कहानी

पुत्र रत्न

एक बार ऋषि मेरे घर पधारे ऋषि तो ऋषि होतें है सो उन्होंने बोल दिया तेरे घर बेटा होवेगा लेकिन व संस्कारी + कुसंस्कारी दोनों गुण उन में मौजूद होवेगा बस इतना बोल के वह चुप हो गया ! वह सिर्फ कपड़ो से ऋषि लगता था देखने से तो वह बिलकुल पागल प्रतीत होता था […]

6,697 total views, 6 views today

इतिहास के पन्नों से कहानी देश

हिंदुस्तान का वो क्रांतिकारी जो अपने बुढ़ापे में भी अंग्रेजो के लिए काल बना

वैसे तो बिहार की धरती ने कई वीर योद्धाओं को जन्म दिया है लेकिन आज मैं एक ऐसे वीर योद्धा की बात कर रहा हुं जो हर मायने मे खास था जिसने अपने युद्ध कला से अंग्रजों के पसीने छुड़ा दिए . और ये कभी  अंग्रजों के हाथ नही आए । अंग्रेजों ने जब-जब इन्हें […]

6,180 total views, 10 views today

कहानी

जब रो परी थीं मां

मां एक ऐसा शब्द है जिसके उच्चारण मात्र से ही मन को अपार शांति प्राप्त होती है जिस तरह से समंदर अपने आगोस मे सारे नदीयों को भर लेता है चाहे उनमे कितनी ही गंदगी क्यों ना हो उसी तरह से मां का हृदय भी होता है । अपनी सुख सुविधा को त्याग कर अपने […]

3,870 total views, 5 views today

Ek mahan yoddha hone ke bawajood arjuna asuraksha ki bhavna se ghira rha
कहानी

एक महान योद्धा होने के बावजूद अर्जुन क्यों हमेशा असुरक्षा की भावना से घिरा रहा

महाभारत का एक अहम पात्र था अर्जुन, जिसमें बहुत सारी खूबियों के बावजूद एक असुरक्षा की भावना हमेशा रही। आखिर वह किस चीज से खुद को असुरक्षित महसूस करता था ? मार्शल आर्ट्स की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए पांडवों और कौरवों को अपनी योग्यता का प्रदर्शन करना था ताकि वो नागरिकों के बीच […]

3,658 total views, 18 views today