राम जतन सिन्हा ने छोड़ा नीतीश का साथ, लगाया आरोप

बिहार के चुनावी मौसम में रोज़ कुछ न कुछ तब्दीली देखने को मिल रही है । प्रोफेसर राम जतन सिन्हा ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का साथ बिहार विधानसभा चुनाव के पहले ही छोड़ दिया है। प्रोफेसर सिन्हा ने वर्ष 2019 के फरवरी में ही नीतीश का साथ थामा था। इससे पहले वह कांग्रेस का हिस्सा भी रह चुके हैं । पिछले वर्ष 12 फरवरी को नीतीश सरकार का हिस्सा बने थे। ख़ुद नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई थी।

सदस्यता ग्रहण करने के वक़्त उन्होंने कहा था कि कांग्रेस से अब उनका मोहभंग हो गया है। उस पार्टी में एक अरसा गुजर जाने के बावजूद कांग्रेस ने उनके साथ कभी भी इंसाफ नहीं किया। ऐसे में वो अपने राजनैतिक वनवास को नहीं झेल सकते हैं और उन्होंने कहा कि आज के परिपेक्ष्य में बिहार में नीतीश कुमार से बेहतर और कोई विकल्प नहीं है।

आज राम जतन सिन्हा ने नीतीश सरकार पर उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। वह बताते है कि उन्होंने 8 अक्टूबर को इस्तीफा दिया था जो मंजूर हो गयी है। माना यह भी जा रहा है कि वो जहानाबाद से टिकट मिलने की आस रखें हुए थे लेकिन सीट से बिहार के मौजूदा शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। राम जतन सिन्हा 1971 के छात्र संघ के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।

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