बहुत माथापच्ची के बाद हुआ फैसला, मध्यप्रदेश के अगले CM ये होंगे
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बहुत माथापच्ची के बाद हुआ फैसला, मध्यप्रदेश के अगले CM ये होंगे

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके है जिसमें हर बार जीत का सेहरा बाँधने वाली बीजेपी को इस बार मुंह की खानी पड़ी है और यहां कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है । 230 विधानसभा सीट वाला राज्य मध्यप्रदेश ने कांग्रेस को 114 सीट और बीजेपी को 109 सीट दिया है. तो वहीं सरकार बनाने के लिए कुल सीटों की संख्या चाहिए 116 यानी कि कांग्रेस महज 2 सीट दूर थी मध्यप्रदेश की सत्ता से ।

और ऐसे में कांग्रेस की इस कमी को पूरा किया मायावती और अखिलेश यादव ने उन्हें सपोर्ट कर के । कुल मिला कर कांग्रेस अब मध्यप्रदेश में सरकार बनाने को बिल्कुल तैयार खड़ी है. ऐसे में कांग्रेस महकमे में CM पद के लिए भी खींचातानी शुरू हो गई है इस खींचातानी में दो नाम सबसे आगे चल रहें है ।

पहला नाम है ज्योतिरादित्य सिंधिया का और दूसरा कमलनाथ का ,जहां विश्लेषक मानकर चल रहे हैं कि कमलनाथ को ही सीएम बनाया जाएगा, वहीं पार्टी के अंदर से समर्थकों की आवाजें सिंधिया के पक्ष में उठ रही हैं. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा की किसके नाम पर अंतिम मुहर लगती है, एक युवा हैं तो दूसरे अनुभवी... आइये नजर डालते हैं दोनों की पृष्ठभूमि पर-

ज्योतिरादित्य सिंधिया-

ज्योतिरादित्य सिंधिया महज 47 साल के हैं जो युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं । ये गुना संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद भी हैं । इनका उम्र राजनीतिक गलियारे में सुरु से गुजरा है इनके पिता स्वर्गीय माधव राव सिंधिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राह चुके थे ऐसे में मुख्यमंत्री की कुर्सी इनके लिए सजाया जा सकता है । दूसरा कारण यह भी है कि इन्होंने कभी हार का मुख नहीं देखा । जब ये पहली बार 2002 मे गुना से सांसद का चुनाव लड़ा था तब उन्होंने भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी तब से आज तक ये गुणा की कुर्सी पर विराजमान हैं । इन्होंने उस समय भी जीत दर्ज की थी जब कांग्रेस की झोली में महज 44 सीटें हीं आई थीं कुल मिला कर देखा जाए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार हैं ।

कमलनाथ-

सिंधिया के बाद CM की रेस में कमलनाथ का नाम भी शुमार है । 1946 में जन्मे कमलनाथ पहली बार 34 साल की उम्र में छिंदवाड़ा से जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे थे तब से लेकर आज तक छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व यही करते आ रहे हैं हालांकि इस सीट पर इन्हें एक बार 1997 में पूर्व CM सुंदर लाल पटवा के द्वारा शिकस्त मिल चुकी है । कमलनाथ 2001 से 2004 तक कांग्रेस के महासचिव भी राह चुके हैं । उम्रदराज होने के कारण इनकी लोकप्रिय युवाओं में नही के बराबर है लेकिन अपने अनुभवों के कारण ये भी मध्यप्रदेश के CM हो सकते हैं ।

हालांकि सूत्रों के हवाले से आ रही जानकारी के मुताबिक बहुत माथापच्ची के बाद अब सिंधिया ने कमलनाथ के नाम का प्रस्ताव दिया है. अब बस उनके नाम पर राहुल गांधी की मुहर लगनी बाकि है , अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष को ही लेना है .

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