इश्क में वो अंतिम बरसाती रात
कहानी

लघु कथा : इश्क में वो अंतिम बरसाती रात

प्रोमो

आखिर क्यों वो मुझे घसिटतें हुए ले जा रही थी मै कुछ समझ नहीं पा रहा था किचेन में अभी भी कुकर की सिटी लग रही थी सी सी कर और मेरा दिल पी पी कर धड़क रहा था की अचानक से एक अधेड़ उम्र औरत की आवाज आई कमरे में बंद कर दे हराम के पिल्ले को और वो लड़की मुझे रूम में बंद कर जैसे ही बहार की ओर जाने को हुई की ठाई ठाई कर दो बार गोली चलने की आवाज़े आई पता नहीं ये सब क्या हो रहा था मेरे साथ मै कुछ समझ नहीं पा रहा था.

स्टोरी स्टार्ट

आज मै बहुत खुश था क्योकि सीनू शादी के लिए मान गई थी अभी सीनू से ही तो फ़ोन पर बात कर रहे थे हम दोनों कॉलेज के समय से ही दोस्त थे और फिर दोस्ती कब प्यार में बदल गया हमे पता ही नहीं चला. जिस प्रकार हर प्रेमी जोड़ा एक दुसरे को लेकर अच्छे अच्छे सपने देखा करते हैं ठीक उसी प्रकार हम भी देखतें थे लेकिन क्या जाने शायद किस्मत को ये मंजूर ही नहीं था की हम दोनों एक साथ रहे हाय रे भाग्य.

पता नहीं कौन सा मनहूस दिन था वो मै और सीनू कॉलेज से निकल कर घर की ओर जा रहे थे सब कुछ नार्मल था हम दोनों बहुत खुश थे तभी सीनू के बापू दिखे हाथ में गन लिए पता नहीं क्या इंस्ट्रक्शन दे रहे थे एक अधेड़ उम्र हवसी टाइप आदमी को . हम दोनों डर गए थे कहीं देख न ले इस लिए वही छुप गए लेकिन होनी को कौन टाल सकता है एक हवसी ने देख ही लिया वो जा कर सीनू के पापा को बता दिया बीबी जी को एक लड़के के साथ देखा है .

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यूग हमें जल्दी यहाँ से निकलना होगा पापा बहुत ख़तरनाक आदमी है अगर तुम हाथ लग गए न तो फिर भगवान ही बचा सकता है ओके ओके जानू कूल डाउन हम निकल जाएँगे और फिर हम दोनों पतली गली पकड़ लिए जो हमारे कॉलेज से कुछ दूरी पर रेस्टुरेंट जहाँ हम छिपे थे के पीछे से होकर जाती थी.

कोबरा क्रेकर जी हाँ यही नाम था उस बन्दुक धारी का वो सीनू के पिता नहीं साक्षात दानव था दानव बड़े बड़े आँख मोटे मोटे ओठ भयावह चेहरा वातावरण में हलचल मचाने वाली भयंकर आवाज लेकिन पता नहीं इतनी खुबसूरत बेटी कैसे पैदा हो गया इसका जाम पे जाम पिए जा रहा था तभी एक खुबसूरत आवाज आई बॉस काम हो गया नहीं अभी नहीं मुझे वो लड़का चाहिए फिर जश्न मनेगा 4 घंटें हैं तेरे पास 4 घंटे में लड़का मेरे पास चाहिए नहीं तो कोबरा का क्रेक हुआ तो पता ही है क्या करता है ये क्रेकर जाओ ...!!

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मै अपने फ्लैट में अकेले रहता था कैसे कैसे सीनू के बापू से बच कर घर तक आए थे और नास्ता कर के अभी रात के खाने के लिए दाल कूकर में चढ़ाया ही था की बाहर मुझे कुछ हलचल सी सुनाई दी मै ने इग्नोर कर दिया फिर हलचल हुई मैं ने खिड़की खोल कर देखा बाहर बारिश बहुत तेज हो रही थी लेकिन उसी बारिश में मुझे कुछ टांगो की भी हलचल सुनाई दी लेकिन और कुछ मै देख पाता उस से पहले कूकर ने सिटी बजा दी मै दौड़ कर सिटी बंद करने चला गया

क्योकि कूकर जरा ख़राब था मेरा मै अभी छोलनी से कूकर का सिटी दबा ही रहा था की दरवाजे पर दस्तक हुई मै ने जैसे ही दरवाजा खोला एक नकाबपोश लड़की सामने खड़ी थी  जी क्या काम !!! वो कुछ नहीं बोली मै कुछ समझ पाता उस से पहले ही एक झटके में ही मुझे गिरा दिया और बाल पकड़ कर घसिटतें हुए बाहर की ओर चल दिया आखिर क्यों वो मुझे घसित्तें हुए ले जा रही थी

मै कुछ समझ नहीं पा रहा था किचेन में अभी भी कुकर की सिटी लग रही थी सी सी कर और मेरा दिल पी पी कर धड़क रहा था मै बिलख बिलख कर उस से पूछ रहा था आखिर मै ने क्या किया है क्यों मुझे ऐसे ले जा रही हो लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं उसने मुझे गाड़ी के डिक्की में डाला और पता नहीं किस ओर चल दिया कुछ मिनटों बाद गाड़ी एक खंडहर नुमा बंगले के पास रुकी और वो मुझे डिक्की से निकाल कर फिर से वही ढर्रा अपनातें हुए

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बंगले के अन्दर ले जा रही थी की अचानक से एक अधेड़ उम्र औरत की आवाज आई कमरे में बंद कर दे हराम के पिल्ले को और वो लड़की मुझे रूम में बंद कर जैसे ही बाहर की ओर जाने को हुई की ठाई ठाई कर दो बार गोली चलने की आवाज़े आई और वो लड़की वहीँ ढेड़ हो गई पता नहीं ये सब क्या हो रहा था मेरे साथ मै कुछ समझ नहीं पा रहा था.

सामने सीनू के पापा थे जो एकदम डरावनी आवाज में हँस रहा था देखा क्या हश्र हुआ इसका कोबरा क्रेकर के सामने गलती करने वालो की इस दुनिया में कोई जगह नहीं कुछ छन पहले तक ये मेरा ही पालतू कुतिया थी अब अल्लाह के हाँ हाँ हाँ हनाआआआआआआअ पर तू ने तो बहुत बड़ी गलती की है सीनू से प्यार कर के तुझे तो जाना है ही लेकिन तू ने सीनू से प्यार किया है इस लिए तेरी बॉडी को मगरमच्छ को नहीं खिलाऊंगा समुन्दर में फिकवा दूंगा और ठाई ठाई गोली चली और मै नीचे गिरा लेकिन हिम्मत नहीं हारा

बाहर की ओर लपका ओझल आखों से मैं ने देखा सीनू इधर ही दौड़ती हुई आ रही थी बारिश भी उफाने मार कर बरश रही थी सीनू इस हालत में मुझे देख कर पागल हो गई थी वो मुझसे लिपट कर मुझे चूमने लगी और मेरे होठ चूसते हुए बदहवास सी बोले जा रही थी तुझे कुछ नहीं होगा मै तुझे कुछ नहीं होने दूंगी की तभी मेरे पीछे एक एक कर ठाई ठाई चार पांच गोलिया लगी और मै सीनू के कंधे पर झूल गया.

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