इंग्लैंड के खिलाफ भारत का तगड़ा संघर्ष, लेकिन इतिहास याद रखेगा टीम इंडिया की 4-1 से हार
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इंग्लैंड के खिलाफ भारत का तगड़ा संघर्ष, लेकिन इतिहास याद रखेगा टीम इंडिया की 4-1 से हार!

भारत में जुलाई अगस्त का महीना, प्रलय जैसे हालात देनें वाले भारी बारिशों के नाम होता है, वहीं इंग्लैंड में क्रिकेट खेलनें के सबसे आदर्श मौसम के लिए. जब भी टीम इंडिया SENA( S-साउथ अफ्रीका, E- इंग्लैंड, N- न्यूजीलैंड, A- ऑस्ट्रेलिया) देशों का दौरा करनें वाली होती है, चर्चा दो चार महीनें पहले से शुरू हो जाती है. पिछले दो तीन महीनें से भारतीय टीम, इंग्लैंड के दौरे पर थी.

शुरूआत कैसे हुई ?

आईपीएल खत्म करनें के बाद अफगानिस्तान से टेस्ट खेलकर जून के अंत में, भारतीय टीम अपनें सबसे ताकतवर हथियारों के साथ इंग्लैंड गई. सबसे पहले आयरलैंड को 2 टी20 में हराकर टीम नें औपचारिकता क्या पूरी की, भारत में जोर शोर से हल्ला होने लगा कि इस बार कोहली सेना, इंग्लैंड का तेल निकालेगी. टी20 सीरीज़ को 2-1 से जीतकर सवा सौ करोड़ की आबादी वाले देश के क्रिकेट फैन्स को मुस्कुराने का मौका भी दिया. लेकिन वनडे सीरीज के साथ भारतीय टीम अपनें पुरानें रूप में नजर आने लगी. पहले वनडे को आसानी से जीतनें के बाद भी अगले दो मैच हारकर सीरीज 2-1 से हारना, ज्यादा दुखदायी नहीं रहा. क्योंकि सारी नजरें 5 टेस्ट मैचों पर टिकी थी.

टेस्ट सीरीज़ के मायनें:-

यह कहनें को तो दुनिया की नंबर एक और नंबर 4 टीम के बीच की जंग थी लेकिन ऐसा नहीं था. वास्तव में, यह टेस्ट खेलनें वाले दुनिया के दो सबसे बेहतरीन देशों का मुकाबला था जिसपर टेस्ट क्रिकेट को नया जीवन देनें का बोझ था. मतलब साफ था, जिस तरह से टेस्ट क्रिकेट का क्रेज खत्म हो रहा है, अगर इन दोनों के बीच रोमांचक सीरीज होती है तो टेस्ट में भी दर्शकों की रुचि बढ़ेगी.

बर्मिंघम का पहला टेस्ट- क्रिकेट में रोमांच और बॉल दर बॉल सिचुएशन कैसे चेंज होता है, इस मैच में उसकी पूरी झलक दिखी. पेसर को मदद मिलनें का अनुमान लेकर उतरी दोनों टीमें लेकिन पहली पारी में शीर्ष विकेट टेकर एक स्पिनर था अश्विन. कोहली का पुछल्ले बैट्समैन के साथ 149 रनों की पारी अद्भुत थी. इंग्लैंड की दूसरी पारी में ईशांत नें 5 विकेट लिए. लेकिन महफिल लूटी 20 वर्षीय सैम कुर्रान नें, पहली पारी में 4 विकेट लिए वहीं दूसरी पारी में बहुमूल्य 63 रन बनाए. अंतिम स्कोर रहा:- पहली पारी- इंग्लैंड(287),भारत(274) दूसरी पारी- इंग्लैंड(180),भारत(162), परिणाम- इंग्लैंड 31 रन से जीता

लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट- पहले टेस्ट में टीम इंडिया को जीतना चाहिए था लेकिन दूसरे टेस्ट में ऐसे घुटनें टेकेगी, किसी को नही पता था. अकेले क्रिस वोक्स के 137 रनों नें मेहमानों को हैंडल कर लिया. भारतीय बैटिंग बुरी तरह चरमराई, ऐसे में भला गेंदबाज क्या करते. अंतिम स्कोर रहा- पहली पारी- भारत(107), इंग्लैंड(396/7 घोषित), दूसरी पारी-भारत(130) परिणाम- भारत की पारी और 159 रन की हार.

नॉटिंघम- भारत नें घायल शेर की तरह पलटवार किया. धवन(35), राहुल(23) नें पहली बार 50 से ज्यादा रनों का स्टार्ट दिया. कोहली, रहाणे का अर्द्धशतक लगा,रिषभ पंत नें टेस्ट करियर का आगाज छक्के के साथ किया. लेकिन मेजबानों के बैटिंग की कमर तोड़ी पांड्या के 5 विकेट नें, जिसमें पंत के 5 कैच भी थे. दूसरी पारी में कोहली नें पहली इनिंग के गलती को न दोहराते हुए शतक लगाया, और फिर अंतिम पारी में बटलर के शतक(106) पर पानी फेरा बुमराह के 5 विकेट नें. अंतिम स्कोर रहा:- पहली पारी- भारत(329), इंग्लैंड(161) दूसरी पारी- भारत(352/7), इंग्लैंड- 317 परिणाम- भारत 203 रनों से विजयी

साउथम्पटन में टेस्ट नंबर 4- अगर बर्मिंघम में भारत को जीतने के सबसे आसान मौका था तो साउथम्पटन में जीत झोली में थी. नॉटिंघम में जीत का खुमार सिर पर था और यहाँ पहली पारी में 27 रनों की बढ़त भी मिली. पुजारा(32) का बल्ला खूब गरजा भी और बरसा भी. लेकिन दूसरी पारी में 245 का टार्गेट सामनें था. जब तक कोहली-रहाणे क्रीज पर थे,भारत को जीत की खुशबू आ रही थी लेकिन उनके आउट होते हीं ताश के पत्ते की तरह बिखड़ गई नंबर 1 टीम. अंतर पैदा किया इंग्लैंड के नंबर 8 सैम कुर्रान नें, क्रमशः 78 और 46 का स्कोर कर. मोईन नें अंतिम पारी में 4 विकेट लेकर भारत का काम तमाम किया. अंतिम स्कोर रहा::- पहली पारी- इंग्लैंड (246), भारत(273) दूसरी पारी- इंग्लैंड(271),भारत(184). परिणाम- मेजबान 60 रनों से विजयी.

ओवल में 5वाँ और अंतिम टेस्ट- मेजबान टीम सीरीज पहले हीं 3-1 से जीत चुकी थी. यह मैच महज औपचारिकता मात्र था. साथ में इंग्लैंड हीं नहीं, दुनिया के महान ओपनर एलिस्टर कुक अपना अंतिम टेस्ट खेल रहे थे. पहली पारी में इंग्लैंड के पुछल्लों को रन बनानें देना फिर भारी पड़ गया टीम इंडिया के लिए. 181 पर 7 से 332 रन बना डाला मेजबान टीम नें. जडेजा के 4 और ईशांत, बुमराह के 3 3 विकेट नें काम किया लेकिन देर से. नए नवेले हनुमा विहारी नें अपनें पहले हीं पारी 56 रन बनाकर सेलेक्शन को जायज ठहराया वहीं जडेजा नें नाबाद 87 बनाकर कप्तान को बताया कि उन्हें पिछले 4 मैचों में न खेलाना कितना महँगा सौदा रहा.

अपनी अंतिम पारी में कुक नें 147 रन बनाकर दिखाया, कि क्रिकेट उन्हें कितना मिस करेगा. 464 का टार्गेट सामनें था और टीम इंडिया के 2 रनों पर धवन, पुजारा और कोहली आउट. राहुल के 149 और पंत नें करियर का पहला शतक(114) लगाकर ड्रॉ की उम्मीद जगाई लेकिन राशिद नें दोनों को आउट कर भारत की कहानी पैक कर दी. पहली पारी- इंग्लैंड (332), भारत(292) दूसरी पारी- इंग्लैंड(423/8), भारत(345). रिजल्ट- इंग्लिश टीम नें 118 रनों से मैच और 4-1 से सीरीज जीती.

राइटर्स कॉर्नर - टीम इंडिया को अपनें ओपनरों से तो धोखा मिला लेकिन राहुल, पंत और हनुमा विहारी नें अपनी अहमियत बताई. तेज गेंदबाजों को रौद्र रूप में देखना, वो भी दूसरे देश में, बेहद मजेदार रहा.भारत नें संघर्ष तो बेहद तगड़ा किया लेकिन दुनिया रिजल्ट देखती है, वह है भारत की 4-1 से हार. अगले महीनें वेस्टइंडीज से टेस्ट खेलनें हैं लेकिन अगला फोकस ऑस्ट्रेलिया दौरे पर होना चाहिए ताकि इंग्लैंड वाली गलती वहाँ न दोहराई जाए. हालांकि इस सीरीज में दो तीन मैच नजदीकी रहे. इन रोमांचक मैचों से दर्शकों का रूझान टेस्ट की तरफ लौटेगा जो अच्छा संकेत है.

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