राजनीति

बिहार चुनाव : बिहार में एनडीए के बीच सीटों का हुआ बंटवारा

बिहार में एनडीए के दो प्रमुख दलों भाजपा और जदयू के बीच सीटों के बँटवारे को लेकर चल रही रस्साकसी खत्म हो गई है. सीएम नितीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच हुई बैठक के बाद अमित शाह नें प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी.

उन्होनें कहा कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर आपसी सहमति बन गई है.  दोनों पार्टियाँ बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि  उपेंद्र कुशवाहा और रामविलास पासवान हमारे साथ हैं . सभी पार्टियों के नेता एक साथ बैठकर 'किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा' इसका फैसला करेंगे. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के आधारहीन प्रचार को जनाधार नहीं मिलेगा.

2014 में जदयू, राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी जिसमें उसे केवल दो सीटें मिली थी. उस समय देशभर में मोदी-लहर थी जिसमें बड़े से बड़े शूरमा धराशायी हो गए. इसबार सीट बँटवारे को फॉर्मूला सही नहीं बैठ रहा था. इसलिए इन आशंकाओं को बल मिला था कि कहीं बिहार में एनडीए टूट ना जाए.

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इसके लिए रामविलास पासवान और उपेन्द्र कुशवाहा की बयानबाजी भी जिम्मेदार थी. लेकिन अमित शाह के इस बयान के बाद अब सारी आशंकाएँ खत्म हो गई है. इससे पहले 2014 के चुनाव में एनडीए को 40 में से 31 सीटें मिली थी जिसमें भाजपा को 22, लोजपा को 6 और रालोसपा को 3 सीटें मिली थी.

हालांकि एनडीए के लिए सीटों के बँटवारे पर सभी को साथ रखना टेढ़ी खीर साबित होनेंवाली है. रामविलास पासवान राजनीतिक मौकापरस्ती के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में राजनीति के चाणक्य अमित शाह की रणनीति कितना काम करेगी, यह समय बतायेगा.

इसी बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है की रालोसपा के मुखिया उपेन्द्र कुशवाहा और राजद प्रमुख तेजस्वी यादव के बीच बंद कमरे में मुलाकात हो रही है . वहीं अमित शाह के बयानके बाद रालोसपा के प्रवक्ता ने अक निजी न्यूज़ चैनल के साथ बात करते हुए कहा है किअगर हमारे जनाधार को कम करके आंकागया तो यह एनडीएके लिए अच्छा नही होगा .

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Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
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