कहानी

पुत्र रत्न

एक बार ऋषि मेरे घर पधारे ऋषि तो ऋषि होतें है सो उन्होंने बोल दिया तेरे घर बेटा होवेगा लेकिन व संस्कारी + कुसंस्कारी दोनों गुण उन में मौजूद होवेगा बस इतना बोल के वह चुप हो गया ! वह सिर्फ कपड़ो से ऋषि लगता था देखने से तो वह बिलकुल पागल प्रतीत होता था […]

इतिहास के पन्नों से कहानी देश

हिंदुस्तान का वो क्रांतिकारी जो अपने बुढ़ापे में भी अंग्रेजो के लिए काल बना

वैसे तो बिहार की धरती ने कई वीर योद्धाओं को जन्म दिया है लेकिन आज मैं एक ऐसे वीर योद्धा की बात कर रहा हुं जो हर मायने मे खास था जिसने अपने युद्ध कला से अंग्रजों के पसीने छुड़ा दिए . और ये कभी अंग्रजों के हाथ नही आए । अंग्रेजों ने जब-जब इन्हें […]

जब रो पड़ी थी मां | mother's day
कहानी

जब रो पड़ी थीं मां

मां एक ऐसा शब्द है जिसके उच्चारण मात्र से ही मन को अपार शांति प्राप्त होती है जिस तरह से समंदर अपने आगोश में सारे नदीयों को भर लेता है चाहे उनमे कितनी ही गंदगी क्यों ना हो उसी तरह से मां का हृदय भी होता है । अपनी सुख सुविधा को त्याग कर अपने […]

Ek mahan yoddha hone ke bawajood arjuna asuraksha ki bhavna se ghira rha
कहानी

एक महान योद्धा होने के बावजूद अर्जुन क्यों हमेशा असुरक्षा की भावना से घिरा रहा

महाभारत का एक अहम पात्र था अर्जुन, जिसमें बहुत सारी खूबियों के बावजूद एक असुरक्षा की भावना हमेशा रही। आखिर वह किस चीज से खुद को असुरक्षित महसूस करता था ? मार्शल आर्ट्स की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए पांडवों और कौरवों को अपनी योग्यता का प्रदर्शन करना था ताकि वो नागरिकों के बीच […]