छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जमीन मजबूत करने वाले भूपेश बघेल की कहानी
राजनीति

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जमीन मजबूत करने वाले भूपेश बघेल की कहानी

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत दर्ज होने के बाद संभावना है कि वहां के मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल को चुना जाए क्योंकि जिस तरह से बघेल ने पिछले पाँच सालों में कांग्रेस के लिए खुद को झोंका है ऐसे में इस कुर्सी के सही हकदार भी इन्हें ही होना चाहिए । पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष पद संभालने के बाद बघेल ने पुरे राज्य का दौरा किया है शायद इसी का नतीजा है कि आज कांग्रेस के माथे जीत का सेहरा सजा है ।

भूपेश बघेल ने इस पद को उस समय संभाला जब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को नक्सलियों ने मार दिया था और उस साल कांग्रेस की हार महज 0.73 प्रतिशत वोटों से हुई थी । साथ ही लोकसभा चुनाव भी सर पर था हालांकि लोकसभा चुनाव में तो ये कोई जादू दिखा नहीं पाए लेकिन इस बार विधानसभा मे ज़रूर सफल रहे । सितंबर 2013 में जब इन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई तो उस समय छत्तीसगढ़ में कांग्रेस हतास थी ।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जमीन एक बार फिर मजबूत करने के लिए बघेल ने जमीनी स्तर से काम करना शुरू किया और हर छोटे-बड़े मुद्दे को उठाया चाहे वो राशन कार्ड में कटौती का मामला हो, चिटफंड का मामला हो या फिर नसबंदी कांड का इन्होंने हर मुद्दे को एक आंदोलन की तरह लिया । इनके इस आंदोलन वाले अंदाज को लेकर कांग्रेस के एक महासचिव अटल श्रीवास्तव ने कहा था कि कांग्रेस आंदोलन शब्द को भूल चुका था बघेल ने कोंग्रेसी कार्यकर्ताओं को आंदोलन करना फिर से सिखया है ।

भूपेश बघेल की गिनती एक साफ सुथरे और तेज तर्रार छवि के नेताओं में किया जाता है । जब बघेल सड़को पर उतरते थे तब कार्यकर्ता नारा लगाते थे कि देखो देखो कौन आया छत्तीसगढ़ का शेर आया । जिस तरह से बघेल ने रमन सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया आज उसी का नतीजा है कि कांग्रेस बीजेपी की जमीन खसकाने में सफल रही है । बघेल ने कर्म के आगे किसी को भी नही बक्सा क्यों न वो फिर कांग्रेस के ही नेता हो ।

जब एक कांग्रेसी नेता का नाम अंतागढ़ चुनाव में प्रत्याशी के खरीद फरोख्त के मामले से सामने आया तब इन्होंने उस कद्दावर नेता अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया । रमन सरकार ने इन्हें लपेटे में लेने के लिए इनकी पत्नी और इनकी माँ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर उन पर मुकदमा दर्ज करवा दिया जिसके बाद बघेल ने खुद अपनी माँ और पत्नी की गिरफ्तारी के लिए उन्हें साथ लेकर एसीबी दफ्तर पहुंच गए ।

इसके बाद जब सीडी कांड में एक मंत्री राजेश मूणत को ये कहते हुए गिरफ्तार कर लिया गया की इन्होंने अश्लील सीडी बाँटने की कोशिश की है तब बघेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और हाथ में सीडी लहराते हुए कहा कि अगर हाथ में सीडी रखने से सरकार गिरफ्तार कर रही है तो मुझे भी करो मेरे हाथ में भी सीडी है । जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार तो नहीं किया गया लेकिन इनके खिलाफ केस दर्ज जरूर करवा दिया गया । रिपोर्ट में लिखा गया कि इन्होंने अश्लील सीडी बाँटने की कोशिश की है और जब कोर्ट में चालान पेश हुआ तब उन्होंने जमानत लेने से मना कर दिया और जेल चले गए। अब ये मामला सीबीआई के पास है ।

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