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गांगूली का एक फैसला और सहवाग विस्फोटक बल्लेबाजों के लिस्ट में शुमार हो गए

भारतीय क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग का नाम सबसे ऊपर यानी कि शीर्ष पर रखा जाता है अगर वो ठान लेते थे कि इस बॉल पर सिक्स लगाना है तो शायद ही वो चूकते थे यही कारण था कि अच्छे से अच्छा गेंदबाज भी उनका सामना करने में कतराता था लेकिन, जब वीरेंद्र सहवाग का चयन टीम में हुआ था तब ये मध्यमक्रम में बल्लेबाजी करने के लिए आते थे ये बात शायद लोग ही जानते हैं । लेकिन उस समय के तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें ओपनिंग के लिए भेजा जहां सहवाग ने ऐसी धुआंधार बल्लेबाजी की कि टीम मैनेजमेंट और खुद कप्तान गांगुली भी देखते रह गए और यहीं से सहवाग के जीवन में एक बहुत बड़ा बदलाव आया और वो दुनिया के सबसे बड़े विध्वंसक बल्लेबाजों के लिस्ट में शुमार हो गए ।

इस वाक्ये को उन्होंने तब साझा किया था जब वो बोरिया मजूमदार की पुस्तक 'इलेवन गोड्स एंड मिलियन इंडियंस' के बंगाली वर्जन की लॉन्चिंग में पहुंचे थे । इस कार्यक्रम में बातचीत के दौरन उन्होंने कहा कि "जब मैं साल 2002 में इंग्लैंड दौरे पर था तब उस समय कप्तान गांगुली और कोच जॉन राइट चाहते थे कि मैं टेस्ट मैच में पारी की शुरुआत करूं लेकिन मैं इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं था ।

तब गांगुली ने कहा कि तुमने कुछ समय वनडे में ओपनिंग की है इस लिए अब तुम्हारे पास अनुभव है । जिस पर सहवाग ने कहा कि सचिन और आपने अपने कैरियर की शुरुआत बतौर ओपनर किया है फिर भी आप ओपनिंग क्यों नहीं करते और मैं मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करूँगा जिस पर गांगुली नाराज हो गए और बोले कि अगर तुम टेस्ट मैच खेलना चाहते हो तो तुम्हें ओपनिंग करना होगा सवाल मत करो और अगर तुम ओपनिंग नहीं करना चाहते तो जाकर बैठ जाओ ।

सहवाग के पास कोई और ऑप्शन नहीं था लेकिन उन्होंने गांगुली से ये वादा लिया कि अगर वो 3-4 मैचों में नहीं चले तो उन्हें मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने देंगे । इसके बाद गांगुली ने सहवाग की बात मान ली और अब सहवाग टेस्ट में भी ओपनिंग करने लगे ।

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