कविता

तेरी रूह में उतर कर मैं एक कहानी लिखता हूँ

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ  ।

प्यार के अल्फाज़ो

से सजाए मैं तेरी

नादानी लिखता हूँ,

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ ।

लाखों अरमा हैं

तेरे दिल में

उस अरमा को

मैं अपनी जुबानी लिखता हूँ ,

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ ।

प्यार का एक बूंद

गिरा कर बदन पर तेरे

उस रात, अपने होने का

निशानी लिखता हूँ,

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ ।

चांदनी रात में तुझे

भर के आगोश में

मैं तेरी जवानी लिखता हूँ,

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ ।

माप कर तेरी

बदन के ताप को

तुझे सयानी लिखता हूँ,

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ ।

सवालिए निशान लगेंगे

तेरे बदन पे

मेरे जाने के बाद

मुझे रोक लो

मैं बीते रात की

भविष्यवाणी लिखता हूँ,

तेरी रूह में उतर कर

मैं एक कहानी लिखता हूँ ।

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