अफगान शेरों नें श्रीलंका को पकड़ाई कोलंबो की फ्लाइट
खेल

अफगान शेरों नें श्रीलंका को पकड़ाई कोलंबो की फ्लाइट

जिसकी उम्मीद थी,जिसका होना तय था, ठीक वैसा हीं हुआ. यह कोई उलटफेर नहीं था जो आँखे फटी की फटी रह जाये. वह टीम,जो भारत के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 5 एशिया कप जीती है. लेकिन यह श्रीलंका ना तो जयसूर्या, अट्टापट्टू वाली टीम है और ना हीं दिलशान, संगकारा, जयवर्धनें या फिर मुरलीधरन वाली.

ऐसा हुआ क्या?

कल रात एशिया कप 2018 का बेहद अहम मैच हो रहा था, अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच. मैथ्यूज की श्रीलंका के लिए यह करो या मरो का मैच था क्योंकि बांग्लादेश से पहले मैच में वह बुरी तरह पीट चुकी थी. टॉस जीता अफगानिस्तान के कप्तान असगर नें, और फटाक से बैटिंग ले लिया. वे भी जानते थे कि यह श्रीलंकाई टीम रनचेज में पहले वाली टीम नहीं रही. ओपनर शाहजाद(34) और इंशानुल्लाह जन्नत(45) की अच्छी शुरूआत को आगे बढ़ाया रहमत शाह(72) नें.

फिर शहीदी के 37 रनों और निचले क्रम के बल्लेबाजों के रनों की वजह से अफगान टीम पहुँची 249 पर. अनुभवी थिसारा परेरा नें 5 विकेट लिए. जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम के ओपनर कुशल मेंडिस को मुजीब नें आउट कर वापस भेजा. फिर डिसिल्वा(23), कुशल परेरा(17), थरंगा(36), शेहान जयसूर्या(14), मैथ्यूज(22) और थिसारा परेरा(28) के रन सिर्फ नाम मात्र के थे. किसी नें लंबी पारी खेलनें की कोशिश नहीं की. नतीजा हुआ कि श्रीलंकाई टीम न केवल मैच हारी बल्कि कोलंबो के लिए फ्लाइट का टिकट भी कटा लिया.

अफगानिस्तान को कमजोर आँकनें की गलती ना करे कोई:-

नंबर 1 टी20 स्पिनर राशिद खान, दुनिया के टॉप ऑलराउंडर्स में से एक मोहम्मद नबी और बैट्समैन के लिए अबूझ पहेली बना फिरकी का जादूगर किशोर मुजीब रहमान जिस टीम के पास हो, जिस टीम के पास आफताब आलम, गुलबदिन नायब, दवलत और शपूर जादरान जैसे पेसर हो, जिसके पास मोहम्मद शहजाद जैसे विस्फोटक ओपनर, इंशानुल्लाह, रहमत शाह, असगर अफगान, शहिदी जैसा तगड़ा बैटिंग लाइनअप हो, वह टीम कमजोर कैसे हो सकती है. अफगानी ऐसे योद्धा होते हैं जो हार मानना नहीं जानते हैं. इस टीम के ज्यादातर खिलाड़ी पाकिस्तान बॉर्डर पर शरणार्थी कैंप में खेलकर यहाँ तक पहुँचे. अफगानिस्तान के पास उच्चस्तरीय स्टेडियम नहीं है. तभी तो बीसीसीआई नें ग्रेटर नोएडा का स्टेडियम इस टीम को दे दिया.

राइटर्स कॉर्नर:-

श्रीलंका का रिजल्ट, उस बच्चे की तरह था जो ख्वाब तो टॉपर करनें का रखता था लेकिन थर्ड डिवीजन लायक भी नंबर नहीं मिला. सुपर 4 की कहानी लगभग तय है भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान. बाकी तीनों टीम को अफगानिस्तान से बचकर रहना होगा. कुल मिलाकर एक तगड़ी भिड़ंत होगी सुपर 4 में. हाँ, जो लोग श्रीलंका की हार पर आश्चर्यचकित हो रहे हैं, वे एक बार उसकी बैटिंग देख लें. एक कहावत है, पेड़ बोओगे बबूल का, तो आम कहाँ से खाओगे. अब इतना खराब खेलोगे तो एशिया कप क्या खाक ले पाओगे.

Facebook Comments

Leave a Reply