खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत पर सोना बरसाने वाले एथलीटों से परिचय

4 से 15 अप्रैल तक चला गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हो गया. भारत नें 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य के साथ कुल 66 पदक अपनें नाम किए. आइए हम आपको परिचय करा रहे हैं सभी 26 स्वर्ण विजेताओं से:-

1. मीराबाई चानू- मणीपुर के इस 23 साल की वेटलिफ्टर नें गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला स्वर्ण दिलाया. चानू नें यह गोल्ड 48 किलोवर्ग में जीता. इसी वर्ग में वह विश्व चैंपियन हैै.

2. संजीता चानू- मणीपुर के एक और वेटलिफ्टर नें भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया. 24 साल की संजीता नें 53 किलोवर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्होनें चोट और आलोचना से परेशान होकर इस खेल को छोड़नें का मन बना लिया था.

3. सतीश कुमार शिवलिंगम- तमिलनाडु के वेल्लोर से आने वाले सतीश से वेटलिफ्टिंग में भारत को गोल्ड की उम्मीद थी. 25 साल के इस वेटलिफ्टर नें उम्मीदों पर खड़ा होते हुए 77 किलोवर्ग में गोल्ड दिलाया.

4. आर वेंकट राहुल- वेटलिफ्टिंग के 85 किलोवर्ग में भारत की उम्मीद थें वेंकट राहुल. आंध्र प्रदेश के स्टुअर्टपुरम से आनेवाले 21 साल के राहुल नें किसी को भी निराश नहीं होनें दिया. और भारत को चौथा गोल्ड दिलाया.

5. पूनम यादव- यूपी की रहनेवाली पूनम यादव नें 69 किलो भार के वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक दिलाया. इससे पहले पूनम नें 63 किलो में पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य जीता था.

6. मनु भाकर- हरियाणा के झज्जर से आनेवाली मनु भाकर नें भारत को शूटिंग में गोल्ड दिलाया. सबसे ध्यान देनें योग्य बात है कि मनु केवल 16 साल की हैं. उन्होनें महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल में नंबर एक पोजिशन हासिल किया. इससे पहले इसी साल शूटिंग विश्वकप में मनु नें कई गोल्ड जीते थे.

7. महिला टेबल टेनिस टीम- देश की नंबर एक टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा के नेतृत्व में महिला टीम नें सिंगापुर जैसी मजबूत टीम को 3-1 से हराया. इस टीम की अन्य सदस्य थीं मौमा दास और मधुरिका पाटेकर. इतिहास में पहली बार इंडियन महिलाओं नें स्वर्ण जीता है.

8. जीतू राय- नेपाली मूल केे भारतीय शूटर जीतू राय शूटिंग का एक जाना पहचाना नाम है. गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ में 30 साल के जीतू नें मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता है. इससे पहले वे 2014 के एशियाई एवं कॉमनवेल्थ गेम्स में 50 मीटर पिस्टल में स्वर्ण जीता. 2016 में जीतू को राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड मिला.
9. पुरूष टेबल टेनिस टीम- अचंत शरत कमल, हरमीत देसाई और जी. सत्यान की टीम को रोकना किसी भी टीम के लिए संभव नहीं था. सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन सिंगापुर को 3-2 से हरानें में संघर्ष करना पड़ा लेकिन फाइनल में नाइजीरिया को 3-0 से हरानें में कोई दिक्कत नहीं हुई.

10. बैडमिंटन मिक्सड टीम- भारतीय शटलर कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान पूरी लय में थे. साइना नेहवाल, अश्विनी पोनप्पा, के श्रीकांत, R सात्विक और चिराग शेट्टी की मिक्स टीम नें गोल्ड के लिए मैच में डिफेंडिंग चैंपियन मलेशिया को 3-1 से हराया. कॉमनवेल्थ के इतिहास में पहली बार मिक्सड टीम नें गोल्ड जीता.

11. हीना सिद्धू- पंजाबी मूल की हीना सिद्धू नें महिलाओं के 25मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. साथ हीं उन्होनें 10 मीटर एयर पिस्टल में सिल्वर मेडल जीता. 2014 में वह अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन की रैंकिंग में नंबर वन पर पहुँचनें वाली पहली भारतीय पिस्टल शूटर बनी. 28 वर्षीय सिद्धू 2013 ISSF विश्वकप में गोल्ड जीतनें वाली पहली भारतीय पिस्टल शूटर है.

12. श्रेयसी सिंह- बिहार के जमुई की रहनेवाली श्रेयसी नें डबल ट्रैप शूटिंग इवेंट में सभी को परास्त करते हुए पीला तमगा जीता. बाँका के दिवंगत सांसद दिग्विजय सिंह की बेटी श्रेयसी नें इससे पहले 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था. उनके पिता और दादा लाइफटाइम भारतीय रायफल संघ के अध्यक्ष रहे.

13. राहुल आवरे- महाराष्ट्र के राहुल आवरे नें 57 किलोवर्ग के फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण जीता. 26 साल के आवरे नें चोट से जूझते हुए अपनें विरोधी को 15-7 से हराकर पीला मेडल जीता.

14 . सुशील कुमार- भारतीय कुश्ती के पर्याय बन चुके सुशील नें उम्मीदों पर खड़े उतरते हुए गोल्ड मेडल जीता.74 किलोवर्ग में दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील के दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के पहलवान को चित करनें में केवल 1मिनट 10 सेकंड लगा. लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ में उन्होनें गोल्ड जीता है.

15. अनीष भानवाला- केवल 15 साल के शूटर अनीष भानवाला नें गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 25मीटर रैपिड फायर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता. इसके साथ हीं हरियाणा का यह लड़का, सबसे कम उम्र में कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल जीतनें वाला भारतीय बन गया है.

16. तेजस्विनी सावंत- 37 साल की तेजस्विनी सावंत शूटिंग में अनुभव की खान है. महाराष्ट्र के कोल्हापुर की सावंत नें 50 मीटर रायफल थ्री पोजिशन में गोल्ड जीता. यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका सातवां पदक है. नेवी ऑफिसर की बेटी तेजस्विनी को 2011 में अर्जुन अवार्ड मिल चुका है.

17. बजरंग पूनिया- 24 साल के युवा पहलवान बजरंग पूनिया नें 65 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में गोल्ड जीता. हरियाणा के झज्जर से आनेवाले पूनिया से हमेशा गोल्ड की उम्मीद की जाती है.

18. एमसी मैरीकॉम- त्याग और काम के प्रति समर्पण का उदाहरण मैरीकॉम से बेहतर नहीं हो सकता है. 35 साल की मैरीकॉम नें तीन बच्चों की माँ होनें के बावजूद बॉक्सिंग को नहीं छोड़ा. पहली और संभवतः अंतिम बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरी 5 बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम नें 45-48 किलोवर्ग में गोल्ड जीता. वे वर्तमान में राज्यसभा सांसद भी है.

19. संजीव राजपूत- 37 साल के संजीव राजपूत नें अपनें अपार अनुभव का लाभ उठाते हुए गोल्ड पर निशाना लगाया. उन्होनें यह कामयाबी 50 मीटर रायफल 3 पोजिशन में हासिल की. यमुनानगर हरियाणा के संजीव अर्जुन अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं

20. सुमित मलिक- हरियाणा के रोहतक से आनेवाले सुमित मलिक नें 125 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत को गोल्ड दिलाया. 25 वर्षीय मलिक नें 13 साल के उम्र से दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी थी.

21. गौरव सोलंकी- युवा बॉक्सर गौरव सोलंकी नें 52 किलो फ्लाइवेट में भारत को गोल्ड दिलाया. उन्होनें उत्तरी आयरलैंड के बॉक्सर को 4-1 से हराया . गौरव नें जीत के बाद अपनें विरोधी कोच का पैर छुकर ऑस्ट्रेलिया में हर भारतीय का सर गर्व से ऊँचा कर दिया

22. नीरज चोपड़ा- पानीपत हरियाणा के नीरज चोपड़ा नें भाला फेंक( जेवलिन थ्रो) में 86. 47 मीटर के साथ स्वर्ण जीता. 20 साल के नीरज नें न केवल डेब्यू में गोल्ड जीतनें वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह बनायी, बल्कि जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीतनें वाले पहले भारतीय बनें.

23. विनेश फोगाट- 23 साल की विनेश फोगाट नें 50 किलोवर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीता. हरियाणा के बलाली की रहनेवाली विनेश एक सॉलिड कुश्ती बैकग्राउंड से आती हैं. उनकी चचेरी बहनें गीता और बबीता अंतर्राष्ट्रीय पहलवान है. विनेश नें 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोवर्ग में गोल्ड जीता था.

24. मनिका बत्रा- इस गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में किसी नें सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वह है 22 साल की टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा. दिल्ली के नारायणा विहार की मनिका नें गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स के चार इवेंट में हिस्सा लिया और चारो में पदक दिलाए. महिला टीम इवेंट में गोल्ड जीतनें के अलावा मनिका नें एकल महिला वर्ग में गोल्ड जीतनें वाली पहली भारतीय खिलाड़ी होनें के गौरव हासिल किया. मौमादास के साथ महिला डबल्स में सिल्वर जबकि जी सत्यान के साथ मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉंज जीता. वह भारत की नंबर एक टेबल टेनिस खिलाड़ी है, विश्व में 58वें रैंकिंग पर है.

25. विकास कृष्णन- हरियाणा के भिवानी जिले से संबंध रखनें वाले बॉक्सर विकास कृष्ण यादव नें 75 किलो मिडलवेट वर्ग में गोल्ड जीता है. इससे पहले यह 26 वर्षीय बॉक्सर 2010 एशियाई खेलो में गोल्ड जीत चुका है. 2012 में उन्हें अर्जुन अवार्ड मिला था.

26. साइना नेहवाल- साइना नेहवाल भारतीय खेल जगत की नामचीन हस्ती है. पूर्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नें गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन के महिला एकल वर्ग में गोल्ड दिलाया. एक और भारतीय शटलर पीवी सिंधु के फाइनल में पहुँचनें से यह ऑल-इंडिया फाइनल था जिसमें साइना नें बाजी मारी.

2018 गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय युवा खिलाड़ियों नें अपनें प्रदर्शन से बहुत प्रभावित किया है. इसके साथ अनुभवी खिलाड़ियों नें भी अपनें ख्याति के अनुरूप खेला. अब सबकी नजर एशियाई खेल और 2020 के टोक्यो ओलंपिक पर टिकी है जहाँ इनसे पदक की उम्मीदें हैं.

यह भी पढ़ें :

66 पदक जीत भारत ने खत्म किया अपना कॉमनवेल्थ सफर, अब तक का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

 

3,582 total views, 4 views today

Facebook Comments

Leave a Reply