खेल

गर्व करिए, भारत के लड़के अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप में परचम लहरा रहे हैं.. सेमीफाइनल में सामनें पाकिस्तान है!

दिन 26 जनवरी 2018 का, मतलब पूरा भारत देश 69 वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा था। स्कूल से लेकर सरकारी संस्थान,सार्वजनिक जगहों पर झंडातोलन हो रहा था। ठीक उसी समय 19 साल से कम उम्र के 11 भारतीय लड़के न्यूजीलैंड के क्वींसटाउन में क्रिकेट खेलनें में मग्न थें। वो भी कोई छोटे टूर्नामेंट में नहीं,बल्कि अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल में जगह बनानें के लिए बांग्लादेश से लोहा ले रहे थे।

जब भारत में झंडा फहराया जा रहा था,वहाँ भारतीय गेंदबाज बांग्लादेश का विकेट झाड़ रहे थे,वो भी गुच्छों में। तभी साफ हो गया था कि आज जूनियर टीम इंडिया हमें गणतंत्र दिवस का गिफ्ट देगी। पहले बैटिंग करते हुए भारत नें 265 रन बनाए,चार गेंद पहले हीं सारे विकेट गिर गए। लेकिन गेंदबाजी तो ऐसी,जिसनें बांग्लादेश को 134 रनों पर हीं बुक कर दिया। सब खुश हैं,राहुल द्रविड़ के लड़के सेमीफाइनल में पहुँच चुके हैं।

मतलब ट्रॉफी से दो कदम की दूरी पर। भारत के अंडर-19 लड़के को सेमीफाइनल में  सामना उस टीम से करना है,जिसके सामनें आते हीं भारत में त्योहार जैसा माहौल हो जाता है,लोग टीवी से चिपक जाते हैं। हाँ हाँ आप सही सोंच रहे हैं.. अपना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान.. चाहे सीनियर टीम हो या जूनियर,मेंस हो या वीमेंस, हाकी हो या क्रिकेट.. सामनें अगर पाकिस्तान हो तो सारी बातें एक साथ याद आ जाती है। कोई और मैच हो तो मिस भी हो जाए,लेकिन पाकिस्तान वाला मैच तो ना बाबा ना !

अब मैच पाकिस्तान से है तो बस एक हीं उम्मीद और कामना होती है,हर हाल में जीत जीत और केवल जीत। तो चलिए नजर डाल लेते हैं अपनें शूरवीरों पर....भारत की सीनियर टीम भले हीं सीरिज हार गई हो, लेकिन जूनियरों नें दस्तक दे दी है। एक पर एक बैट्समैन,जबर्दस्त ऑलराउंडर, लाजवाब स्पिन चौकड़ी...पेसर तो ऐसे जो हैं मात्र 18 साल के,लेकिन एक भी गेंद 140 किमी/घंटा से कम स्पीड पर नहीं फेंकते।

ओपनिंग में मुंबई के आक्रामक बैट्समैन पृथ्वी शा उतरते हैं,पंजाबी तड़का मंजोत कालरा के साथ। पहले तो इनसे निपटना हीं टेढ़ी खीर है। पहले मैच में हीं आस्ट्रेलिया के खिलाफ पृथ्वी नें 94 और मंजोत नें 86 रन बनाकर अपना परिचय दे दिया था। जिस स्थान पर सीनियर टीम में विराट आते हैं न,उसी नंबर पर आता है पंजाबी छोरा शुभमन गिल। इन्हें खेलते देखकर लगता है कि बैटिंग के सभी विधाओं का इसे भरपूर ज्ञान है। रूक के खेलता है,जरूरत पड़नें पर गेंदबाजों को दौड़ा दौड़ा के भी मारता है। हिमांशु राणा भी एक गजब का बल्लेबाज है,लेकिन क्वार्टर फाइनल में टीम में जगह हीं नहीं मिली।

विकेटकीपर हैं सौराष्ट्र के हार्विक देसाई,जिंबाब्वे के खिलाफ गिल के साथ इन्हें ओपनिंग करनें भेजा गया। खुद अर्द्धशतक मारा हीं,साथ में टीम को दस विकेट से जीत दिलाई। ऑलराउंडर की बात करें तो अभिषेक शर्मा,अनुकूल राय के रूप में बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ी हैं,जो लगातार बैटिंग और बाएँ हाथ की गेंदबाजी से प्रभावित कर रहे हैं। शिवा सिंह लेफ्ट आर्म और रियान पराग दाएँ हाथ का स्पिनर इस गेंदबाजी लाइनअप को मजबूत करता है।

अब बात टीम के तेज गेंदबाजों की,जिन्होंने पूरी की पूरी महफिल हीं लूट रखी है....कमलेश नागरकोटी,शिवम मावी और ईशान पोरेल, इन तीनों के गति की तो दुनिया कायल हो चुकी है। सही से अभी 18 के भी नहीं हुए हैं लेकिन कोई भी गेंद 140 से कम गति से फेंकते नहीं है। इस टीम के आगे ऑस्ट्रेलिया,पापुआ न्यू गिनी,जिम्बाब्वे और बांग्लादेश की टीमें घुटने टेक चुकी है ..और अब बारी है पाकिस्तान की।

30 जनवरी को जब आप सोकर उठेंगे तो एक इनिंग खत्म हो चुकी होगी...इसलिए अगर भारत-पाक के इस महामुकाबले को देखना चाहते हैं तो 30 के भोर में 3 बजे स्टार स्पोर्ट्स वन या हाटस्टार लगा लिजिएगा ..वरना बहुत कुछ मिस कर जाइएगा। सीनियर टीम का मैच तो सब देखते ही हैं, अब मौका है अपनें अंडर-19 किशोरों का भी हौसला बढ़ाया जाए। आईपीएल नीलामी में तो कुछ पर खूब पैसे लुटे हैं,अब बस आप कुछ घंटे का समय निकाल लिजिए.....विश्वास मानिए,अंडर-19 में ऐसी टीम बार-बार नहीं मिलती।

यह भी पढ़ें :

वो 5 भारतीय कप्तान जिन्होंने बदल कर रख दी हिन्दुस्तान की क्रिकेट की किस्मत

सिर्फ एक कान से ही सुन पाता है ये भारतीय क्रिकेटर

कभी आत्महत्या करने जा रहा था ये भारतीय क्रिकेटर, फिर जिंदगी ने ऐसे मारी यूटर्न

Facebook Comments
Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
http://www.thenationfirst.com

Leave a Reply