राजनीति विचार

आज का नारा मै दलित हूँ  मै दलित हूँ

आज का नारा मै दलित हूँ  मै दलित हूँ  , जी हां आज के राजनीति मे दलित होना अधिक फायदेमंद है क्योंकि सारे पार्टी चाहे वो सत्ताधारी हो या फिर विपक्ष बस यही चिल्ला रही है कि हमारे पास दलित है, तो हमारे पास दलित है और चिल्लायें भी क्यों ना इनके हिसाब से दलित […]

देश विचार

देश की आत्मा का आत्मदाह !

अगर बात पूरे विश्व की करें तो मात्र भारत ही एक ऐसा देश है जहां की सबसे अधिक अबादी गांवो मे बसती है. और कहा भी जाता है कि गांव देश का शरीर होता है  और वहां के किसान उसकी आत्मा लेकिन एक सामान्य सा सवाल है कि अगर आत्मा ही ना रहे तो उस […]

विचार

कभी शिक्षा से गौरव कमाने वाला यह राज्य आज अपनी थू थू करवा रहा है

सत्ता के झरोखे से दुनिया को आईना दिखाने वाला बिहार को गर्त में ले जाने वाले इन दल-बदलू नेताओं की तस्वीर को आईना के सामने नर्तन करवा के क्या फायदा ? कहा जाता है की किसी भी चीज को विकसित करने के लिए शिक्षा का होना बहुत ही आवश्यक है लेकिन ये क्या 21वी सदी […]

विचार

किसी भी रेप के लिए लड़कियां ही जिम्मेदार...???

कल मैंने फेसबुक पर एक पोस्ट निर्भया कांड पर सुप्रीम  कोर्ट में हुई सुनवाई को लेकर पढ़ा। दोस्तों सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक लड़की के लिए किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया..  क्या आप जानते हैं ?  आइए हम आपको बताते हैं.. वैसे तो सुप्रीम कोर्ट ने चारो आरोपियों पवन,मुकेश, विनय […]

देश विचार

बातें मत हांकिए अपनी सोंच बदलिए साहब

भारतीय समाज एक ऐसा समाज है जहां महिलाओं को आदि-काल से ही अपने घर की लक्ष्मी के रुप मे देखा जाता है और कभी दुर्गा के रुप मे तो कभी सरस्वती के रुप मे उसकी पुजा की जाती है , संस्कृत मे एक श्लोक  है ‘यस्य पुज्यंते नार्यस्तु तत्र रमंते देवता:’ जिसका अर्थ है जहां […]

जुर्म विचार

दलालों के हाथों तिलता देश का भविष्य

चाइल्ड बेगर इन इंडिया . अगर कोई बच्चा भीख मांगता हुआ दिखे तो आपको कैसा प्रतीत होगा , आये दिन हम लोग मेट्रो , रेलवे स्टेशन,मंडी और ना जाने कँहा-कहाँ बच्चो को भीख मांगते हुए देख लेते है. यह भी पढ़ें : रेड लाईट पर भारत का भविष्य कभी आपने सोचा कि  ये बच्चें इतने छोटे […]

देश राजनीति विचार

अयोध्या विवाद : कब तक सेकोगे राम- बाबरी पर रोटी ?

अयोध्या विवाद एक ऐसा विवाद है जो राजनीतिक, ऐतिहासिक और समाजिक- धार्मिक भावनाओं से उभरा है , इस विवाद का जन्म 6 दिसम्वर 1992 को ही हो चुका था । इस विवाद का मुख्य कारण है दो समुदायों की आस्था और जब हमारे देश मे बात आस्था कि होती है तो कोई अपना सर कलम […]

सुकमा नक्सली हमला
देश विचार

और कब तक करेंगे हम बस यूं ही निंदा ?

सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा से एक बार फिर देश को झकझोर देने वाली खबर सामने आई , एक बार फिर हमारे जवानों को नक्सलियों के गंदे मंसूबे का शिकार होना पड़ा। सुकमा के इस नक्सली हमले में हमारे सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए और हमेशा की तरह सत्ता के हुक्मरानों ने खानापूर्ति […]

विचार

वंदे मातरम पर इतना घमासान क्यों ?

विगत कई वर्षों से हमारे देश मे वन्दे मातरम बोलने और ना बोलने को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है । इस मुद्दे पर कभी संसद मे तो कभी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया जाता है मुझे ये समझ नहीं आता कि एक तरफ तो हम गर्व से कहते है कि हम भारतीय हैं , […]

विचार

एक कड़वा सत्य देश के नाम

हमारा देश भारत तो 15 अगस्त 1947 को ही फिरंगियों से आज़ाद हो गया था लेकिन हम मासूम जनता को क्या पता था की “घर का भेदी लंका ढहाऐ ” वाली कहावत हम लोगो पर भी दोहराई जा सकती है | एक ओर जहाँ हम 15 अगस्त यानी भारत की आज़ादी की खुशियाँ मनाते है […]