खेल

भारत दूसरा वनडे जीत गया, लेकिन 2 रन के लिए 40 मिनट के ब्रेक की चौतरफा निंदा हो रही है

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरिज का दूसरा वनडे। 19वें ओवर की आखिरी गेंद..भारत को जीत के लिए चार रन की जरूरत थी, इमरान ताहिर की बाहर निकली गेंद को कोहली नें कवर ड्राइव के जरिए स्वीपर कवर की तरफ खेला..तबरेज शम्सी जबतक डाइव लगाकर गेंद रोक बाएँ हाथ से थ्रो करते,दोनों बैट्समैन नें दो बार 22 गज की पट्टी लांघी। विकेटकीपर डी-काक अगले ओवर के लिए जगह लेनें के लिए निकले हीं थे कि,तभी स्क्वायर-लेग पर खड़े अफ्रीकी अंपायर एड्रियन होल्डस्टाक की आवाज आती है.'Guys Lunch!' हर कोई हतप्रभ था,आखिर दो रन के लिए अंपायर 40 मिनट बाद खेल फिर शुरू करवाएँगे।

इंडियन कप्तान विराट कोहली से लेकर अफ्रीकी कप्तान मार्कराम तक सभी आश्चर्यचकित थें...दोनों कप्तान जानते थे कि इस मैच का एक हीं नतीजा हो सकता है,वह है टीम इंडिया की जीत!  आईसीसी का नियम कहता है कि जब कोई मैच या इनिंग खत्म होनेंवाली हो, तो खेल को निर्धारित समय से कुछ देर बढ़ाया जा सकता है। इसकी समय-सीमा टेस्ट मैच में आधे घंटे जबकि वनडे में 15 मिनट निश्चित है।

नियम के अनुसार तो अंपायरों नें 15 ओवर के बाद भी चार ओवर के लिए खेल बढ़वाया था। यह डिसीजन लेनें के लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र भी थे और सही भी। लेकिन जहाँ केवल 2 रनों से जीत होनेंवाली है,वहाँ खेल को रोकने से पहले दोनों अंपायरों को आपसी समझबूझ दिखाना था। होल्डस्टाक आईसीसी एलिट पैनल के अंपायर नहीं थे लेकिन अलीम डार तो एलिट पैनल के बेहद अनुभवी अंपायर हैं। अगर वे नियम को लेकर बाध्य थें,तो इस मामले में मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट को दखल देकर अगला ओवर भी डलवा देना चाहिए था। तब जबकि दोनों कप्तान खेल जारी रखनें को सहमत नजर आ रहे थे।

क्या होता अगर...

सेंचुरियन में मैच से पहले भी बारिश हुई थी। ऐसे में अगर उस लंच-ब्रेक के दौरान भारी बारिश हो जाती,फिर एक भी ओवर फेंका संभव नहीं होता तो मैच बेनतीजा समाप्त करना हीं एकमात्र उपाय था। ऐसा इसलिए क्योंकि आईसीसी के नियमानुसार डकवर्थ लुईस नियम से मैच का फैसला करनें के लिए दूसरी पारी में कम से कम 20 ओवरों का खेल होना जरूरी है। जबकि दूसरी पारी में तो केवल 19 ओवर हीं हुए थे। अगर ऐसा होता तो भारत अंपायरों के इस नासमझी भरे डिसीजन के कारण जीत से वंचित हो सकता था। मैदान में बैठे या टीवी पर मैच देख रहे दर्शकों को भी दो रन के लिए 40 मिनट का इंतजार करना पड़ा।

मैच में क्या हुआ...

सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट्स पार्क मैदान पर टीम इंडिया नें मेजबानों से पहले बल्लेबाजी करने को कहा। पहले विकेट के लिए डिकाक और अमला नें 39 रन जोड़ें लेकिम जैसे हीं दोनों आउट हुए मैच भारत का होता चला गया। लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल नें 22 रन देकर 5 जबकि चाइनामैन कुलदीप नें 20 रन देकर 3 विकेट लिया। इन दोनों के कलाई के बाजीगरी के आगे पूरी अफ्रीकी टीम नें केवल 118 रनों पर घुटनें टेक दिए। पहली पारी में जल्द खेल खत्म होनें पर अंपायरों नें 10 मिनट के ब्रेक के बाद वापस खेल शुरू करा दिया। रोहित शर्मा जल्द आउट हो गए लेकिन शिखर धवन और विराट कोहली नें कोई झटका नहीं लगनें दिया। 19 ओवरों में जब स्कोर 117 पहुँच चुका था जिसमें धवन के नाबाद 51 जबकि कोहली के नाबाद 44 रन थें। और तब अंपायरों नें यह विवादास्पद डिसीजन लिया। हालांकि 40 मिनट बाद जब खेल शुरू हुआ तो 9वीं गेंद पर कोहली नें डबल लेकर औपचारिकता को पूरा किया। भारत नें सीरिज में 2-0 की अहम बढ़त भी बना ली है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम से कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री काफी क्षुब्ध नजर आ रहे थें।

क्या हो सकता है अब..

इस बात की संभावना बेहद कम है कि आईसीसी इस घटना के बाद नियम में कोई बदलाव करे। लेकिन क्रिकेट की अग्रणी संस्था जरूर अपनें अंपायरों और मैच आफिशियल्स को इस तरह के विशेष परिस्थिति में अपनें स्व-विवेक का इस्तेमाल करनें की आजादी दे सकती है। इस तरह की घटना हमेशा नहीं होती लेकिन जब भी होती है सवाल क्रिकेट चलानें वाली संस्था आईसीसी पर खड़े होते हैं।

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