राजनीति

जब वाजपेयी सरकार ने सीबीआई के डायरेक्टर पद से त्रिनाथ मिश्रा को हटाया था

बड़े से बड़े गुनाहगारों को कठघरे में खड़ा करने वाली देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई आजकल खुद विवादों में है। दो शीर्ष अधिकारियों के बीच की जंग सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुकी है। इस बीच मोदी सरकार ने दोनों अधिकारियों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है । हालांकि सीबीआई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को हटाया नहीं गया है बस उन्हें छुट्टी पर  भेज दिया गया है । आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब सीबीआई प्रमुख को हटाया गया है । साल 1998 में अटल सरकार ने  तत्कालीन सीबीआई डायरेक्टर त्रिनाथ मिश्रा को उनके पद से हटाया था ।
उस समय सीबीआई की टीम ने धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनी पर डी एल लाल की निगरानी में  रेड मारी थी । हालांकि इस रेड की भनक पहले ही अम्बानी के परिवार वालों को लग गई थी क्योंकि कुछ दिन पहले ही सीबीआई ने रिलायंस के अधिकारी सुब्रमण्यम के ठिकानों पर रेड मारी थी। सीबीआई को इस बाद का पता चला था कि सरकार के नीतिगत दस्तावेज रिलायंस के ऑफिस में है । ये छापेमारी ऑफिशियल सेक्रेट से जुड़ी हुई थी ।
सीबीआई उस समय भारत सरकार से जुड़ी दस्तावेज रिलायंस के दफ्तर में ढूंढ रही थी। जिसके बाद सीबीआई ने दावा किया था कि पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़ी कागजात उसके हाथ लगी है । जैसे हीं सीबीआई ने अम्बानी के ऑफिस में छापेमारी की। अम्बानी ने डायरेक्ट तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से बात की। अंबानी ने कहा था कि ऑफिशियल सेक्रेट का मामला गृहमंत्रालय के तहत आता है तो फिर कैसे पीएमओ ओर डीओपी के तहत आने वाली सीबीआई ने उनके ऑफिस में रेड मार दी ।
साल 2013 में ओपन मैगज़ीन में छपे एक लेख के मुताबिक त्रिनाथ मिश्रा ने लिखा कि उन्हें अम्बानी के ऑफिस में रेड मारने के लिए कहा गया था जिसके बाद मैंने अपनी टीम के साथ अम्बानी के ऑफिस में रेड मारी थी। इस घटना के बाद ही त्रिनाथ मिश्रा को डॉयरेक्टर पद से हटा दिया गया था।
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Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
http://www.thenationfirst.com

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