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बैडमिंटन: गुरू 'गोपी' के चैंपियन शिष्य 'श्रीकांत'

पिछले कुछ समय से भारतीय बैडमिंटन का पताका पूरी दुनिया में लहरा रहा है| पीवी सिंधू और साइना नेहवाल नें महिला वर्ग में पिछले कुछ सालों में भारत का नाम रोशन किया है, तो इस मामले में पुरूष शटलर भी कोई कम नहीं हैं|

इनमें किदांबी श्रीकांत एक ऐसा नाम है , जिसके सितारे अभी बुलंदी पर है, फिर भी वह हमेशा की तरह शांत, एकाग्रचित और लक्ष्य की तरफ ध्यान लगाए बैठा है| अक्सर सफलता मिलनें के बाद खिलाड़ी रास्ता भटक जाते हैं, लेकिन श्रीकांत इससे जरा भी विचलित या अतिआत्मविश्वासी नहीं है|

वे विराट कोहली जैसे अहं के सौदागरों के लिए एक बेहतरीन जवाब हैं| लगातार तीन सुपरसीरीज के फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय एवं कुल 5वें शटलर बनने के बाद भी दम लेते नहीं दिख रहे| आज ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपरसीरीज के फाइनल में ओलंपिक चैंपियन चेन लोंग को 22-20, 21-16 से मात देकर श्रीकांत नें अपनी योग्यता का पूरा सबूत दे दिया|

इस मैच के खत्म होनें के बाद उनके साथी साईं प्रणीत नें ट्वीट कर जो कुछ कहा है, वह भारतीय बैडमिंटन के लिए शुभ संकेत है|प्रणीत ने ट्वीट कर कहा ' दुनिया के किसी भी शटलर के लिए टाइटल जीतना बहुत मुश्किल है, जब भारतीय लड़के फॉर्म में हों, वेल प्लेड श्रीकांत'.. याद रहे प्रणीत वही है जिन्होनें इसी वर्ष सिंगापुर सुपरसीरीज के फाइनल में किदांबी को हराया था|

बैडमिंटन इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी रैंकिंग इवेंट के फाइनल में दो इंडियन पहुँचे थे| आज से पहले चीन के चेन लोंग से पाँच के पाँच मैच हारने वाले श्रीकांत नें आज दमदार क्रॉस कोर्ट रिटर्न और स्मैश से अपने विपक्षी को चित कर दिया|पहले गेम में तो काँटे वाली टक्कर हुई लेकिन दूसरे में लोंग की एक न चली|

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इससे पहले सात दिन भी नही हुए हैं, जब किदांबी नें जापान के काजुमासा सकाई को हराकर मलेशिया ओपन सुपरसीरीज का खिताब जीता था|एक के एक बाद सुपरसीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करके श्रीकांत नें चीनी खिलाड़ियों के लिए एक वार्निंग दे दी है, कि अब उनकी बादशाहत खतरे में है|

विश्व में 11वीं रैंकिंग के इस खिलाड़ी ने 2014 में उस समय तहलका मचा दिया था , जब चाइना ओपन सुपरसीरीज प्रीमियर बैडमिंटन के फाइनल में उस समय के ओलंपिक चैंपियन और 5 बार के विश्व चैंपियन लिन डान को आसानी से हरा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बने थें|

2015 में विक्टर अलेक्सेन को हराकर 24 वर्षीय श्रीकांत, स्विस ओपन गोल्ड ग्रां प्री जीतने वाले पहले भारतीय पुरूष खिलाड़ी बनें|इसी साल उन्होनें अलेक्सेन को हराकर हीं इंडियन ओपन सुपरसीरीज का खिताब जीता|2016 में सैयद मोदी ग्रां प्री जीतना भी उनके करियर की प्रमुख उपलब्धि है|

इसी वर्ष रियो ओलंपिक में विश्व नंबर 5 जॉर्जेंसन को हराकर अंतिम आठ में पहुँचने वाले श्रीकांत , इस बार लिन डान से पार नहीं पा सके|पुलेला गोपीचंद की 'शटलरों की फैक्ट्री' देश के लिए लगातार चैंपियन खिलाड़ी दे रही है|पिछले वर्ष पीवी सिंधू नें ओलंपिक का रजत पदक जीतकर न केवल अपने देश , बल्कि अपने कोच गोपीचंद और उनकी एकेडमी का नाम रोशन किया|

गोपीचंद नें इस देश को श्रीकांत के अलावा पीवी सिंधू, पी कश्यप, गुरूसाईंदत, समीर वर्मा, अरूण विष्णु और अश्विनी पटवाने जैसे बेहतरीन शटलर दिए हैं|

वे अपने शटलरों को तैयार करने में किसी तरह की कमी महसूस नही होने देते , जैसा उन्होनें झेला है|बहुत कम बोलने वाले पुलेला गोपीचंद नें श्रीकांत के ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपरसीरीज फाइनल में पहुँचने पर अपने शिष्य से बस इतना कहा 'बहुत अच्छा खेले, श्रीकांत.. खाने पर ध्यान रखना'.. इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि किदांबी के सफलता में गुरू गोपी का भी बड़ा योगदान है| ऐसे कोच और लगातार निकलते चैंपियन शटलर के दम पर भारत के बैडमिंटन का सितारा लगातार बुलंदी की ओर है|

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Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
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