांसद की इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी का कहना है कि जिन्ना की तस्वीर तो पार्लियामेंट में भी लगी हुई है फिर वहां से क्यों नही हटता । इसके बाद उन्होंने कहा कि जिन्ना अविभाजित भारत के हीरो थे और उन्हें इसकी सदस्यता दे दी गई थी जिस कारण यहां 1938 से ही जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है । साथ ही उस्मानी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो चाहे तो अम्बेडकर की तस्वीर को भी हटावा सकते हैं । इस मामले में संसद को वीसी को खत ना लिख कर छात्रसंघ को तलब करनी चाहिए थी ।

वहीं इस मामले में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजल हसन का कहना है कि यह तस्वीर 1938 से लगी हुई है और अगर सांसद के तरफ से तस्वीर को हटाने से संबंधित कोई निर्देश दिया जाता है तो तस्वीर को ज़रूर हटा दी जाएगी ।

यह भी पढ़ें:

जब नेहरू ने ठुकरा दिया था गाँधी का ये प्रस्ताव

 

883 total views, 4 views today

Facebook Comments

Leave a Reply