अश्लील गानों के बीच प्रदर्शनी बनकर रह गई हैं सरस्वती माँ
विचार

अश्लील गानों के बीच प्रदर्शनी बनकर रह गई हैं सरस्वती माँ

आज से कुछ साल पहले जब सरस्वती माँ की पूजा की जाती थी,तब मन भाव कैसा भी रहे,आज से बेहतर लगता था। ऐसा नहीं है कि आजकल कोई साफ मन से पूजा नहीं करता है। करते सभी हैं लेकिन दिखावे की प्रवृति इतनी बढ़ गई है कि अब पूजा, वंदना ना होकर अश्लील गानों से लैस एक मनोरंजन बन गया है।

सरस्वती वंदना का मुंह से उच्चारण करने का जो फायदा था, वो क्वालिटी डीजे और माइक में कहां। आजकल लगभग हर दरवाजे पर पूजा की जाती है। इस उम्मीद में नहीं की सरस्वती मां हमें बुद्धि और विद्या देंगी बल्कि इसलिए कि पूजा खत्म होने के बाद से जुलूस तक अश्लील गानों पर डांस करने का अवसर मिलेगा।

बिहार में दुर्गा पूजा के बाद वृहत स्तर पर किसी देवी की पूजा होती है तो वह सरस्वती मां हैं। शराबबंदी के बावजूद शराब के नशे में टुल्ल सरस्वती माँ के भक्त, अश्लील गानों पर कमर लचकाते भक्त, लड़खड़ाते हुए सरस्वती माँ की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते भक्त, लड़कियों को देखकर दो मिनट ज्यादा डांस करने वाले भक्तों की भक्ति पर माता कितनी खुश होती होंगी। जो लड़कियों की इज्जत ना के बराबर करते हों ,वे सरस्वती माँ की पूजा धूमधाम से करते हैं।

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जब माता की प्रतिमा को साक्षी बनाकर अश्लीलता की हदें पार की जा रही होती हैं, यह मां को प्रदर्शनी बनाना नहीं तो और क्या है। इसमें गलती उनकी भी नहीं है जो ऐसा करते है। आखिर हमारा समाज इसकी आज्ञा देता है तभी तो ऐसा हो रहा है। हम उन गानों का विरोध क्यों नहीं कर सकते?

भोजपुरी में नंबर वन गायक उसे माना जाता है जो अश्लील गानें बनता हो, जो स्त्रियों के प्राइवेट पार्ट्स पर गाना बनाता हो, सबसे ज्यादा फैंस उसके हीं होते हैं। यही कारण है कि जहां दूसरे राज्य अपनी भाषा को गर्व के साथ अपनाते है, महाराष्ट्र के लोग मराठी बोलने में नहीं शर्माते है, गुजराती गर्व से गुजराती बोलते हैं, बंगाल के लोग बंगाली बोलने में नहीं हिचकते लेकिन हम बिहार वाले भोजपुरी बोलने में कतराते है।

इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि भाषा को अश्लीलता का एक ऐसा टैग मिल गया है जिसके लिए दोषी गाना बनाने वाले से ज्यादा हम और आप है जो इसको सहन करते हैं ।

क्या पूजा बिना डीजे के नहीं हो सकती? क्या अश्लील गानें हीं जोश और जुनून का परिचायक है? क्या अच्छे हिंदी गानों में वह क्वालिटी नहीं है कि लोग उसे भी डांस में यूज करें? क्या इन सब से खुश होकर सरस्वती माँ अपने भक्तों को बुद्धि और विद्या दे देंगी? ये कुछ सवाल है जिसका जवाब आपके हवाले है ।

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Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
http://www.thenationfirst.com

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