व्यंग

नेता जी आप से ना हो पाएगा !

बहुत ठंडी थी और मैं रजाई के आगोश में गहरी नींद में सोया हुआ था तभी देश भक्ति गीतों की ध्वनि और भारत माता की जय, जैसे नारे गूंजने लगते हैं । फिर देश का उत्थान करने वाले कुछ लोग आते हैं और मुझे भी अपने झुंड में शामिल होने के लिए कहते हैं और […]

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व्यंग्य: बुरा ना मानों दिवाली है

सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली में पटाखा बैन करनें के आदेश के बाद परेशानी बढ़ी हुई दिख रही है। बच्चे रो रहे हैं क्योंकि उन्हे पटाखे नहीं मिल रहे है बच्चे तो ठहरे बच्चे,उन्हे क्या पता कि कोर्ट नें क्या किया या क्या न किया। सुनने में आया कि बहुत सारे दुकानदार पटाखे को गिफ्ट का […]

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व्यंग: मरण दिन नाहीं ऊ त ज़बह दिन होवत

उस आदमी की समय की सुरुआत तो तब होती है जब कोई कहे भैया छोटके नानाजी के पत्नी लटकल बा और तब समझ में आती है की उस बेचारी के लिए एक एक पल कितना भारी पर रहा होगा और तो और उसे जाने का मन हो ना हो लेकिन हम तो जबरदस्ती मन्नत मांगते […]

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भई ई जनम में हमसे ना हो पाई

अमा कहने को तो कुछ भी बोल दो मुँह आगे में है और तो और इतना जबरदस्त की दूसरों के मुँह से भी बुलवा लो. सुबह सुबह जब हम अपने घर से रोज की भाती लल्लन की चाय के दुकान के लिए रवाना हो रहे थे की हमारी धर्मपत्नी बोलती है आज तो तुम्हरा खाना […]