कविता

चलो खुद को बर्बाद करते हैं

चलो अपने बीते हुए पलों को याद करते हैं पहले तो इश्क़ था दोनों को एक दूसरे से लेकिन आज केवल तन्हाई है नदी की तरह समंदर में मिलकर खुद को बर्बाद करते हैं चलो अपने बीते हुए पलों को याद करते हैं । कुछ शिकायते तुझे भी होंगी कुछ शिकायतें मुझे भी हैं तसल्ली […]

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कविता

क्योंकि आज मैं तेरी हिरासत में हूँ

लो कर लो अपनी हसरतें पूरी क्योंकि आज मैं तेरी हिरासत में हूँ । जितनी भी शिकायतें हैं तुम्हारी दूर कर लो आज उन्हें शायद कल मिज़ाज तल्ख हो जाये, फिर फरियाद करती फ़िरोगी मौका है दस्तूर है क्योंकि आज मैं तेरी हिरासत में हूँ । मुमकिन नही कल सुनु मैं तुझे कर लो फरियाद […]

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कविता

तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा

शेष नहीं अब ज़िंदगी मे कुछ भी तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा हां मिज़ाज थोड़ा तल्ख है, आज थोड़ी सी रुसवाईयाँ भी हैं सुहाना मौसम है, दस्तूर है फिर भी, तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा दूर क्यों बैठी हो, पास आओ नींद के दरिया में तुम मीठे सपनों की एक दीपक हीं जलाओ […]

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कविता

तकदीर

लो टकरा हीं गई तकदीर तुम्हारी मेरे तकदीर की लकीरों से तन्हा बैठ कब तक इबादत करोगी इन पत्थर के फकीरों से इनके आशीर्वाद तो खुद हीं तन्हा हैं जो बरसते केवल अमीरों के दिल पे आ खुद से गुफ्तगू कर मिटा दें अपने फासलों को तुम समझती हो, मैं समझता हूँ मिला ही क्या […]

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कविता

एहसास तुझे भी है मुझे भी

एक आग तुझमें भी है एक आग मुझमें भी फिर भी तुम दूर जा बैठी हो इतनी नाजुक सी हालात में इसका एहसास तुझे भी है एहसास मुझे भी तुम चाहो तो हालात बदल सकता है भौंरा फूल से पुनः मिल सकता है ज़रूरत दोनों को एक दूसरे की है समझती तुम भी हो इस […]

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कविता

तेरे प्यार का सुर लेकर संगीत बनाएंगे

जो गीत नहीं जन्मा, वो गीत बनाएंगे। तेरे प्यार का सुर लेकर संगीत बनाएंगे। कोई  सुख भी नहीं अपना! कोई दुःख भी नहीं अपना! दुनिया जिसे कहती है, एक सुंदर सपना। इसे साथ लेकर अपने लवों से सजायेंगे। जो गीत नहीं जन्मा,वो गीत बनाएंगे। रह जाये तो रास्ता है,मिल जाये तो मंजिल है। जो प्यार […]

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कविता

आओ बैठ लें कुछ देर

आओ बैठ लें कुछ देर, आओ निर्विचार हो लें। भुला दें कुछ देर खुद को, जगत को; यहाँ की आपाधापी को। कुछ देर खो जाएँ, धूप में;कुदरती प्रेम में, फिर यह समय मिले न मिले। आओ बैठ लें कुछ देर, आओ निर्विचार हो लें। भावों का यह सुंदर फूल, फिर खिले न खिले। आओ बैठ […]

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कविता

तनहाई

कभी-कभी तनहाई में,   यादों की परछाई में, तुम बहुत याद आते हो।  तुम इतने प्यारे हो कि, आज भी तुम्हीं भाते हो।    यह तनहाई ही है, जो तुम्हारी याद दिलाती है,  वरना व्यस्त दिनचर्या में, फुर्सत कहाँ मिल पाती है।        तुम न सही,    तुम्हारी याद तो है, तुम्हारे साथ […]

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कविता

जलता रहा मैं रात भर

जलता रहा मैं रात भर धु धु कर जलता रहा मैं रात भर तप रही थी तुम भी तो उस आग में तुम ने लगाई थी एक चिंगारी धीरे धीरे जला आशियाँ मेरा तेरी आंखों के शराब में डूब हुआ था मैं उस रात धु धु कर जल रहा था आसियां मेरा जिस रात दिल […]

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