कभी संजय गाँधी के जिगरी दोस्त रहे नौ बार के सांसद कमलनाथ की कहानी
राजनीति

कभी संजय गाँधी के जिगरी दोस्त रहे नौ बार के सांसद कमलनाथ की कहानी

मध्यप्रदेश में चढ़ा चुनावी रंग अब उतर चुका है और मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ के नाम का ऐलान भी हो चुका है । कमलनाथ कांग्रेस के साथ पिछले 3 पीढ़ियों से काम कर रहे हैं यानी की कमल नाथ इंदिरा गांधी के समय से ही कांग्रेस के साथ काम कर रहे हैं शायद यही कारण है कि कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम को पीछे करके कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया है या यूं कहें कि कमलनाथ की 3 पीढ़ियों ने कांग्रेस के लिए खुद को झोंक रखा था आज उसी का फल उन्हें मुख्यमंत्री बनने के रूप में मिला है । आज हम आपको बताएंगे कांग्रेस में कमलनाथ का अब तक का सफ़र ।

इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे थे कमलनाथ 

indira gandhi third son kamalnath

गाँधी परिवार के काफी करीब रहे कमलनाथ को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने तीसरे बेटे की तरह मानती थीं । जब वो छिंदवाड़ा सीट से कमल नाथ के लिए प्रचार करने आई थीं तब उन्होंने भाषण के दौरान कमल नाथ को अपना तीसरा बेटा बता कर इन्हें वोट करने की अपील की थीं । यही कारण था कि कमलनाथ इंदिरा गांधी के बेहद करीब थे । कहा जाता है कि जब इंदिरा गांधी की मौत हुई थी तब कमल नाथ फुट फुट कर रोये थे और रोते-रोते ही उन्होंने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया था । लाजमी है कि जिससे कमलनाथ को इतना प्यार मिला वो दुनिया को अलविदा कह चुकी थी इस सत्य को सहना कमल नाथ के लिए काफी मुश्किल रहा होगा ।

संजय गाँधी के जिगरी 

kamalnath and sanjay gandhi

गांधी परिवार से कमलनाथ का सम्बंध उनके छोटे बेटे संजय गांधी के कारण बढ़ा क्योंकि कमल नाथ और संजय गांधी स्कूल के दिनों के अच्छे दोस्त थे । कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान जब संजय गांधी को गिरप्तार कर कोर्ट में पेश किया गया तब जज ने संजय गांधी को कुछ सुनाया तब कमल नाथ ये बर्दास्त नहीं कर पाए और उन्होंने जज कर उपर कागज का एक लुगदा बना कर मार दिया हालांकि इसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा ।

उत्तर प्रदेश में जन्में कमलनाथ ने जब देहरादून के दून स्कूल में अपना नामांकन करवाया उसी दौरान वो संजय गांधी से मिले और वहीं से उनकी दोस्ती की नाव चल पड़ी साथ ही राजनीतिक कैरियर की शुरुआत भी यहीं से हुई । कहा जाता है कि कमल नाथ और संजय गांधी दोनों ने भारत में छोटी कार का बड़े पैमाने पर उत्पादन का सपना देखा था । उसके बाद युथ कांग्रेस के दिनों में संजय गांधी ने पक्षिम बंगाल में शिद्धार्थ शंकर रे और प्रिय रंजनदास मुंसी को टक्कर देने के लिए चुनाव में उतारा था ।

नौ बार लगातार छिंदवाड़ा से रह चुके हैं लोकसभा सांसद

शायद गांधी परिवार के करीबी होने के कारण ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्यप्रदेश से पार्टी अध्यक्ष न बना कर कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाया । देखा जाए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया इस मामले में थोड़ा अनलकी रहे और कमल नाथ थोड़ा लकी क्योंकि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सीधा टक्कर था । कमल नाथ पिछले 9 बार से लगातार छिंदवाड़ा सीट से लोकसभा सांसद रह चुके हैं ।

क्यूबा क्रांति के जनक फिदेल कास्त्रो से प्रभावित कमलनाथ बतौर बिजनेसमैन भी काफी पॉपुलर हैं फिलहाल वो 23 कंपनियों के बोर्ड ऑफ मेंबर है । कमल नाथ के पिता भी एक सफल बिजनसमैन थे । फिलहाल इनका बिजनस हॉस्पिटल, रियल एस्टेट और एजुकेशन के क्षेत्र में काफी फैला हुआ है ।

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