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सिर्फ एक कान से ही सुन पाता है ये भारतीय क्रिकेटर

13 दिसंबर 2017 को मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले 18 वर्षीय आलराउंडर वाशिंगटन सुंदर तो याद है न!

वाशिंगटन सुंदर का जन्म 5 अक्टूबर 1999 को तमिलनाडु में हुआ था। अंतरराष्ट्रीय डेब्यू से पहले वो तमिलनाडु की रणजी टीम का हिस्सा थे। वाशिंगटन सुंदर आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के लिए खेलते थे और वहीं से वो एक स्टार खिलाड़ी के रूप में उभर कर सामने आए। सुंदर बाएं हाथ के बल्लेबाज तथा दाएं हाथ के गेंदबाज हैं।

भारत की अंडर 19 में उन्हें बतौर बल्लेबाज चुना गया था वहीं उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण बतौर गेंदबाज किया है। अब आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि वाशिंगटन सुंदर किस लेवल के खिलाड़ी हैं कि वो कभी गेंदबाज तो कभी बतौर बल्लेबाज टीम में चुने जाते हैं।

खैर, आज हम आपको बताने वाले हैं वाशिंगटन सुंदर की वो बात जिसे सुनकर पहले तो आप हैरान और फिर आश्चर्यचकित होंगे।
दरअसल टीम इंडिया का ये युवा खिलाड़ी सिर्फ एक कान से ही सुन पाता है । जब वाशिंगटन सुंदर 4 साल के थे तब उन्होंने गौर किया कि वो एक कान से नही सुन पाते है फिर उन्होंने ये समस्या अपने माता पिता को बताई । बहुत इलाज के बाद डॉक्टरों ने इसे लाइलाज बीमारी करार दिया और इस तरह वाशिंगटन अपने एक कान से हमेशा के लिए बहरा रह गए।

वाबजूद इसके उन्होंने क्रिकेट में अपना ध्यान लगाया और जी तोड़ मेहनत की । जिसके बाद 2016 में तमिलनाडु की रणजी टीम उनका चयन हुआ और फिर आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स में। महज 18 साल की छोटी उम्र में वाशिंगटन सुंदर ने अपनी कामयाबी से इस बीमारी को बौना बना दिया ।

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