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विश्लेषण: चोटिल खिलाड़ियों से भरी 'केकेआर' बाकी टीमों के मुकाबले है कमजोर

आईपीएल के शुरूआत में शाहरूख खान की रेड चिलिज एंटरटेनमेंट और जूही चावला नें पार्टनरशिप में कोलकता नाइराइडर्स को खरीदा. टीम जब कोलकता की हो, तो 'प्रिंस ऑफ कोलकता' कैसे इग्नोर किए जा सकते हैं. सौरव गांगुली को पहले सीजन में टीम का कप्तान बनाया गया. क्रिस गेल, ब्रेंडन मैकुलम, डेविड हसी, एंजेलो मैथ्यूज, रिकी पोंटिंग, ब्रैड हॉज, ईशांत शर्मा , अजीत अगरकर, मुरली कार्तिक जैसे बड़े नाम पहले सीजन की  टीम में थे. पहले मैच में ब्रेंडन मैकुलम के बेहतरीन 72 गेंदों पर 158 रनों की पारी छोड़ दी जाए तो उस सीजन केकेआर के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हुआ.

टीम नीचें से तीसरे नंबर पर रही.  अगले सीजन में गांगुली को कप्तानी से हटाकर मैकुलम को कप्तान बनाया गया लेकिन कहानी इस बार और ज्यादा खराब, टीम केकेआर अंतिम नंबर पर रही. 2010 में वापस कप्तान बनें 'दादा' , एक बार उनकी कप्तानी में टीम 6वें नंबर पर रही. 2011 में आईपीएल की नीलामी हुई, जिसमें कोलकता नें गांगुली को नहीं खरीदा. बंगाल हीं नहीं देशभर में मौजूद गांगुली समर्थकों नें जबर्दस्त विरोध किया. हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, केकेआर के बहिष्कार की धमकी दी गई.

इतना सब होनें के बाद जरूरी था कि केकेआर की नई टीम अच्छा प्रदर्शन करके अपनें फैंस का विश्वास जीते. नीलामी में खरीदे गए गौतम गंभीर को कप्तान बनाया गया, शाकिब अल हसन और युसुफ पठान जैसे खिलाड़ी को टीम में लिया गया. गंभीर के कप्तानी में केकेआर पहली बार नॉकआउट चरण में पहुँची. 2012 वह साल था जब केकेआर की किस्मत बदली, सुनील नरेन नाम के एक फिरकी वेस्टइंडीयन,  टीम में शामिल हुआ और फिर पूरे सीजन बल्लेबाजों को खूब नचाया.

केकेआर नें पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया वह भी चेन्नई जैसी मजबूत टीम को हराकर. 2013 में नौं टीमों में केकेआर का नंबर 7वाँ रहा. 2014 में केकेआर नें रॉबिन उथप्पा,  मनीष पांडेय, सूर्यकुमार यादव, उमेश यादव जैसे खिलाड़ियों को टीम में जोड़ा और फिर किंग्स इलेवन पंजाब को हराकर दूसरी बार खिताब भी जीता. केकेआर के लिए 2015 का सीजन अच्छा नहीं गया लेकिन 2016 और 2017 में टीम आईपीएल के प्लेऑफ तक पहुँची.

2018 में कैसी है केकेआर की टीम, संभावित एकादश:-

इस बार केकेआर नें अपनें सबसे ज्यादा रन बनानें वाले गौतम गंभीर को रिटेन नहीं किया. कोलकता फ्रेंचाइजी नें अन्य के मुकाबले सबसे कम खिलाड़ी खरीदें हैं. सबसे बड़ी समस्या विदेशी खिलाड़ियों की चोट को लेकर है. मिचेल स्टार्क बाहर हो चुके हैं, उनकी जगह अंग्रेज पेसर टॉम कुर्रान आए हैं. मिशेल जॉनसन सर में लगी चोट से लगभग उबर चुके हैं.

आंद्रे रसेल भी चोट से निकलकर वापस मैदान पर लौट चुके हैं.  लेकिन ये दोनों क्या अपना 100% दे पायेंगे, यह गंभीर सवाल हैै. सुनील नरेन के गेंदबाजी एक्शन को पीएसएल के दौरान रिपोर्ट किया गया है. अगर फिर पकड़े जाते हैं तो वह बॉलिंग नहीं कर पायेंगे. विस्फोटक क्रिस लिन भी कंधे की चोट से हाल हीं में उबरे हैं, उनपर भी शुरूआत से अच्छा करनें की जिम्मेदारी होगी.

बैटिंग में दिनेश कार्तिक, रॉबिन उथप्पा, नीतिश राणा, शुभमन गिल, इशांक जग्गी के होते हुए मिडिल ऑर्डर मजबूत है, वहीं ओपनिंग में लिन के साथ नरेन आ सकते हैं. रसेल के रूप में ऑलराउंडर है वहीं नरेन के साथ पीयूष चावला और कुलदीप यादव , अलग वेरायटी के स्पिनर हैं. तेज गेंदबाजी में विनय कुमार के अलावा देशी नाम में अंडर 19 स्टार शिवम मावी और कमलेश नागरकोट्टी का नाम है. विदेशी पेसर्स में जॉनसन के अलावा टॉम कुर्रान भी मौजूद हैं.लेकिन कम खिलाड़ी खरीदनें से हर विभाग में बेहद सीमित ऑप्शन हैं जो अन्य टीमों के मुकाबले इसे कमजोर करती है.

संभावित एकादश: क्रिस लिन,सुनील नरेन,रॉबिन उथप्पा,दिनेश कार्तिक,नीतिश राणा

शुभमन गिल/इशांक जग्गी,आंर्दे रसेल,पीयूष चावल,कुलदीप यादव,विनय कुमार, जॉनसन/कुर्रान

अन्य: शिवम मावी, कमलेश नागरकोट्टी, कैमरन डेलपोर्ट, रिंकू सिंह, अपूर्व वानखड़े, जैवन सियर्ल्स

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