पीएम के नाम खुला खत: माँ कसम! एक बार मौका तो दीजिए, पूरा पाकिस्तान जला देंगे
विचार

पीएम के नाम खुला खत: माँ कसम! एक बार मौका तो दीजिए, पूरा पाकिस्तान जला देंगे

अपनें 44 वीर जवानों को खोने के बाद पूरा देश शोक में डूबा है। लोग कह रहे हैं, 'वह माँ अपने बेटे का आधा शव कैसे ले ले,जिसकी एक इंच हाइट कम होने पर आप सेना में नहीं लेते'। पूरा भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एक हीं बात पूछ रहा है, कब लेंगे बदला? कब दोगे पाकिस्तान को तगड़ा जवाब? प्रधानमंत्री के नाम एक भारतीय का लेटर:-


प्रधानसेवक जी,

आप चाहें तो चुनाव 5 महीने बाद करवा लें, लेकिन पाकिस्तान से बिना देर किए 44 वीरों की शहादत का बदला जरूर लें। उससे पहले बदला उनसे लें जो हमारे देश का खाते हैं लेकिन पाकिस्तान की चाटुकारी करते हैं। जो देश के खिलाफ आग उगलते हैं, उन्हें या तो कोयले की गर्म भट्ठी में झोंक दें या किसी चौराहे पर खड़ा करके सरेआम गोलियों से भून डालने का परमिशन दे दें।

बंद कर दें वे सारे यूनिवर्सिटी और हाॅस्टल जहाँ देशद्रोही कुंडली मारकर बैठे हैं। अलगाववादियों के मुँह से निकले हर शब्द के साथ उनकी ठुकाई करवाएँ। पाकिस्तान का हुक्का पानी सब बंद कर दें, अंत में उसे अपनें औकात का अंदाजा हो जाएगा। एक बार आप सारे देशवासियों को फ्री तो करें, पाकिस्तान सदा के लिए दफन हो जायेगा । मशहूर शायर मुनव्वर राणा की दो पंक्तियां याद आ रही है।

" इस खौफ से कि, दुनिया का नक्शा बदल न जाए।
     ख़ामोश है तो बात यहाँ तक पहुँच गयी।।"

नहीं दिजिए हमें राशन किरासन, हमें तो बस अपनें वीर जवानों के शहादत का बदला चाहिए। इस समय ना तो कोई भाजपा है ना कोई कांग्रेस, ना हीं राइटिस्ट है ना हीं लेफ्टिस्ट, हमारा केवल एक ही दुश्मन है पाकिस्तान। हर उस भारतीय का सीना उस दिन फक्र से चौड़ा होगा जब पाकिस्तान को उसी के अंदाज में जवाब मिलेगा। हमारे फौज में वह काबिलियत है, जो पाकिस्तान का नाम धरती से मिटा देगा ।

बस आप एक आदेश तो दिजिए। माँ अपनें लाडले के लिए सिसक रही है, पिता अपनें शहीद पुत्र के लिए आँसू बहा रहा है, पत्नी अपनें सुहाग के लिए चित्कारें मार रही है। छोटे बच्चे अपनें पिता को सदा के लिए खोने की खबर से अंजान एकटक देख रहे हैं। एक पिता अपनें एक बेटे को खोने के गम को छुपाकर कहता है, मैं अपनें दूसरे बेटे को भी सेना में भेजूँगा।

यह वतन पर जान न्योछावर करनें वाले जवानों के परिजन हैं जो आपसे गुहार लगा रहे है कि एकबार आर्मी को आदेश दिजिए, पाकिस्तान सुबह नहीं देख पायेगा। आपसे उम्मीदें बहुत है। आप हमसे सारी सुविधाएं छीन लिजिए लेकिन 44 के बदले 444 चाहिए ।


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