अरुण जेटली | ARUN JAITLEY
राजनीति

अरुण जेटली एम्स में भर्ती, हालत गंभीर, , मिलने पहुंचे मोदी शाह

मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली (66) काफी लंबे समय से बीमार चल रहे है जिसकी वजह से उनको AIIMS में भर्ती कराया गया है। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे एम्स में भर्ती कराया गया। उन्हें सीएन (न्यूरो कार्डियक) सेंटर में एडमिट कराया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कमजोरी और घबराहट की वजह से उन्हें भर्ती कराया गया।

अरुण जेटली का ट्रीटमेंट एंडोक्रिनोलोजिस्ट नेफ्रोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है| कार्डियोलॉजी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉक्टर वीके बहल की निगरानी में अरुण जेटली का इलाज चल रहा है| अरुण जेटली का हाल जानने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला भी AIIMS पहुंचे हैं. अमित शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एम्स पहुंचे हैं.

सॉफ्ट टिशू कैंसर से पीड़ित हैं जेटली

बता दें कि जेटली पिछले करीब 2 साल से बीमार चल रहे हैं। वह सॉफ्ट टिशू कैंसर से पीड़ित हैं। किडनी संबंधी बीमारी के बाद पिछले साल मई में उनकी किडनी प्रत्यारोपित की गई थी। लेकिन किडनी की बीमारी के साथ-साथ जेटली कैंसर से भी जूझ रहे हैं। उनके बायें पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर हो गया है जिसकी सर्जरी के लिए जेटली इसी साल जनवरी में अमेरिका भी गए थे।
कैबिनेट में शामिल न होने के लिए चिठ्ठी लिख कर किया था मना

अरुण जेटली ने पिछली मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय के साथ-साथ कुछ समय के लिए रक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन बीमारी की वजह से दूसरी मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल होने से उन्होंने इनकार कर दिया था. अरुण जेटली ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मंत्रिमंडल में शामिल होने से मना कर दिया था.

अरुण जेटली ने ट्विटर पर चिट्ठी को शेयर करते हुए लिखा था, 'पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं. मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री बनाने पर विचार न करें,'आपकी (पीएम मोदी) अगुवाई में 5 साल काम करने का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा. इससे पहले भी एनडीए सरकार में मुझे जिम्मेदारियां दी. सरकार के अलावा संगठन और विपक्ष के नेता के रूप में मुझे अहम जिम्मेदारियों से नवाजा गया. अब मुझे कुछ नहीं चाहिए.'

खराब सेहत का हवाला देते हुए अरुण जेटली ने लिखा, 'मैं आपसे औपचारिक रूप से अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं कि मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य के लिए उचित समय चाहिए और इसलिए मैं नई सरकार में किसी भी जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं बनना चाहता हूं. इसके बाद निश्चित तौर पर मेरे पास काफी समय होगा, जिसमें मैं अनौपचारिक रूप से सरकार या पार्टी में कोई भी सहयोग कर सकता हूं.'

बीमारी के बावजूद वह मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखते रहे हैं। अक्सर वह प्रमुख मुद्दों पर ब्लॉग लिखकर या फिर ट्वीट कर अपनी राय जाहिर करते हैं।

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